अभिनंदन वर्धमान ने IAF से लिया रिटायरमेंट, अब FLY91 में नई पारी, जानें फाइटर पायलट कैसे बनता है कमर्शियल पायलट
Digital UP News Desk
नई दिल्ली; भारतीय वायुसेना के वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष के दौरान अपनी बहादुरी से देशभर में पहचान बनाने वाले अभिनंदन ने अब भारतीय वायुसेना से विदाई लेकर नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में नई पारी शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने 31 मार्च 2026 को भारतीय वायुसेना से प्रीमैच्योर रिटायरमेंट लिया और इसके बाद अगस्त में गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से पायलट के तौर पर जुड़े।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि वह तुरंत यात्री विमान लेकर नियमित सेवा में उतर गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार अभिनंदन फिलहाल कमर्शियल ऑपरेशन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। FLY91 के बेड़े में ATR 72-600 विमान शामिल हैं और एयरलाइन गोवा तथा हैदराबाद से क्षेत्रीय सेवाएं संचालित करती है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय वायुसेना का फाइटर जेट उड़ाने वाला पायलट रिटायरमेंट के बाद यात्री विमान उड़ा सकता है? इसका जवाब है—हां, लेकिन सैन्य विमान उड़ाने का अनुभव अपने आप में कमर्शियल एयरलाइन उड़ाने की अनुमति नहीं देता। इसके लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA की निर्धारित लाइसेंसिंग, मेडिकल, परीक्षा और विमान-विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकताओं को पूरा करना पड़ता है।
2019 में ऐसे सुर्खियों में आए थे अभिनंदन
अभिनंदन वर्धमान का नाम 27 फरवरी 2019 के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। इससे एक दिन पहले, 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई कार्रवाई की थी।
इसके अगले दिन पाकिस्तान की ओर से हुए हवाई संघर्ष के दौरान अभिनंदन ने MiG-21 Bison लड़ाकू विमान उड़ाया था। भारत के आधिकारिक दावे के अनुसार उन्होंने पाकिस्तानी F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया। इसके बाद उनका विमान भी निशाना बना और उन्हें इजेक्ट करना पड़ा। वह पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जा गिरे, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
करीब तीन दिन बाद 1 मार्च 2019 को अभिनंदन भारत लौटे। उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वर्ष 2021 में उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वह उस समय विंग कमांडर थे और बाद में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया।
अब FLY91 में नई जिम्मेदारी
करीब 22 वर्षों की सैन्य सेवा के बाद अभिनंदन ने अब नागरिक विमानन का रास्ता चुना है। रिपोर्टों के मुताबिक वह अगस्त 2026 में FLY91 से जुड़े। कंपनी की ओर से उनके व्यक्तिगत रोजगार संबंधी विवरण पर ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह फिलहाल कमर्शियल उड़ान संचालन के लिए जरूरी प्रशिक्षण पूरा कर रहे हैं।
यह बदलाव इसलिए भी खास है क्योंकि फाइटर जेट और यात्री विमान की उड़ान में काफी अंतर होता है। सैन्य पायलटों को युद्धक परिस्थितियों, तेज गति वाले विमानों और अलग-अलग सामरिक परिस्थितियों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, जबकि एयरलाइन पायलटों को यात्रियों के साथ नियमित नागरिक विमान संचालन, एयर ट्रैफिक प्रक्रियाओं और वाणिज्यिक विमानन के नियमों के अनुसार काम करना होता है।
क्या फाइटर पायलट सीधे यात्री विमान उड़ा सकता है?
सीधे तौर पर नहीं। भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में हासिल अनुभव बेहद महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन नागरिक एयरलाइन में यात्री विमान उड़ाने के लिए DGCA की आवश्यकताओं को पूरा करना पड़ता है।
DGCA भारत में नागरिक विमानन के क्षेत्र में सुरक्षा और लाइसेंसिंग से जुड़े नियमों का नियामक है। उसके नियमों के तहत फ्लाइट क्रू लाइसेंस और संबंधित परीक्षाओं की प्रक्रिया निर्धारित है। DGCA के आधिकारिक दस्तावेजों में रक्षा कर्मियों के लिए पायलट लाइसेंस से जुड़ी विशेष आवश्यकताओं का भी उल्लेख मिलता है।
इसलिए अभिनंदन जैसे अनुभवी सैन्य पायलट के लिए भी नागरिक उड्डयन में प्रवेश एक नियामकीय प्रक्रिया के बाद ही संभव है।
सैन्य पायलट को किन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है?
