श्री राधा जन्म महोत्सव भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया, अलबेली सरकार मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा। गोविंद नगर स्थित श्री अलबेली सरकार मंदिर में तीन दिवसीय श्री राधा जन्म महोत्सव भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में श्री राधा रानी के जयकारों, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की गूंज बनी रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर श्रीजी के दर्शन किए और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता की।
श्री राधा जन्म महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। इसके साथ ही मंदिर में होने वाले विशेष पूजन, अभिषेक और दर्शन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने श्री राधा रानी के चरणों में श्रद्धा अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।
कलश स्थापना और अखंड संकीर्तन से हुआ महोत्सव का शुभारंभ
तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान के साथ कलश स्थापना, गणेश पूजन और हरिनाम अखंड संकीर्तन से किया गया। संकीर्तन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हरिनाम संकीर्तन में भाग लिया और श्री राधा-कृष्ण के जयकारे लगाए।
इसके बाद महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। वहीं, पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन का क्रम चलता रहा, जिससे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
श्री राधाष्टमी पर हुआ श्री राधा रानी का विशेष अभिषेक
श्री राधाष्टमी के अवसर पर प्रातः पांच बजे श्री राधा रानी का विशेष अभिषेक किया गया। धार्मिक विधि-विधान से संपन्न हुए अभिषेक के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में मौजूद रहे। इसके बाद दोपहर 12 बजे श्रीजी के विशेष श्रृंगार दर्शन कराए गए।
विशेष श्रृंगार में श्री राधा रानी का मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे हजारों भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ श्रीजी के दर्शन किए। मंदिर परिसर में इस दौरान लगातार जयकारे और भजन गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं के लिए श्रीजी के दर्शन का यह अवसर विशेष रहा। भक्तों ने दर्शन के बाद मंदिर में आयोजित अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। इस प्रकार श्री राधाष्टमी का दिन मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।
चाव का डोला बना आकर्षण का केंद्र
महोत्सव के अंतर्गत श्रीजी की चाव का डोला शाम पांच बजे गलतेश्वर महादेव मंदिर से निकाला गया। ठाकुर श्री राधा-कृष्ण के स्वरूपों के साथ निकली डोला यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान भक्त भजन-कीर्तन करते हुए और श्री राधा रानी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।
डोला यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। भक्तिमय वातावरण के बीच यात्रा अलबेली सरकार मंदिर पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालु धार्मिक जयकारे लगाते रहे। वहीं, यात्रा में शामिल भक्तों ने श्री राधा-कृष्ण के स्वरूपों के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
डोला यात्रा के मंदिर पहुंचने के बाद भी धार्मिक कार्यक्रमों का क्रम जारी रहा। मंदिर परिसर में भजन और अन्य भक्तिमय प्रस्तुतियों ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।
भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भक्तिमय हुआ वातावरण
महोत्सव के दौरान बाहर से आए कलाकारों और भक्तों ने विभिन्न भक्ति प्रस्तुतियां दीं। भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते नजर आए।
इसके अलावा, महोत्सव के तीसरे दिन बधाई उत्सव के रूप में विशेष संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ब्रज के प्रसिद्ध कलाकारों और भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और ब्रज संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं को आनंदित किया।
बधाई उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन का आनंद लिया और श्री राधा रानी के जन्मोत्सव की खुशियां साझा कीं। इस दौरान मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए धार्मिक आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे।
77वां श्री राधा जन्म महोत्सव आयोजित
श्री राधानुग्रह कृष्णश्रम सेवा धाम ट्रस्ट के सचिव गौरांग शर्मा ने बताया कि श्री राधा जन्म महोत्सव संत श्री कृष्णा माँ द्वारा भक्तों को प्रदान की गई परंपरा का हिस्सा है। इसी परंपरा का निरंतर निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 77वां श्री राधा जन्म महोत्सव आयोजित किया गया।
गौरांग शर्मा ने कहा कि श्रीजी की कृपा से आने वाले वर्षों में भी इसी प्रकार श्रद्धालु और श्रीजी प्रेमी महोत्सव में शामिल होते रहें और भक्ति एवं आनंद प्राप्त करें, यही कामना है।
तीन दिवसीय श्री राधा जन्म महोत्सव के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ ब्रज की भक्ति परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों, डोला यात्रा, भजन-कीर्तन और बधाई उत्सव ने श्रद्धालुओं को श्री राधा रानी की भक्ति से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।
इस प्रकार गोविंद नगर स्थित श्री अलबेली सरकार मंदिर में आयोजित 77वां श्री राधा जन्म महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक रंगों के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रीजी के दर्शन कर धार्मिक आयोजनों का आनंद लिया और राधा-कृष्ण की भक्ति में अपनी आस्था प्रकट की।

