अमेठी में घुमंतू गौरव समागम: असीम अरुण बोले- पूर्वजों ने आक्रांताओं से लिया लोहा, अब मिलेगा अधिकार

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रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा 

अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में घुमंतू और विमुक्त समुदाय के अधिकारों, सम्मान तथा सामाजिक-आर्थिक उत्थान को लेकर घुमंतू गौरव समागम का आयोजन किया गया। इन्हौना क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने घुमंतू समुदाय के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पूर्वजों ने मुगलों के बाद अंग्रेजों के दमन के खिलाफ भी संघर्ष किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम चुनाव या वोट के लिए नहीं, बल्कि समाज के अधिकारों की मांग और उनके सम्मान के लिए आयोजित किया गया है।

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की ओर से घुमंतू और विमुक्त समुदाय के विकास के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी गई। साथ ही, समुदाय के लोगों को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने, आवासीय अधिकार दिलाने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में काम करने की बात कही गई।

घुमंतू विकास बोर्ड के बाद शुरू होगा विकास मिशन

मुख्य अतिथि असीम अरुण ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड के गठन की स्वीकृति मिलने पर समाज के लोगों ने योगी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि बोर्ड के बाद घुमंतू विकास मिशन शुरू करने की योजना है। इस मिशन का उद्देश्य समुदाय के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में आने वाली व्यावहारिक परेशानियों को दूर करना होगा।

उन्होंने कहा कि घुमंतू समाज के कई परिवारों के पास आधार कार्ड, आय प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की कमी होती है। इसके कारण उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रस्तावित मिशन के माध्यम से जरूरी दस्तावेज तैयार कराने और लोगों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने में सहायता दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय के लोग भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हों। इसके लिए सरकारी योजनाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी बनाने और पात्र परिवारों तक सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

पूर्वजों के संघर्ष और गौरवशाली इतिहास का किया उल्लेख

समागम को संबोधित करते हुए असीम अरुण ने घुमंतू समुदाय के इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस समाज के पूर्वजों ने अलग-अलग दौर में दमन और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष किया। उनके मुताबिक, समुदाय के इतिहास और योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विमुक्त और घुमंतू जातियों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा रोजगार से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, उन्होंने भूमि आवंटन और पट्टा वितरण जैसे विषयों पर भी जोर दिया।

मंत्री ने कहा कि जिन पात्र परिवारों के पास रहने के लिए अपनी जमीन या पक्का मकान नहीं है, उन्हें सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण है।

भूमिहीन परिवारों को आवासीय अधिकार दिलाने पर जोर

कार्यक्रम में घुमंतू और विमुक्त समुदाय के भूमिहीन परिवारों के लिए आवासीय अधिकार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। असीम अरुण ने कहा कि समाज के पात्र परिवारों को भूमि आवंटन और पट्टा वितरण के माध्यम से राहत देने के साथ-साथ आवास योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और मुख्यमंत्री आवास योजना (CMAY) के तहत पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। हालांकि, योजनाओं का लाभ पाने के लिए पात्रता और संबंधित सरकारी नियमों का पालन आवश्यक होगा।

दरअसल, आवास और भूमि से जुड़ी सुविधाएं किसी भी परिवार के जीवन में स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में घुमंतू समुदाय के परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम हो सकता है।

बिजली, पानी, सड़क और सामाजिक सुरक्षा पर भी चर्चा

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि विमुक्त और घुमंतू समुदाय को समाज की मुख्यधारा में लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर जोर देते हुए कहा कि समुदाय के लोगों को बिजली, शुद्ध पेयजल, शौचालय और सड़क जैसी आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं के साथ सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना भी जरूरी है। इससे समुदाय के परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

वहीं, समागम के माध्यम से समुदाय के लोगों की समस्याओं और उनकी आवश्यकताओं को सामने रखने का अवसर भी मिला। ऐसे आयोजनों के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और पात्र परिवारों को लाभ दिलाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।

कई जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता रहे मौजूद

इन्हौना क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित घुमंतू गौरव समागम के आयोजक अब्दुल गनी बंजारा और सह-आयोजक रावेन्द्र कुमार बारा रहे। कार्यक्रम में राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि तथा भाजपा नेता शामिल हुए।

इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कृष्ण कुमार सिंह और बड़ी संख्या में घुमंतू समुदाय के लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समुदाय के अधिकारों, सम्मान, आवास और सरकारी योजनाओं से जुड़ाव जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

कुल मिलाकर, अमेठी में आयोजित घुमंतू गौरव समागम का केंद्र विमुक्त और घुमंतू समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना रहा। अब घुमंतू विकास बोर्ड के बाद प्रस्तावित विकास मिशन, जरूरी दस्तावेज तैयार कराने में सहायता और आवासीय सुविधाओं से जुड़ी घोषणाओं को जमीन पर लागू करना महत्वपूर्ण होगा। इससे पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने और सामाजिक-आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

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