कानपुर में दहेज प्रताड़ना और तीन तलाक की धमकी का आरोप, पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से मांगा न्याय
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट के बिल्हौर थाना क्षेत्र से दहेज प्रताड़ना, मारपीट, तीन तलाक की धमकी और पति के दूसरे निकाह की आशंका से जुड़ा मामला सामने आया है। पीड़िता नग्मा सादिया ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है।
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, वैवाहिक जीवन के दौरान उन्हें कथित तौर पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया। इसके अलावा, पति पर तीन तलाक की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
मध्यस्थता के बाद भी विवाद समाप्त नहीं होने का आरोप
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि वैवाहिक विवाद पहले भी न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच चुका है। शिकायत के मुताबिक, एसीजेएम तृतीय, कानपुर नगर के संज्ञान में मामला आने के बाद न्यायालय के आदेश के अनुसार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराई गई थी।
पीड़िता का आरोप है कि मध्यस्थता के दौरान पति ने उन्हें साथ रखने, मारपीट नहीं करने और तीन तलाक नहीं देने पर सहमति जताई थी। इससे विवाद सुलझने और वैवाहिक जीवन सामान्य होने की उम्मीद जगी थी।
हालांकि, पीड़िता का कहना है कि मध्यस्थता के बाद भी परिस्थितियों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनके अनुसार, पति ने कथित तौर पर पहले दी गई सहमति का पालन नहीं किया और उन्हें दोबारा प्रताड़ित किया जाने लगा।
इस घटनाक्रम के बाद पीड़िता ने संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप करने और शिकायत पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। अब मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
12 अक्टूबर को मारपीट कर घर से निकालने का आरोप
नग्मा सादिया ने शिकायत में 12 अक्टूबर 2026 की एक घटना का उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि उस दिन उनकी तबीयत खराब थी, इसके बावजूद पति ने उनके साथ कथित तौर पर लात-घूंसों से मारपीट की।
पीड़िता के मुताबिक, इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई और घर से बाहर निकाल दिया गया। उनका कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें मदद की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने स्थानीय स्तर पर शिकायत करने का प्रयास किया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्होंने थाने और महिला हेल्पलाइन 1090 से संपर्क किया, लेकिन उनके अनुसार, उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी। इसी वजह से उन्होंने अब पुलिस कमिश्नर के समक्ष अपनी शिकायत रखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
हालांकि, स्थानीय थाने और महिला हेल्पलाइन पर संपर्क किए जाने के संबंध में उपलब्ध विवरण पीड़िता के आरोपों पर आधारित है। संबंधित विभागों का पक्ष सामने आने के बाद ही इस संबंध में पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पति पर दूसरे निकाह की तैयारी का आरोप
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में पति के कथित दूसरे निकाह को लेकर भी चिंता जताई है। शिकायत के अनुसार, उन्हें आशंका है कि उनके पति ने किसी अन्य हिंदू युवती का धर्म परिवर्तन कराकर करीब चार महीने पहले उससे निकाह कर लिया था। साथ ही, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पति अब उस महिला के साथ आगे विवाह संबंधी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
इस आरोप को लेकर भी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए दूसरे निकाह, धर्म परिवर्तन और उससे संबंधित परिस्थितियों के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच आवश्यक है।
पीड़िता ने स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के पीछे कथित मिलीभगत की आशंका भी जताई है। हालांकि, इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। मामले की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और किन लोगों की भूमिका की जांच आवश्यक है।
पुलिस कमिश्नर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
नग्मा सादिया ने पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दहेज की मांग, मारपीट और तीन तलाक की धमकी के कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा है।
पीड़िता चाहती हैं कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों से आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता के आरोपों की निष्पक्ष जांच करना, संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण होता है। वहीं, किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले जांच और कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरे मामले की स्थिति
कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में फिलहाल मुख्य जानकारी पीड़िता की ओर से पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र पर आधारित है। शिकायत में दहेज प्रताड़ना, मारपीट, तीन तलाक की धमकी और दूसरे निकाह की आशंका जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और जांच में कौन-से तथ्य सामने आते हैं। साथ ही, संबंधित पक्षों का बयान और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने से मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई है। मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक कार्रवाई का विवरण उपलब्ध होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

