लखनऊ: शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को 60 साल तक आवेदन का मौका, 11,508 पदों पर होगी भर्ती

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रिपोर्ट – डिजिटल उप्रन्यूज़

उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक भर्ती की तैयारी कर रहे शिक्षामित्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। परिषदीय स्कूलों के नगर क्षेत्र में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती में शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शिक्षामित्र 60 वर्ष की आयु तक भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं, सामान्य अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित आयु सीमा 21 से 40 वर्ष रहेगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को आवश्यक निर्देश भेजे हैं।

यह फैसला उन शिक्षामित्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती में अवसर मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। खासकर ऐसे शिक्षामित्र, जिनकी उम्र सामान्य अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा से अधिक हो चुकी है, उन्हें इस निर्णय से लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को संबंधित शासनादेश और आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में दिए गए नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।

11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती में मिलेगी आयु सीमा में छूट

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के नगर क्षेत्र में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती को लेकर शिक्षामित्रों के लिए आयु सीमा में छूट का प्रावधान चर्चा में है। सामान्य तौर पर शिक्षक भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित बताई गई है। दूसरी ओर, शिक्षामित्रों को विशेष राहत देते हुए 60 वर्ष तक आवेदन करने का अवसर देने की बात सामने आई है।

इस निर्णय का उद्देश्य शिक्षामित्रों को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में एक और अवसर उपलब्ध कराना है। हालांकि, आयु सीमा में छूट मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी शिक्षामित्र स्वतः भर्ती के पात्र हो जाएंगे। उन्हें भर्ती से संबंधित अन्य शैक्षणिक योग्यताओं, निर्धारित पात्रता मानकों और चयन प्रक्रिया की शर्तों को भी पूरा करना होगा।

इसके अलावा, भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और आयु की गणना की निर्धारित तिथि के संबंध में आधिकारिक निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को केवल प्रारंभिक जानकारी के आधार पर आवेदन से जुड़ा कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया फैसला

शिक्षामित्रों को आयु सीमा में राहत देने के पीछे 69 हजार शिक्षक भर्ती का मामला भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षामित्रों को अगली भर्ती में एक और अवसर देने के विषय पर विचार करने को कहा था।

इसी संदर्भ में प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षामित्रों को राहत देने के लिए कदम उठाए जाने की बात सामने आई है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को इस संबंध में निर्देश भेजे हैं।

दरअसल, शिक्षक भर्ती को लेकर शिक्षामित्र लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर अपनी मांगें उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने और शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में उनके अनुभव को ध्यान में रखते हुए उचित अवसर मिलना चाहिए।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, शासन की ओर से जारी आदेश और भर्ती की अंतिम शर्तों के बीच अंतर को समझना जरूरी है। इसलिए इस मामले में लागू होने वाले नियमों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक आदेश से ही की जानी चाहिए।

प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र कार्यरत

उत्तर प्रदेश में लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्र कार्यरत बताए जाते हैं। प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में शिक्षामित्रों की भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। वे विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने, उनकी शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग करने और शिक्षकों के साथ मिलकर स्कूल की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में योगदान देते हैं।

इसके बावजूद, नियमित शिक्षक भर्ती में अवसर और सेवा संबंधी सुविधाओं को लेकर शिक्षामित्रों की मांगें समय-समय पर सामने आती रही हैं। आयु सीमा में छूट का प्रस्ताव इसी व्यापक संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

यदि निर्धारित नियमों के तहत शिक्षामित्रों को 60 वर्ष तक आवेदन करने की अनुमति मिलती है, तो उन अभ्यर्थियों को भी राहत मिल सकती है, जो सामान्य आयु सीमा पार कर चुके हैं। इससे उन्हें अपनी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

हालांकि, भर्ती में शामिल होने और अंतिम रूप से चयनित होने के बीच अंतर है। आवेदन करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को निर्धारित पात्रता, आवश्यक प्रमाणपत्र और चयन से संबंधित अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।

शिक्षामित्र संघ कर रहा 50 अंकों के भारांक की मांग

आयु सीमा में छूट के मुद्दे के साथ ही शिक्षामित्र संघ की ओर से 50 अंकों का भारांक देने की मांग भी की जा रही है। संघ का तर्क है कि शिक्षामित्रों के पास विद्यालयों में काम करने का अनुभव है। इसलिए सहायक अध्यापक भर्ती में उनके अनुभव को उचित महत्व दिया जाना चाहिए।

भारांक का अर्थ चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों के अनुसार अतिरिक्त अंक या वेटेज दिए जाने से है। यदि शिक्षामित्रों को भारांक देने के संबंध में कोई निर्णय लिया जाता है, तो उसका प्रभाव चयन प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की मेरिट पर पड़ सकता है।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर 50 अंकों का भारांक शिक्षामित्र संघ की मांग है। इसे सरकार की ओर से स्वीकृत निर्णय नहीं माना जाना चाहिए, जब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आधिकारिक आदेश जारी न हो जाए।

इसलिए शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट और भारांक के विषय को अलग-अलग समझना चाहिए। एक ओर आयु सीमा में राहत से भर्ती में आवेदन का अवसर मिल सकता है, वहीं दूसरी ओर भारांक का प्रश्न चयन प्रक्रिया के नियमों से जुड़ा है।

शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष

उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष बताई जाती है, जबकि परिषदीय विद्यालयों के नियमित शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है। ऐसे में शिक्षामित्रों को 60 वर्ष तक आवेदन का अवसर देने की व्यवस्था उनकी सेवा अवधि और भर्ती में भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।

फिर भी, आवेदन की अधिकतम आयु और सेवा की सेवानिवृत्ति आयु दो अलग-अलग विषय हैं। किसी भर्ती में आवेदन करने की अनुमति मिलने से नियुक्ति की गारंटी नहीं मिलती। इसी तरह, आयु सीमा में छूट का लाभ किन शिक्षामित्रों को मिलेगा, यह संबंधित आदेश और भर्ती विज्ञापन की शर्तों पर निर्भर करेगा।

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि वे भर्ती से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें। इसके साथ ही, आवेदन की अंतिम तिथि, शैक्षणिक योग्यता, पात्रता परीक्षा और चयन प्रक्रिया की जानकारी भी समय रहते प्राप्त कर लें।

शिक्षामित्रों के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा?

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती के संदर्भ में शिक्षामित्रों को 60 वर्ष तक आवेदन का अवसर देने की खबर उनके लिए महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इस दिशा में उठाया गया कदम उन शिक्षामित्रों की उम्मीदें बढ़ा सकता है, जो लंबे समय से भर्ती में अवसर की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, इस राहत का वास्तविक लाभ संबंधित शासनादेश, भर्ती विज्ञापन और लागू पात्रता शर्तों के आधार पर ही स्पष्ट होगा। इसके अलावा, शिक्षामित्र संघ की ओर से 50 अंकों का भारांक देने की मांग पर अलग से निर्णय होना बाकी है।

ऐसे में शिक्षामित्रों को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं की पुष्टि करें और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। अंतिम नियम जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आयु सीमा में छूट का लाभ किन परिस्थितियों में और किस प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा।