वृंदावन में ब्रजरज उत्सव का आगाज, हेमा मालिनी की ‘मां गंगा’ नृत्य नाटिका ने दिया नदियों के संरक्षण का संदेश
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
वृंदावन, मथुरा: ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं और भारतीय शास्त्रीय नृत्य को समर्पित ब्रजरज उत्सव की सांस्कृतिक गतिविधियों का शुक्रवार को वृंदावन के नवनिर्मित स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में भव्य शुभारंभ हुआ। सांसद एवं सिने अभिनेत्री पद्मश्री हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘मां गंगा’ इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। करीब पौने दो घंटे की इस प्रस्तुति में मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की पौराणिक कथा से लेकर चार युगों की यात्रा और वर्तमान समय में नदियों की दुर्दशा तक के प्रसंगों को नृत्य, संगीत और भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने जहां दर्शकों को भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ा, वहीं गंगा, यमुना सहित अन्य नदियों के संरक्षण और स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, संत विजय कौशल महाराज, सांसद तेजवीर सिंह, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र और मुख्य कार्यकारी अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ।
तत्पश्चात हेमा मालिनी ने तीन दर्जन से अधिक कलाकारों के साथ मां गंगा की भूमिका में प्रभावशाली प्रस्तुति दी। शास्त्रीय नृत्य की भाव-भंगिमाओं, मधुर संगीत, आकर्षक मंच सज्जा और आधुनिक तकनीक के समन्वय ने नृत्य नाटिका को विशेष रूप प्रदान किया। इसके माध्यम से मां गंगा की धार्मिक महत्ता और मानव जीवन में नदियों की उपयोगिता को रेखांकित किया गया।
राजा भगीरथ की तपस्या और गंगा अवतरण का सजीव मंचन
नृत्य नाटिका का प्रमुख आकर्षण मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की पौराणिक कथा रही। इसमें राजा भगीरथ की तपस्या, अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को पृथ्वी पर लाने का उनका संकल्प और भगवान शिव द्वारा गंगा की तीव्र धारा को अपनी जटाओं में धारण करने के प्रसंगों का भावपूर्ण चित्रण किया गया।
इन दृश्यों ने दर्शकों को भारतीय धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक आख्यानों से जोड़ने का प्रयास किया। वहीं, संगीत और नृत्य के माध्यम से गंगा की महिमा को इस तरह प्रस्तुत किया गया कि मंच पर आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया।
इसके अलावा, नृत्य नाटिका में भारतीय संस्कृति और इतिहास से जुड़े प्रसंगों को भी स्थान दिया गया। चार युगों की यात्रा के क्रम में द्वापर युग के प्रसंगों को विशेष रूप से दर्शाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, कालिंदी के तट पर उनकी लीलाओं, महाभारत के युद्ध और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को भी मंच पर सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।
इस प्रकार, प्रस्तुति ने केवल धार्मिक कथाओं का मंचन नहीं किया, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को भी दर्शकों तक पहुंचाया।
नदियों की दुर्दशा ने दर्शकों को किया संवेदनशील
‘मां गंगा’ नृत्य नाटिका का एक महत्वपूर्ण पक्ष नदियों की वर्तमान स्थिति और बढ़ते प्रदूषण की समस्या रहा। प्रस्तुति में दिखाया गया कि भारतीय परंपरा में जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी मानी जाने वाली गंगा तथा यमुना जैसी नदियां आज मानवीय लापरवाही और प्रदूषण जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं।
भावपूर्ण दृश्यों के जरिए नदियों की पीड़ा को सामने रखते हुए उनके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, दर्शकों को यह संदेश दिया गया कि नदियों की स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र में यमुना का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत व्यापक है। ऐसे में यमुना सहित अन्य नदियों को स्वच्छ रखने और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण का संदेश इस प्रस्तुति को सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाता है।
ब्रजरज उत्सव उत्तर भारत के प्रमुख आयोजनों में शामिल: चौधरी लक्ष्मी नारायण
कार्यक्रम के दौरान गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि ब्रजरज उत्सव उत्तर भारत के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि इस उत्सव में प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक की सहभागिता रही है। इस बार पहली प्रस्तुति के रूप में सांसद हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ने आयोजन को विशिष्ट आयाम दिया है।
वहीं, सांसद तेजवीर सिंह ने ब्रजरज उत्सव को ब्रज की संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को क्षेत्र की पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने वाला माध्यम माना।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह के निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद हेमा मालिनी के योगदान का उल्लेख किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संत विजय कौशल महाराज ने मां गंगा की महिमा का वर्णन किया। इस अवसर पर संत बलराम दास महाराज, संत गोविंदानंद तीर्थ, डॉ. आदित्यानंद महाराज, श्रीवत्स गोस्वामी, महंत सुंदर दास महाराज, विधायक पूरन प्रकाश, आगरा रेल मंडल के डीआरएम गगन गोयल और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
धौलीप्याऊ में 24 अक्टूबर से शुरू होंगी अन्य गतिविधियां
इस बार ब्रजरज उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विस्तार मथुरा के साथ वृंदावन तक किया गया है। स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के आयोजन के साथ मथुरा के धौलीप्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड पर भी उत्सव की अन्य गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
आयोजन की जानकारी के अनुसार, रेलवे ग्राउंड पर 24 अक्टूबर से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। यहां शनिवार को वंदनाश्री और ईशान मिश्रा की प्रस्तुतियां निर्धारित हैं।
कुल मिलाकर, ब्रजरज उत्सव की शुरुआत में प्रस्तुत ‘मां गंगा’ नृत्य नाटिका ने ब्रज की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण को एक मंच पर प्रस्तुत किया। यह आयोजन कला और संस्कृति के माध्यम से नदियों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण संदेश देता है।

