लखीमपुर खीरी में 17 सितंबर से 31 दिवसीय सेवा पर्व, डीएम ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश

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रिपोर्ट- शरद अवस्थी 

लखीमपुर-खीरी। सेवा संकल्प अभियान के तहत लखीमपुर-खीरी जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 31 दिवसीय सेवा पर्व का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जिले में जनभागीदारी, सामाजिक सेवा, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागवार तैयारियों की समीक्षा की और समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।

बैठक का संचालन मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों से प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत होने वाले कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहें, बल्कि इनमें अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही कार्यक्रमों की उपयोगिता और उनके प्रभाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

डीएम ने कार्ययोजना के साथ तैयारी पूरी करने के दिए निर्देश

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक कार्यक्रम के लिए विभागवार कार्ययोजना पहले से तैयार की जाए। आयोजन स्थल, प्रतिभागियों और लाभार्थियों की सूची, प्रचार-प्रसार, आवश्यक संसाधन तथा विभागीय समन्वय की व्यवस्था समय रहते पूरी की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि 31 दिनों तक चलने वाला यह सेवा पर्व व्यापक कार्यक्रम श्रृंखला का हिस्सा है। इसलिए इसे सामान्य या रूटीन गतिविधि के तौर पर न लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता और नवाचार के साथ कार्यक्रमों को आयोजित करने की अपेक्षा की।

इसके साथ ही डीएम ने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। संबंधित विभाग अपने दायित्वों को समयबद्ध ढंग से पूरा करें और आवश्यकता के अनुसार दूसरे विभागों के साथ समन्वय स्थापित करें। इससे अभियान के सभी कार्यक्रम व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संपन्न हो सकेंगे।

जिले में 12 प्रमुख कार्यक्रम होंगे आयोजित

मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने बैठक में बताया कि सेवा संकल्प अभियान के दौरान जिले में कुल 12 प्रमुख कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के लिए संबंधित विभागों और नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।

अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को सेवा दिवस के अवसर पर होगी। इस दिन शाम सात बजे लाभार्थियों, नागरिकों और प्रमुख बुनियादी ढांचा स्थलों पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से सेवा और जनभागीदारी का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

इसी दिन से ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ अभियान भी शुरू होगा। इसके तहत विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर चित्रकला, भाषण, निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को देश और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर अपनी सोच रखने का अवसर मिलेगा।

वहीं, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सांस्कृतिक टोलियों द्वारा नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इनके जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना से जुड़े संदेशों को आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर होंगे विशेष कार्यक्रम

सेवा पर्व के दौरान महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों पर भी विशेष जोर रहेगा। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं और माताओं की सहभागिता रहेगी। इसके अलावा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं और माताओं के सम्मान के साथ ‘हेल्दी बेबी’ प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

इस तरह सेवा पर्व को केवल प्रशासनिक कार्यक्रम न रखते हुए समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता से जोड़ने की योजना बनाई गई है।

लाभार्थियों की सफलता की कहानियां डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होंगी साझा

अभियान के तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की सफलता की कहानियों को भी सामने लाया जाएगा। इसके लिए ‘सेवा की कहानी’ अभियान चलाया जाएगा। इसमें लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को 60 सेकंड की रील्स के माध्यम से संकलित किया जाएगा और निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य यह बताना है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों के जीवन में किस प्रकार बदलाव ला रहा है। डिजिटल माध्यम से इन कहानियों को अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

इसके अलावा ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंडों और नगरीय निकायों में सात दिवसीय बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को विभिन्न सेवाओं और योजनाओं से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। मौके पर आवेदन प्राप्त करने, पात्रता सत्यापन तथा दिव्यांग कल्याण से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।

श्रमदान से लेकर नवाचार तक होंगे कार्यक्रम

सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा भावना को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए कई अन्य गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। इनमें ‘वड़नगर से वाराणसी यात्रा-जल, जन और सेवा संकल्प’‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ और ‘सेवा मेरा योगदान’ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

‘सेवा मेरा योगदान’ के अंतर्गत श्रमदान और मानव समूह रंगोली जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं, युवाओं और नवाचार से जुड़े प्रतिभागियों के लिए ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सेवा और जनकल्याण से जुड़े नए विचारों को प्रोत्साहित करना होगा।

इसके अलावा ऐतिहासिक स्मारकों पर लेजर शो, तीर्थ स्थलों पर महायज्ञ तथा ग्राम चौपालों और पुस्तकालयों के लोकार्पण जैसे कार्यक्रम भी सेवा पर्व का हिस्सा होंगे। विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को जिला स्तर पर सम्मानित किए जाने की भी योजना है।

17 अक्टूबर को होगा सुशासन सेवा संवाद

31 दिवसीय सेवा पर्व का समापन 17 अक्टूबर को जनप्रतिनिधियों के ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ होगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर संवाद स्थापित किया जाएगा।

प्रशासन की ओर से सभी कार्यक्रमों को निर्धारित समय के अनुसार आयोजित कराने के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रमों की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सेवा, सुशासन और जनकल्याण को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास

प्रशासन के अनुसार सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवाकाल, सुशासन और गरीब कल्याण से जुड़ी उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के 12 वर्षों और राज्य सरकार के 10 वर्षों के विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित उपलब्धियों और आंकड़ों को लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

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