यूपी विधानसभा चुनाव से पहले 54 जिलों में EVM की First Level Checking की तैयारी तेज

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Digital UP News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां लगातार तेज होती जा रही हैं। चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की प्रथम स्तरीय जांच यानी First Level Checking (FLC) की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के शेष 54 जिलों में ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच कराने की तैयारी की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में ईवीएम की FLC पहले ही पूरी की जा चुकी है। अब बाकी जिलों में इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए मंडल स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अधिकारियों को ईवीएम की जांच की प्रक्रिया, तकनीकी मानकों और आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।

चुनाव से पहले EVM की तकनीकी जांच पर जोर

विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनें तकनीकी रूप से सही स्थिति में हों और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम कर रही हों। FLC के दौरान ईवीएम की कार्यक्षमता तथा तकनीकी स्थिति की जांच की जाती है।

इसके अलावा, यह भी देखा जाता है कि मशीनों में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या तो नहीं है और वे चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल के लिए निर्धारित मानकों पर खरी उतरती हैं। इस पूरी प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

दरअसल, चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर होता है। ऐसे में चुनाव से काफी पहले मशीनों की तकनीकी जांच पूरी करना प्रशासन की तैयारियों का अहम हिस्सा है। यही वजह है कि अब प्रदेश के उन जिलों में FLC की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जहां यह जांच अभी बाकी है।

21 जिलों में पहले चरण की FLC पूरी

उत्तर प्रदेश में ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश के 21 जिलों में FLC पूरी हो चुकी है। इसके बाद अब शेष 54 जिलों में जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

इसके लिए संबंधित जिलों के अधिकारियों को पहले तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह बताया जाएगा कि FLC की प्रक्रिया किस तरह पूरी करनी है, किन तकनीकी बिंदुओं की जांच करनी है और निर्धारित प्रक्रिया का किस प्रकार पालन करना है।

इससे अधिकारियों को मौके पर ईवीएम की जांच के दौरान आने वाली तकनीकी परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। साथ ही, पूरी प्रक्रिया को एक समान मानक के तहत संचालित करने में भी आसानी होगी।

वाराणसी में शुक्रवार को होगी कार्यशाला

शेष जिलों में FLC की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को वाराणसी में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में छह मंडलों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी BEL के इंजीनियर भी शामिल होंगे।

BEL के तकनीकी विशेषज्ञ अधिकारियों को ईवीएम से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी देंगे। कार्यशाला में FLC के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, मशीनों की तकनीकी स्थिति की जांच और उनकी क्रियाशीलता से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।

इसके साथ ही अधिकारियों को यह भी समझाया जाएगा कि जांच के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जाना है। इस तरह की कार्यशालाओं का उद्देश्य अधिकारियों को प्रक्रिया के प्रति पूरी तरह तैयार करना है, ताकि जिलों में FLC का कार्य निर्धारित तरीके से पूरा कराया जा सके।

14 सितंबर को लखनऊ में होगी दूसरी कार्यशाला

वाराणसी के बाद 14 सितंबर को लखनऊ में भी अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में सात मंडलों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान भी ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर जानकारी साझा की जाएगी।

इस प्रकार वाराणसी और लखनऊ में आयोजित होने वाली कार्यशालाओं के माध्यम से अलग-अलग मंडलों के अधिकारियों को FLC की प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद संबंधित अधिकारी अपने-अपने जिलों में ईवीएम की जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।

प्रशासन की कोशिश है कि जांच प्रक्रिया को निर्धारित समय और नियमों के अनुसार पूरा किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को तकनीकी जानकारी के साथ-साथ प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सावधानियों के बारे में भी अवगत कराया जा रहा है।

क्या होती है EVM की First Level Checking?

First Level Checking यानी FLC ईवीएम की प्रथम स्तरीय तकनीकी जांच की प्रक्रिया है। चुनाव से पहले इस जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि संबंधित मशीनें तकनीकी रूप से कार्यशील हैं और निर्धारित मानकों के अनुसार इस्तेमाल के लिए उपयुक्त हैं।

FLC के दौरान मशीनों की तकनीकी स्थिति और क्रियाशीलता की जांच की जाती है। इसके अलावा, निर्धारित प्रक्रिया और मानकों के अनुरूप मशीनों की स्थिति का परीक्षण किया जाता है। यह प्रक्रिया चुनावी तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि मतदान के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की तकनीकी स्थिति पहले से जांचना आवश्यक होता है।

हालांकि, FLC को चुनाव के दौरान होने वाली अन्य प्रक्रियाओं से अलग समझना चाहिए। प्रथम स्तरीय जांच का मुख्य उद्देश्य मशीन की तकनीकी स्थिति और कार्यक्षमता का परीक्षण करना है। चुनाव की पूरी प्रक्रिया में इसके अलावा भी कई निर्धारित चरण होते हैं, जिनका पालन संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में किया जाता है।

पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की दिशा में अहम कदम

चुनाव से पहले ईवीएम की जांच की प्रक्रिया को प्रशासनिक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समय रहते FLC पूरी होने से अधिकारियों को चुनावी प्रक्रिया से पहले मशीनों की तकनीकी स्थिति का आकलन करने का अवसर मिलता है।

इसके साथ ही, अधिकारियों को प्रशिक्षण देने से प्रक्रिया में एकरूपता बनाए रखने में मदद मिलती है। अलग-अलग जिलों में काम करने वाले अधिकारियों को समान तकनीकी जानकारी उपलब्ध होने से FLC को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संचालित करना आसान होगा।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में FLC पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 54 जिलों में इसे कराने की तैयारी चल रही है। वाराणसी और लखनऊ में होने वाली कार्यशालाएं इसी तैयारियों की अगली कड़ी हैं।

चुनावी तैयारियों में बढ़ेगी गतिविधि

आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए आने वाले समय में प्रदेश में चुनावी तैयारियों से जुड़ी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर मतदाता सूची, मतदान केंद्रों, चुनावी संसाधनों और अन्य व्यवस्थाओं के साथ ईवीएम से जुड़ी तैयारियों को भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

इसी क्रम में FLC की प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण है। अधिकारियों की ट्रेनिंग के बाद शेष जिलों में जांच का कार्य आगे बढ़ेगा। इससे चुनाव के लिए आवश्यक मशीनों की तकनीकी स्थिति के बारे में समय रहते जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 21 जिलों में FLC पूरी होने के बाद अब शेष 54 जिलों पर फोकस किया जा रहा है। वाराणसी और लखनऊ में होने वाली कार्यशालाओं के जरिए अधिकारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित जिलों में ईवीएम की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। चुनाव से पहले इस तरह की तैयारियों का उद्देश्य निर्धारित प्रक्रियाओं और तकनीकी मानकों के अनुरूप चुनावी व्यवस्था को तैयार रखना है।