औरैया में पुरानी रंजिश में युवक का अपहरण, पेड़ से बांधकर पीटने का आरोप; चार आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में पुरानी रंजिश और वर्चस्व को लेकर युवक को जबरन ले जाने और उसके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। अछल्दा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
घटना अछल्दा थाना क्षेत्र के नल्हूपुर गांव से जुड़ी है। यहां रहने वाले धर्मेंद्र कुमार उर्फ अभय तिवारी बुधवार सुबह दवा लेने के लिए घर से निकले थे। आरोप है कि बघुआ गांव के तिराहे के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर के नजदीक पहुंचने पर उनके जीजा विकास पांडे अपने करीब 20 साथियों के साथ वहां पहुंचे। इसके बाद आरोपियों ने धर्मेंद्र को कथित तौर पर जबरन अपने साथ ले लिया।
मेडिकल स्टोर जाते समय युवक को ले जाने का आरोप
परिजनों के अनुसार, धर्मेंद्र बुधवार सुबह करीब सवा दस बजे दवा लेने के लिए बघुआ गांव के तिराहे की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कई बाइकों पर सवार होकर पहुंचे लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि विकास पांडे और उसके साथ मौजूद लोगों ने धर्मेंद्र को अपने साथ चलने के लिए मजबूर किया और फिर उन्हें अजीतमल क्षेत्र के सेऊपुर गांव की ओर ले गए।
परिजनों को जब काफी देर तक धर्मेंद्र के घर वापस नहीं लौटने की जानकारी हुई तो उनकी चिंता बढ़ गई। उन्होंने आसपास और परिचित लोगों से युवक के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया। इसी बीच ग्रामीणों के माध्यम से परिवार को घटना के बारे में जानकारी मिली।
बताया गया कि धर्मेंद्र को सेऊपुर गांव में आरोपियों के घर के पास ले जाया गया था। वहां खेत में उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। इसके बाद उसे नीम के पेड़ से बांधकर लाठी-डंडों से पीटने की बात सामने आई है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंचकर युवक को कराया मुक्त
युवक के काफी देर तक घर नहीं पहुंचने के बाद उसके पिता हरीशंकर तिवारी ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। परिजनों ने पहले 1076 पर सूचना दी, जिसके बाद डायल 112 के माध्यम से पुलिस तक घटना की जानकारी पहुंची।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और बताए गए स्थान पर पहुंची। पुलिस ने दोपहर करीब ढाई बजे युवक को बरामद कर लिया। इसके बाद उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
घर पहुंचने के बाद धर्मेंद्र ने परिजनों को अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बताया। इसके आधार पर पीड़ित पक्ष की ओर से अछल्दा थाने में तहरीर दी गई।
कांवड़ यात्रा से जुड़े पुराने विवाद को बताया जा रहा कारण
पीड़ित पक्ष ने घटना के पीछे पुरानी रंजिश को वजह बताया है। परिजनों के अनुसार, विवाद की शुरुआत सावन माह में हुई कांवड़ यात्रा के दौरान हुए एक कथित विवाद से जुड़ी है।
बताया गया कि किंदरपुर गांव से तोता पुत्र जस्सू की डाक कांवड़ सिंघीरामपुर गई थी। इसी दौरान कांवड़ यात्रा में शामिल होने जा रहे अंशू नाम के युवक का विकास पांडे के साथ विवाद हो गया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उसी पुराने विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और विवाद की पूरी पृष्ठभूमि को लेकर पुलिस जांच कर रही है। इसलिए मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से हो सकेगी।
पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
घटना के बाद धर्मेंद्र के पिता हरीशंकर तिवारी ने अपने दामाद विकास पांडे समेत अन्य लोगों के खिलाफ अछल्दा थाने में तहरीर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने क्षेत्र में स्थिति का जायजा लिया। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था सामान्य है और किसी तरह की अतिरिक्त स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसके अलावा, घटना में नामजद और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुरानी रंजिश के मामलों में पुलिस की नजर
ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी रंजिश कई बार छोटे विवादों को गंभीर रूप दे सकती है। ऐसे मामलों में पुलिस दोनों पक्षों के बीच विवाद की पृष्ठभूमि, घटना के कारण और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच करती है। औरैया की इस घटना में भी पुलिस पुराने विवाद और मौजूदा घटनाक्रम के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है।
वहीं, पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस के सामने चुनौती यह है कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट की जाए और किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो। इसी वजह से जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

