हमीरपुर में ग्राम प्रधानों से डीएम ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, सड़कों और स्कूलों को लेकर दिए निर्देश

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रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम 

हमीरपुर: हमीरपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सभागार में ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और प्रशासकों के साथ संवाद बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने की। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आने वाली मूलभूत समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से उनका समाधान करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य रूप से जल जीवन मिशन, ग्रामीण सड़क, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, परिषदीय विद्यालयों की स्थिति, जलभराव, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, नलकूपों और छुट्टा गोवंश से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

ग्राम प्रधानों ने डीएम के सामने रखीं समस्याएं

संवाद बैठक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को सीधे जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाना था। इसलिए विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए ग्राम प्रधानों और ब्लॉक स्तर के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं की जानकारी जिलाधिकारी को दी।

ग्राम प्रधानों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन सड़कों की समय पर मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा कुछ गांवों में पाइपलाइन और कनेक्शन उपलब्ध होने के बावजूद घरों तक पर्याप्त पेयजल नहीं पहुंचने की समस्या भी सामने रखी गई। वहीं, कई स्थानों पर विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी अन्य समस्याओं की जानकारी भी अधिकारियों को दी गई।

जल जीवन मिशन के कार्यों पर डीएम ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यदायी संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के बाद जिन सड़कों को नुकसान पहुंचा है, उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क की खुदाई के बाद उसे उसी स्थिति में छोड़ना उचित नहीं है। इसलिए संबंधित संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों को निर्धारित मानकों के अनुसार ठीक कराएं।

साथ ही, जिन ग्राम पंचायतों में पेयजल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, वहां प्रत्येक पात्र परिवार के घर तक पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का जोर केवल कनेक्शन देने पर नहीं, बल्कि नियमित और प्रभावी पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है।

स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन पर गंभीरता

बैठक में परिषदीय विद्यालयों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया गया। ग्राम प्रधानों ने बताया कि कुछ विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही है। इसके अलावा कई स्थानों पर विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में हैं।

इस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसलिए विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों और जर्जर भवनों से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को तत्काल ठीक करने के निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने की समस्या भी बैठक में सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त और उखड़े हुए पोलों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिजली से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। ग्रामीणों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग को नियमित निगरानी करनी चाहिए।

जलभराव और स्वच्छता पर भी जोर

बरसात के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और कीचड़ की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत स्तर पर साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जहां भी जलभराव की समस्या है, वहां तत्काल सफाई कराकर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सफाई कर्मी अपने निर्धारित क्षेत्रों में नियमित रूप से कार्य करें। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने की जरूरत है।

उन्होंने जलभराव वाले स्थानों पर उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा टाइड ग्रांट की धनराशि का नियमानुसार इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए।

सरकारी बारात घरों से आय बढ़ाने पर जोर

बैठक में ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सरकारी बारात घरों के निर्धारित किराए को प्रभावी तरीके से प्राप्त करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इन परिसरों से प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल उनके रखरखाव और आवश्यक मरम्मत कार्यों में किया जा सकता है। इससे ग्राम पंचायतों की संपत्तियों का बेहतर रखरखाव होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आय के स्रोत भी मजबूत होंगे।

छुट्टा गोवंश को गौशालाओं में संरक्षित करने के निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा गोवंश से संबंधित समस्याओं पर भी बैठक में चर्चा हुई। ग्राम प्रधानों की ओर से इस समस्या को जिलाधिकारी के समक्ष रखा गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि छुट्टा गोवंश को तत्काल निर्धारित गौशालाओं में संरक्षित कराया जाए। इसके साथ ही गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

प्रशासन का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को छुट्टा गोवंश के कारण होने वाली समस्याओं से राहत मिले और पशुओं के लिए भी उचित संरक्षण की व्यवस्था बनी रहे।

नलकूपों का संचालन निर्बाध रखने के निर्देश

कृषि और ग्रामीण जीवन के लिए सिंचाई व्यवस्था महत्वपूर्ण होने के कारण बैठक में नलकूपों के संचालन का मुद्दा भी उठाया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी नलकूपों का संचालन निर्बाध रूप से सुनिश्चित किया जाए।

यदि किसी नलकूप में तकनीकी खराबी आती है तो उसे जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी न उठानी पड़े।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चर्चा

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित समस्याएं भी सामने आईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और व्यवस्थाओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।

सीडीओ ने बताया प्रशासन की प्राथमिकता

मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों और प्रशासन के बीच संवाद से स्थानीय समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने और उनके समाधान की दिशा तय करने में मदद मिलती है।

उन्होंने विद्यालयों, संपर्क मार्गों, जलभराव और दलदल वाले रास्तों सहित आम जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। इससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को होने वाली असुविधा को कम किया जा सकेगा।

कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विजय सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकेश खरवार, जिला पंचायत राज अधिकारी सुबोध जोशी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा जिले के विभिन्न ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रशासक और अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन करते हुए निर्धारित समय में समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इस संवाद बैठक के जरिए जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद स्थापित करने और विभागीय कार्यों की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया। अब संबंधित विभागों के सामने इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी है।

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