राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले ‘झूठ की गूंज’ पोस्टर, स्वागत के बीच बदला रूट
Digital UP News Desk
इंदौर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर 2026 को इंदौर दौरे से पहले शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले भंवरकुआं समेत शहर के कई इलाकों में राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए ‘झूठ की गूंज’ लिखे पोस्टर और बैनर दिखाई दिए। पोस्टरों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, इन पोस्टरों पर राहुल गांधी के कथित बयानों को लेकर सवाल उठाए गए थे। कुछ पोस्टरों में QR कोड भी लगाए गए थे, जिनके जरिए राहुल गांधी के पिछले कार्यक्रमों में किए गए कथित दावों से संबंधित सामग्री तक पहुंचने का दावा किया गया। एक रिपोर्ट में ऐसे करीब 40 दावों का उल्लेख होने की बात कही गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में पर्याप्त विवरण उपलब्ध नहीं है।
भंवरकुआं समेत कई इलाकों में दिखे पोस्टर
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले पोस्टर इंदौर के कई प्रमुख हिस्सों में लगाए गए। इनमें भंवरकुआं, गीता भवन, पलासिया, एमआर-9 और विजयनगर जैसे इलाके शामिल बताए गए हैं। छात्र बहुल भंवरकुआं क्षेत्र में पोस्टरों की मौजूदगी ने खास तौर पर लोगों का ध्यान खींचा। पोस्टरों पर ‘झूठ की गूंज’ के साथ ऐसे संदेश लिखे गए थे, जिनमें राहुल गांधी के राजनीतिक बयानों पर सवाल उठाए गए थे।
पोस्टर सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कई स्थानों पर पहुंचे और उन्हें हटाने का प्रयास किया। कांग्रेस नेताओं ने इस अभियान को राजनीतिक तौर पर प्रेरित बताया। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से कहा गया कि पोस्टर छात्रों की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए लगाए गए हैं। इस तरह कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही शहर में ‘छात्रों की गूंज’ बनाम ‘झूठ की गूंज’ को लेकर राजनीतिक बहस देखने को मिली।
एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट और शहर के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ नजर आई।
राहुल गांधी के स्वागत के लिए कई स्थानों पर स्वागत मंच तैयार किए गए थे। हालांकि, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए उनके आने-जाने के रूट में बदलाव किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, राहुल गांधी एयरपोर्ट से स्वागत कार्यक्रमों में लंबे समय तक रुकने के बजाय होटल की ओर रवाना हुए।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच बदला गया रूट
राहुल गांधी की यात्रा को देखते हुए इंदौर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की। रिपोर्टों में बताया गया कि शहर के कई मार्गों पर यातायात में बदलाव किए गए और भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा से जुड़ी कई शर्तें लागू की गईं।
कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजकों के लिए 31 शर्तें भी निर्धारित की थीं। इनमें मंच, पार्किंग, प्रवेश और निकास तथा भीड़ प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाएं शामिल थीं। पुलिस ने इन प्रबंधों को सुरक्षा आवश्यकताओं से जोड़ा, जबकि कांग्रेस नेताओं ने कुछ व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं से संवाद
राहुल गांधी का इंदौर दौरा मुख्य रूप से ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर है। कार्यक्रम का फोकस विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद पर रखा गया है। इससे पहले कांग्रेस की ओर से युवाओं को कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई थी। कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण की अनुमति भी ली गई थी।
कार्यक्रम के आयोजन को लेकर इससे पहले स्थल और भूमि उपयोग को लेकर भी विवाद सामने आया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर विकास प्राधिकरण ने निर्धारित अवधि से पहले सरकारी जमीन के उपयोग को लेकर कांग्रेस से अतिरिक्त भुगतान की मांग की। कांग्रेस ने इस मांग पर प्रशासनिक दबाव का आरोप लगाया, जबकि प्राधिकरण की ओर से इसे निर्धारित शर्तों से जुड़ा मामला बताया गया।
पोहा-जलेबी के जरिए इंदौर से जुड़ने की कोशिश
राजनीतिक गतिविधियों के बीच राहुल गांधी के इंदौर दौरे में शहर के पारंपरिक खान-पान की चर्चा भी हुई। कार्यक्रम से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर इंदौर के प्रसिद्ध पोहा-जलेबी का जिक्र किया। इससे उनके दौरे में स्थानीय संस्कृति और खान-पान का रंग भी जुड़ गया।
इंदौर का पोहा-जलेबी लंबे समय से शहर की पहचान से जुड़े लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल रहा है। राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी चर्चा देखने को मिली। इस तरह एक ओर जहां उनके दौरे से पहले राजनीतिक पोस्टर विवाद सुर्खियों में रहा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्वाद का जिक्र भी लोगों के बीच आकर्षण का विषय बना।
दौरे से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
कुल मिलाकर राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले शहर में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। एक तरफ कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए युवाओं और विद्यार्थियों से संवाद पर जोर दे रही है, तो दूसरी तरफ उनके आगमन से पहले लगाए गए ‘झूठ की गूंज’ पोस्टरों ने राजनीतिक बहस को बढ़ा दिया।
हालांकि, पोस्टरों को किसने लगाया, इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए इस मामले में दोनों पक्षों के आरोपों को राजनीतिक दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था, बदले हुए रूट और कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों के बीच राहुल गांधी का इंदौर दौरा राजनीतिक रूप से चर्चा में बना हुआ है।

