इटावा में बृजेन्द्र की संदिग्ध मौत पर हंगामा, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर कोतवाली में किया प्रदर्शन
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में थाना कोतवाली क्षेत्र के साबितगंज मोहल्ले के निवासी बृजेन्द्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ गया है। 21 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक नाले से उनका शव बरामद होने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना से आक्रोशित परिजन और सैकड़ों स्थानीय लोग 22 अक्टूबर की रात शव लेकर इटावा कोतवाली पहुंच गए। वहां उन्होंने हंगामा किया और सड़क पर जाम लगा दिया।
सूचना मिलने पर सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाया और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद रात करीब 11 बजे स्थिति शांत हुई और परिजन शव को अपने साथ लेकर चले गए।
हालांकि, बृजेन्द्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस ग्वालियर पुलिस के संपर्क में है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ग्वालियर में नाले से बरामद हुआ था बृजेन्द्र का शव
मामले के अनुसार, बृजेन्द्र इटावा के साबितगंज मोहल्ले के रहने वाले थे। बीते 21 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक नाले से उनका शव बरामद हुआ था। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने शव की पहचान कराने की प्रक्रिया पूरी की।
जानकारी के मुताबिक, 22 अक्टूबर को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जब शव इटावा पहुंचा, तो परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने बृजेन्द्र की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इसके बाद परिजन शव लेकर सीधे इटावा कोतवाली पहुंच गए। उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद थे। वहां प्रदर्शन और सड़क जाम की स्थिति बनने से पुलिस-प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
11 अक्टूबर को पुलिस टीम के साथ अहमदाबाद गए थे बृजेन्द्र
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बीते 11 अक्टूबर को बृजेन्द्र अपने एक रिश्तेदार की नाबालिग बेटी को बरामद कराने के लिए पुलिस टीम के साथ अहमदाबाद गए थे। बताया गया है कि लड़की को एक युवक भगाकर ले गया था।
अहमदाबाद में पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया था। साथ ही, मामले में मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
इसके बाद जब पुलिस टीम और परिजन अहमदाबाद से वापस लौट रहे थे, तब कार में जगह कम होने के कारण बृजेन्द्र और उनके एक अन्य रिश्तेदार को वहीं छोड़ दिया गया। यह घटनाक्रम मामले की पृष्ठभूमि का महत्वपूर्ण हिस्सा है, हालांकि इस संबंध में सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि और विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ग्वालियर पहुंचने के बाद अचानक लापता हो गए थे
बताया गया है कि अहमदाबाद में छूटने के बाद बृजेन्द्र और उनके साथ मौजूद रिश्तेदार किसी तरह ग्वालियर पहुंचे। इसके बाद बृजेन्द्र अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए।
जब दूसरा रिश्तेदार अकेले इटावा वापस पहुंचा और परिवार को बृजेन्द्र के लापता होने की जानकारी दी, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। परिवार के लिए यह स्थिति चिंताजनक थी, क्योंकि बृजेन्द्र के ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी।
इसी बीच 21 अक्टूबर को ग्वालियर के एक नाले से उनका शव बरामद होने की सूचना मिली। इसके बाद परिवार को उनकी मौत की जानकारी हुई। शव मिलने की परिस्थितियों को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए और मामले में हत्या की आशंका जताई।
हालांकि, बृजेन्द्र की मौत से पहले क्या हुआ था और वह किन परिस्थितियों में ग्वालियर में लापता हुए, इसका स्पष्ट जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
साथ गए रिश्तेदार पर लगाया हत्या का आरोप
बृजेन्द्र का शव इटावा पहुंचने के बाद परिजनों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने अपने साथ गए रिश्तेदार पर हत्या का आरोप लगाया और मामले में कार्रवाई की मांग की। इसी आक्रोश के चलते परिजन और स्थानीय लोग शव लेकर कोतवाली पहुंच गए।
प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने से मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और उनकी शिकायत को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद काफी देर तक चली समझाइश के बाद परिजन शांत हुए। रात करीब 11 बजे उन्होंने प्रदर्शन समाप्त किया और शव को अपने साथ ले गए।
ग्वालियर पुलिस के संपर्क में इटावा पुलिस
इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए इटावा पुलिस ग्वालियर पुलिस के संपर्क में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मौत के कारणों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल परिजनों की ओर से हत्या के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। किसी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
बृजेन्द्र की संदिग्ध मौत ने परिवार और स्थानीय लोगों के बीच चिंता पैदा कर दी है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, इटावा के साबितगंज निवासी बृजेन्द्र का शव ग्वालियर में मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कोतवाली में प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हो गई। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिनसे घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।

