प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में MBBS छात्र का शव मिलने से हड़कंप, मौत की वजह की जांच में जुटी पुलिस
रिपोर्ट- अमित सिंह
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश। प्रतापगढ़ के एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में एमबीबीएस के छात्र का शव मिलने से कॉलेज प्रशासन और विद्यार्थियों में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान मिथिलेश कुमार के रूप में हुई है, जो वर्ष 2024 बैच का एमबीबीएस छात्र था। छात्र का शव हॉस्टल की इमारत के नीचे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस छात्र की मौत के पीछे सातवीं मंजिल से गिरने की आशंका की जांच कर रही है। हालांकि, छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में मिला छात्र का शव
यह मामला प्रतापगढ़ नगर कोतवाली क्षेत्र के पूरे केशव राय स्थित मेडिकल कॉलेज का है। जानकारी के मुताबिक, सुबह हॉस्टल परिसर के नीचे एमबीबीएस छात्र मिथिलेश कुमार का शव मिलने से अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हलचल बढ़ गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल देवजीत शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य एकत्र करने की कार्रवाई की। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्र किन परिस्थितियों में हॉस्टल की इमारत के नीचे पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई।
सातवीं मंजिल से गिरने की आशंका, सभी पहलुओं पर जांच
प्रारंभिक तौर पर छात्र के सातवीं मंजिल से गिरने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संभावना को अंतिम निष्कर्ष के रूप में स्वीकार नहीं किया है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए हॉस्टल परिसर और आसपास के क्षेत्र से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्र की मौत दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। इसके लिए घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों से मिलने वाली जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों और कॉलेज प्रशासन से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा सकती है। जांच के दौरान यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि घटना से पहले छात्र की गतिविधियां कैसी थीं और आखिरी बार उसे कहां देखा गया था।
फिलहाल, पुलिस की ओर से मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।
2024 बैच का छात्र था मिथिलेश कुमार
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मिथिलेश कुमार वर्ष 2024 बैच का एमबीबीएस छात्र था। बताया गया है कि पहले वर्ष की परीक्षा में सफल नहीं होने के कारण वह अभी भी प्रथम वर्ष में ही अध्ययन कर रहा था।
मिथिलेश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। उसके पिता का नाम कविलास राम है, जो निजी नौकरी करते हैं। प्रतापगढ़ में मेडिकल की पढ़ाई के लिए रह रहे छात्र की अचानक मौत की खबर से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हालांकि, छात्र की पढ़ाई, व्यक्तिगत परिस्थितियों या घटना से पहले की गतिविधियों के संबंध में अभी पर्याप्त जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में इन तथ्यों को मौत का कारण मानना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच के माध्यम से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे कोई विशेष परिस्थिति थी या नहीं।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम जुटा रही साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छात्र के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के जरिए मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
मामले में पुलिस अधिकारियों के स्तर पर जांच जारी है। मेडिकल कॉलेज परिसर में हुई इस घटना को लेकर पुलिस यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य की अनदेखी न हो। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल देवजीत शर्मा, हॉस्टल में रहने वाले छात्र फारुख खान और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक भाटी के बयान भी मामले की जानकारी समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनके बयानों में उपलब्ध तथ्यों और पुलिस की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही घटना की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आ सकते हैं अहम तथ्य
फिलहाल, मिथिलेश कुमार की मौत रहस्य बनी हुई है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई। इसके अलावा, जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य साक्ष्य भी मामले की दिशा तय कर सकते हैं।
मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में हुई इस घटना ने विद्यार्थियों और कॉलेज प्रशासन को चिंतित कर दिया है। हालांकि, घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अटकलों पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

