रामकोला धाम में भक्ति की बयार, मनोज तिवारी का सियासी वार; 2027 में फिर योगी सरकार का दावा
रिपोर्ट- शैलेन्द्र गुप्ता
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रामकोला धाम में श्री श्री 1008 परमहंस परमानन्द जी महाराज के प्राकट्योत्सव के अवसर पर भव्य भजन संध्या का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। सनातन विश्व दर्शन मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति गीतों और संतों के आशीर्वचनों के बीच श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर नजर आए। कार्यक्रम में दिल्ली के सांसद और भोजपुरी गायक-अभिनेता मनोज तिवारी की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
धार्मिक आयोजन के दौरान मनोज तिवारी ने गुरु परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। वहीं, कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रदेश की राजनीति, एसआईआर को लेकर विपक्ष के विरोध, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान और उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी और योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे।
रामकोला धाम में भव्य भजन संध्या, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
रामकोला धाम में परमहंस परमानन्द जी महाराज के प्राकट्योत्सव को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। सनातन विश्व दर्शन मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भक्ति गीतों के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया। इसके साथ ही संतों के आशीर्वचन ने कार्यक्रम को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष बनाया।
इस अवसर पर रामकोला विधायक विनय प्रकाश गौड़, कार्यक्रम के व्यवस्थापक एवं संरक्षक रंगनाथ बाबा समेत कई जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता की झलक भी देखने को मिली।
कार्यक्रम में पहुंचे मनोज तिवारी ने रामकोला धाम में पहली बार आने और गुरु परंपरा से अपने जुड़ाव के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लगभग 35 वर्ष पहले वह काशी स्थित परमहंस आश्रम गए थे। इसके बाद रंगनाथ बाबा के आग्रह पर उन्हें रामकोला धाम आने का अवसर मिला।
मनोज तिवारी ने यहां श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे गुरुजी की कृपा से जुड़ा अनुभव बताया। उनके अनुसार, धार्मिक आयोजनों में शामिल होना गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक माध्यम है।
एसआईआर के विरोध पर मनोज तिवारी ने विपक्ष को घेरा
धार्मिक आयोजन के बाद मनोज तिवारी का राजनीतिक अंदाज भी देखने को मिला। एसआईआर को लेकर विपक्ष के विरोध और सड़क पर किए जा रहे प्रदर्शनों से संबंधित सवाल पर उन्होंने विपक्ष की रणनीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल सड़क पर हंगामा करने से चुनाव नहीं जीते जाते, बल्कि जनता का विश्वास हासिल करना जरूरी होता है।
मनोज तिवारी ने विपक्ष को संवाद का रास्ता अपनाने की सलाह दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार के कामकाज का आकलन जनता करती है। इसी आधार पर उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की वापसी का दावा किया।
हालांकि, एसआईआर के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में इस विषय पर अलग-अलग दलों के तर्क और उनके राजनीतिक दृष्टिकोण चुनावी चर्चा का हिस्सा बने रह सकते हैं।
मनोज तिवारी ने कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और निर्दोष लोगों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होना चाहिए।
अखिलेश यादव के ‘वोट चोर विश्वविद्यालय’ बयान पर पलटवार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘वोट चोर विश्वविद्यालय’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज तिवारी ने पूर्ववर्ती सरकारों की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की जनता के भयमुक्त होकर आगे बढ़ने का दावा किया।
इसके अलावा, मनोज तिवारी ने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अब जनता का पैसा सड़कों, आवास और जनसुविधाओं के विकास पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं का समर्थन किया और विपक्ष के आरोपों पर अपनी असहमति जताई।
उन्होंने अखिलेश यादव को मथुरा से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखने की सलाह दी। इस दौरान मनोज तिवारी ने प्रदेश की राजनीतिक दिशा और सरकार के कामकाज को लेकर भाजपा के पक्ष में अपनी राय रखी।
गौरतलब है कि प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। ऐसे में नेताओं के सार्वजनिक मंचों और धार्मिक आयोजनों के दौरान दिए जाने वाले राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बन रहे हैं।
भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने पर जताई उम्मीद
मनोज तिवारी ने भोजपुरी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के सवाल पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दिशा में जल्द समाधान निकलेगा। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में किसी आधिकारिक फैसले या निश्चित समय-सीमा की जानकारी नहीं दी।
भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। भोजपुरी भाषी क्षेत्र के लोगों और भाषा से जुड़े विभिन्न समूहों की ओर से इसे आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई जाती रही है। ऐसे में मनोज तिवारी की टिप्पणी इस विषय पर जारी चर्चा के संदर्भ में महत्वपूर्ण रही।
धार्मिक आयोजन के साथ राजनीतिक संदेश भी चर्चा में
कुल मिलाकर, रामकोला धाम में परमहंस परमानन्द जी महाराज के प्राकट्योत्सव पर आयोजित भजन संध्या धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक वातावरण के लिए विशेष रही। वहीं, मनोज तिवारी की मौजूदगी और मीडिया से बातचीत ने कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा में ला दिया।
एक ओर उन्होंने गुरु परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की, तो दूसरी ओर एसआईआर, अखिलेश यादव के बयान, प्रदेश की कानून-व्यवस्था और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के पक्ष में अपनी बात रखी। इसके साथ ही भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने की उम्मीद भी जताई।

