उन्नाव में 151 गरीब कन्याओं को मिलेगा शिक्षा का उपहार, नवरात्रि में अनूप मिश्रा की अनूठी पहल

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रिपोर्टर- हरिशंकर शर्मा

उन्नाव। नवरात्रि के पावन अवसर पर कन्या पूजन की परंपरा को शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की एक अनूठी पहल सामने आई है। उन्नाव पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा की ओर से “कन्याओं का पूजन करें और शिक्षा का अवसर दें” मुहिम शुरू की जा रही है। इस पहल के तहत परिषदीय और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 151 छात्राओं को स्कूल बैग और स्टेशनरी सामग्री उपहार स्वरूप दी जाएगी।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और आर्थिक परिस्थितियों के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न होने देना है। इसके साथ ही छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नवरात्रि के दौरान होने वाले कन्या पूजन को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए इस अभियान के जरिए बालिकाओं के भविष्य को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

कन्या पूजन के साथ शिक्षा का संदेश

सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा के अनुसार, समाज में बेटियों को सम्मान देने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा का पूरा अवसर देना भी जरूरी है। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए नवरात्रि में कन्याओं को पारंपरिक उपहारों के बजाय पढ़ाई से संबंधित सामग्री देने की पहल की गई है।

उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति भेदभाव को समाप्त करना और उन्हें शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना है। इसी भावना से प्रेरित होकर यह अभियान शुरू किया जा रहा है।

आमतौर पर अष्टमी और नवमी के अवसर पर कन्या पूजन के दौरान बच्चियों को प्लास्टिक के बर्तन, लंच बॉक्स, खिलौने या अन्य सामान दिए जाते हैं। हालांकि, इस पहल के माध्यम से स्कूल बैग, किताबें, कॉपियां और स्टेशनरी जैसी उपयोगी शैक्षिक सामग्री देने पर जोर दिया जा रहा है। इससे छात्राओं को पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन मिलेंगे और वे अपनी शिक्षा को अधिक उत्साह के साथ जारी रख सकेंगी।

151 छात्राओं को मिलेगा “शक्तिस्वरूपा सम्मान”

इस अभियान के तहत परिषदीय और सरकारी विद्यालयों से छात्राओं का चयन किया जा रहा है। शैक्षिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चयनित शिक्षकों के माध्यम से विद्यालयों से नौ-नौ मेधावी छात्राओं के नाम मांगे गए हैं। चयनित छात्राओं को “शक्तिस्वरूपा सम्मान” के तहत स्कूल बैग और शिक्षण सामग्री प्रदान की जाएगी।

इस पहल के जरिए छात्राओं को यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि उनकी शिक्षा और प्रतिभा समाज के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही, उन्हें अपने सपनों और लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा का मानना है कि एक शिक्षित बेटी न केवल अपने पैरों पर खड़ी होती है, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए बालिकाओं की शिक्षा में सहयोग करना भविष्य की पीढ़ियों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

“पुलिस की पाठशाला” में सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की सीख

नवरात्रि के दौरान “पुलिस की पाठशाला” के माध्यम से “शक्तिस्वरूपा” कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के लिए आत्मरक्षा के प्राथमिक गुर बताए जाएंगे। इसके अलावा उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी जाएगी। छात्राओं को 1090, 181 और 112 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के बारे में बताया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें।

इसके साथ ही छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्हें यह भी समझाया जाएगा कि किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से सहायता और शिकायत प्राप्त करना जरूरी है।

साइबर सुरक्षा पर भी होगा जागरूकता कार्यक्रम

वर्तमान डिजिटल दौर को देखते हुए “पुलिस की पाठशाला” में साइबर सुरक्षा को भी विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। छात्राओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने, अनजान लोगों से ऑनलाइन संपर्क में सावधानी बरतने और अपनी निजी जानकारी साझा न करने के बारे में जागरूक किया जाएगा।

इसके अलावा ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग जैसी समस्याओं से बचाव के उपाय भी बताए जाएंगे। छात्राओं को मजबूत पासवर्ड रखने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना संबंधित माध्यम को देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इस प्रकार, “कन्याओं का पूजन करें और शिक्षा का अवसर दें” अभियान केवल शैक्षिक सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे शिक्षा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

नवरात्रि के अवसर पर शुरू की जा रही यह पहल समाज में कन्या पूजन की परंपरा को शिक्षा के महत्व से जोड़ने का संदेश देती है। यदि बालिकाओं को शिक्षा के साथ सुरक्षित वातावरण और आगे बढ़ने के अवसर मिलें, तो वे अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। 151 छात्राओं को मिलने वाला यह शिक्षा उपहार उनके लिए न केवल उपयोगी सामग्री होगी, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रोत्साहन का माध्यम भी बनेगा।

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