संत कबीर नगर में PET-2026 की तैयारियां तेज, केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
रिपोर्ट – शैलेंद्र मणि त्रिपाठी
संत कबीर नगर: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी अनुज मलिक के निर्देश पर जनपद के परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों और परीक्षा ड्यूटी में तैनात अन्य कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े नियमों, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना, परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखना है। इसके लिए परीक्षा से संबंधित सभी कार्मिकों को उनकी ड्यूटी और दायित्वों के अनुसार आवश्यक निर्देश दिए गए।
PET-2026 को लेकर प्रशासन ने शुरू की तैयारी
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा PET-2026 को लेकर संत कबीर नगर में परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी अनुज मलिक के निर्देश के क्रम में सेक्टर मजिस्ट्रेटों द्वारा परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस दौरान केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को बताया गया कि परीक्षा का संचालन आयोग की ओर से निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, परीक्षा से जुड़े प्रत्येक कार्य को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही से बचने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण में परीक्षा की व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी दी गई, ताकि सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर आपसी समन्वय बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को समय पर जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।
आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की जानकारी एक-एक बिंदु पर दी गई। परीक्षा के सफल संचालन के लिए केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों और अन्य कार्मिकों को उनकी भूमिका के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया समझाई गई।
केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं पर निगरानी रखने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी के बारे में बताया गया। वहीं, कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा कक्ष में अनुशासन बनाए रखने तथा आयोग के निर्देशों के अनुसार अपनी ड्यूटी निभाने पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही, परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी कर्मचारियों को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित कार्मिकों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
सभी परीक्षा कक्षों में CCTV कैमरे चालू रखने के निर्देश
परीक्षा की निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से निर्देश दिए गए कि परीक्षा केंद्र के सभी कमरों में सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रहने चाहिए। इससे परीक्षा के दौरान निर्धारित व्यवस्था की निगरानी करने और नियमों के पालन पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया गया कि परीक्षा शुरू होने से पहले सीसीटीवी व्यवस्था की जांच कर ली जाए, ताकि परीक्षा के दौरान निगरानी में किसी प्रकार की बाधा न आए। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं को समय रहते परखने पर जोर दिया गया, जिससे अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्र परिसर में मोबाइल फोन और आईटी गैजेट्स ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध संबंधी निर्देशों की जानकारी भी दी गई। परीक्षा से जुड़े कार्मिकों को इन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और आयोग की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कार्य करने को कहा गया।
बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर
परीक्षार्थियों को परीक्षा देने में किसी प्रकार की अनावश्यक असुविधा न हो, इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के दौरान केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यकतानुसार स्टाफ की तैनाती के साथ बिजली, पानी और जनरेटर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा गया।
परीक्षा केंद्रों पर बिजली की उपलब्धता और वैकल्पिक व्यवस्था महत्वपूर्ण है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी तकनीकी या विद्युत समस्या के कारण कामकाज प्रभावित न हो। इसी तरह, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहने से परीक्षार्थियों को निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप परीक्षा देने में मदद मिल सकती है।
प्रशासन की ओर से संबंधित कार्मिकों को निर्देशित किया गया कि वे परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं का पहले से आकलन करें और जहां भी सुधार की जरूरत हो, वहां समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश
PET-2026 के सफल संचालन के लिए केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों और परीक्षा से संबंधित अन्य कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी सतर्कता के साथ करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण में बताया गया कि परीक्षा के दौरान आयोग की गाइडलाइंस का पालन करना सभी संबंधित कार्मिकों की जिम्मेदारी है।
साथ ही, परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन और निर्धारित प्रक्रियाओं को बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को सजग रहने को कहा गया। परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
प्रशासन की प्राथमिकता परीक्षा को व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना है। इसलिए कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर रहने, समय से व्यवस्थाओं की जांच करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप काम करने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
PET-2026 के सुचारु संचालन पर प्रशासन का फोकस
संत कबीर नगर में PET-2026 को लेकर आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम परीक्षा संबंधी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों और आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी गई।
कुल मिलाकर, जिलाधिकारी अनुज मलिक के निर्देश पर दिए गए प्रशिक्षण में सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल फोन और आईटी गैजेट्स पर प्रतिबंध, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता तथा आयोग की गाइडलाइंस के अनुपालन पर विशेष जोर रहा। अब परीक्षा से संबंधित सभी कार्मिकों की जिम्मेदारी होगी कि वे निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए अपनी ड्यूटी निभाएं, ताकि प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा PET-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु तरीके से संपन्न कराने में प्रशासन को सहयोग मिल सके।