1. सैन्य सेवा से वैध तरीके से अलग होना
सबसे पहले अधिकारी को भारतीय वायुसेना से नियमों के अनुसार रिटायरमेंट या रिलीज की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके बाद ही वह नागरिक क्षेत्र में नौकरी कर सकता है। सैन्य सेवा से अलग होने के लिए संबंधित सरकारी और सैन्य प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक होता है।
अभिनंदन ने भी भारतीय वायुसेना से प्रीमैच्योर रिटायरमेंट लिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने 31 मार्च 2026 को IAF छोड़ी।
2. नागरिक पायलट लाइसेंस की आवश्यकताएं
सैन्य विमान उड़ाने का अधिकार और नागरिक एयरलाइन का पायलट लाइसेंस एक ही चीज नहीं हैं। नागरिक एयरलाइन में काम करने के लिए DGCA के नियमों के मुताबिक आवश्यक लाइसेंस और रेटिंग हासिल करनी होती है।
DGCA की परीक्षा प्रणाली में फ्लाइट क्रू के लिए लाइसेंसिंग परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। आधिकारिक दस्तावेजों में रक्षा पायलटों के लिए उनके उड़ान अनुभव के आधार पर लाइसेंस संबंधी प्रावधान भी दर्ज हैं।
3. उड़ान अनुभव का सत्यापन
सैन्य पायलटों के पास आमतौर पर बड़ी संख्या में उड़ान घंटे होते हैं। हालांकि नागरिक विमानन में इन अनुभवों को संबंधित नियमों के तहत दस्तावेजों और लॉगबुक के आधार पर सत्यापित किया जाता है।
यानी केवल यह बताना पर्याप्त नहीं है कि किसी पायलट ने इतने हजार घंटे उड़ान भरी है। संबंधित उड़ान अनुभव का नियामकीय रिकॉर्ड भी जरूरी होता है।
4. DGCA की परीक्षाएं
नागरिक विमानन के नियम सैन्य विमानन से अलग होते हैं। इसलिए पायलट को आवश्यक नागरिक विमानन विषयों की जानकारी साबित करनी होती है। DGCA की केंद्रीय परीक्षा संगठन फ्लाइट क्रू लाइसेंस से संबंधित परीक्षाएं आयोजित करता है।
इस प्रक्रिया में एयर रेगुलेशन, तकनीकी विषय और विमानन से जुड़े अन्य आवश्यक ज्ञान का महत्व होता है।
5. मेडिकल फिटनेस
एयरलाइन पायलट के लिए मेडिकल फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण है। सैन्य सेवा के दौरान हासिल मेडिकल फिटनेस अपने आप में नागरिक विमानन की सभी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती। नागरिक उड़ान के लिए DGCA के निर्धारित मेडिकल मानकों और प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है।
यही वजह है कि किसी अनुभवी फाइटर पायलट को भी कमर्शियल एयरलाइन में शामिल होने से पहले नागरिक विमानन के मेडिकल मानकों को पूरा करना होता है।
6. जिस विमान को उड़ाना है, उसकी विशेष ट्रेनिंग
यह प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान लीजिए कोई पायलट वर्षों तक MiG-21 जैसे फाइटर जेट पर उड़ान भरता रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि वह अगले दिन Airbus, Boeing या ATR जैसे यात्री विमान का कमांड संभाल सकता है।
हर विमान की अपनी तकनीकी विशेषताएं, संचालन प्रक्रिया और प्रशिक्षण आवश्यकताएं होती हैं। इसलिए एयरलाइन में शामिल होने वाले पायलट को संबंधित विमान के लिए आवश्यक टाइप ट्रेनिंग और सिम्युलेटर ट्रेनिंग से गुजरना पड़ सकता है।
अभिनंदन के मामले में रिपोर्टों के अनुसार वह FLY91 से जुड़ने के बाद कमर्शियल ऑपरेशन के लिए जरूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया में हैं। FLY91 ATR 72-600 विमान संचालित करती है।
सैन्य पायलटों को एयरलाइंस क्यों पसंद करती हैं?
सैन्य पायलटों के पास कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने, अनुशासन बनाए रखने और विमान संचालन का व्यापक अनुभव होता है। फाइटर पायलट विशेष रूप से दबाव में तेजी से निर्णय लेने के लिए प्रशिक्षित होते हैं।
हालांकि, एयरलाइन पायलट की भूमिका अलग है। यहां यात्रियों की सुरक्षा, निर्धारित उड़ान प्रक्रियाओं, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, मौसम, ईंधन प्रबंधन और एयरलाइन के ऑपरेशनल मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
इसलिए सैन्य अनुभव एक मजबूत आधार जरूर देता है, लेकिन नागरिक विमानन के नियमों और प्रशिक्षण को पूरा करना अनिवार्य रहता है।
अभिनंदन की नई पारी क्यों है खास?
अभिनंदन वर्धमान की कहानी भारतीय सैन्य विमानन से नागरिक विमानन तक के बदलाव का एक दिलचस्प उदाहरण है। 2019 में वह MiG-21 Bison के फाइटर पायलट के रूप में देशभर में चर्चित हुए थे। अब करीब सात वर्ष बाद उनका करियर एक अलग तरह के विमानन क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
एक तरफ उनके पास भारतीय वायुसेना का लंबा अनुभव है, वहीं दूसरी तरफ अब उन्हें नागरिक विमानन के अलग माहौल में काम करना होगा। रिपोर्टों के अनुसार FLY91 में उनकी नई भूमिका इसी बदलाव की शुरुआत है।

