औरैया में मिठाई की दुकान के पास बेसमेंट में सिलेंडर फटा, चार लोग घायल
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में रविवार दोपहर सिलेंडर फटने की घटना से अफरा-तफरी मच गई। मुरादगंज चौराहे पर शिव शंभू स्वीट हाउस के बगल में बने बेसमेंट में अचानक सिलेंडर फट गया। धमाके की चपेट में आने से चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के इलाके में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की।
घायल चारों लोगों को पुलिस की मदद से उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी ली। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से सिलेंडर फटने के कारणों की जांच की जा रही है।
मुरादगंज चौराहे पर हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, मामला अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के मुरादगंज चौराहे का है। यहां शिव शंभू स्वीट हाउस के बगल में बेसमेंट बना हुआ है। इसी बेसमेंट में समोसे और अन्य खाद्य सामग्री तैयार करने का काम किया जाता था। रविवार दोपहर करीब एक बजे बेसमेंट में रखा सिलेंडर अचानक फट गया।
सिलेंडर फटने के बाद तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोग घबरा गए और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। हादसे की जानकारी तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। इसके बाद अजीतमल पुलिस टीम और दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे।
हालांकि, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति को नियंत्रित किया गया। घायल लोगों को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।
चार लोग हुए घायल, अस्पताल में उपचार जारी
सिलेंडर फटने की घटना में चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। घायलों की स्थिति के संबंध में अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना रही। इसके साथ ही घटनास्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए।
अपर पुलिस अधीक्षक ने लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की सूचना मिलने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों से हादसे की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से करीब एक बजे सिलेंडर फटने और चार लोगों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई थी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। इसके अलावा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजने के साथ ही घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई।
अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सिलेंडर आखिर किस वजह से फटा। इसलिए पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
फॉरेंसिक टीम करेगी जांच
घटना की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और वहां मौजूद परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, मौके के निरीक्षण के दौरान फटे हुए सिलेंडर का कोई टुकड़ा अभी तक बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में फॉरेंसिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञ घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाकर यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि सिलेंडर किन परिस्थितियों में फटा।
फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। इसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
घरेलू या कमर्शियल सिलेंडर, इसकी भी होगी जांच
हादसे के बाद एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी सामने आया है कि बेसमेंट में इस्तेमाल किया जा रहा सिलेंडर घरेलू था या कमर्शियल। पुलिस और प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं।
इसके लिए जिला आपूर्ति अधिकारी यानी डीएसओ और सप्लाई विभाग से जांच कराई जाएगी। संबंधित विभाग यह पता लगाएगा कि मौके पर किस प्रकार के सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था और उसका उपयोग नियमों के अनुरूप था या नहीं।
खाद्य सामग्री तैयार करने वाली जगहों पर गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए प्रशासन की जांच में इस पहलू को भी शामिल किया गया है।
फायर सेफ्टी इंतजामों की भी होगी जांच
सिलेंडर फटने की घटना के बाद प्रशासन की नजर दुकान और बेसमेंट में मौजूद फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी है। अधिकारियों की ओर से यह जांच की जा रही है कि वहां आग से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
इसके साथ ही फायर एनओसी की स्थिति की भी जांच कराई जाएगी। संबंधित विभाग यह देखेगा कि प्रतिष्ठान के पास आवश्यक अनुमति और सुरक्षा संबंधी प्रमाणपत्र मौजूद थे या नहीं।
दरअसल, खाद्य सामग्री बनाने वाले प्रतिष्ठानों में गैस सिलेंडर, गर्म तेल और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल होता है। इसलिए ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का पर्याप्त होना जरूरी माना जाता है। इसी वजह से घटना के बाद प्रशासन द्वारा फायर सेफ्टी से जुड़े पहलुओं की जांच को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।

