अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की हत्या के विरोध में सवर्ण आर्मी ने सौंपा ज्ञापन, एक करोड़ मुआवजे की मांग

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रिपोर्ट- अंजनी मिश्रा

अमेठी। प्रयागराज में अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की हत्या के विरोध में सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने अमेठी में विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। संगठन ने हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच कराने, मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और परिजनों को आजीवन पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। इसके साथ ही संगठन के पदाधिकारियों ने मामले में कथित पुलिस लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई।

अधिवक्ता की हत्या के विरोध में अमेठी में उठी न्याय की मांग

प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के सलोरी इलाके में अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के बाद न्याय की मांग तेज हो गई है। इसी क्रम में बुधवार को अमेठी में सवर्ण आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से अधिवक्ताओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में गंभीरता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच होने से न केवल पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी, बल्कि कानून-व्यवस्था के प्रति आम लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।

पुलिस की कथित लापरवाही की जांच कराने की मांग

सवर्ण आर्मी ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की हत्या 15 अक्टूबर को पुलिस की मौजूदगी में हुई। संगठन के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर करीब एक वर्ष पहले ही पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।

पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि यदि विवाद के संबंध में पहले से शिकायत की गई थी, तो मामले को गंभीरता से लेकर आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर होना आवश्यक है।

इसीलिए संगठन ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही पुलिस की कथित लापरवाही और संभावित मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया है। संगठन का कहना है कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग

ज्ञापन में सवर्ण आर्मी ने मृतक अधिवक्ता की पत्नी वर्षा श्रीवास्तव और उनकी दो बेटियों के भविष्य को लेकर चिंता जताई। संगठन ने मांग की कि परिवार को आर्थिक और सुरक्षा संबंधी सहायता प्रदान की जाए, ताकि इस कठिन परिस्थिति में उन्हें आवश्यक सहयोग मिल सके।

इसके तहत पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग रखी गई है। संगठन का कहना है कि परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद पत्नी और बेटियों के सामने भविष्य की सुरक्षा, शिक्षा तथा आजीविका से जुड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इसलिए सरकार को परिवार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित सहायता उपलब्ध कराने पर विचार करना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, संगठन ने मृतक के परिजनों को आजीवन पुलिस सुरक्षा देने की मांग भी की। पदाधिकारियों के मुताबिक, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें न्याय दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की मांग

सवर्ण आर्मी ने ज्ञापन के माध्यम से मामले में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि जांच को तेजी से आगे बढ़ाते हुए कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

इसके साथ ही संगठन ने आरोपियों की कथित अवैध संपत्तियों के संबंध में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जांच में किसी संपत्ति के अवैध होने के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं, पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई तथ्यों, जांच के निष्कर्षों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए।

कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने के बाद सवर्ण आर्मी के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन इस मामले में न्यायसंगत कार्रवाई चाहता है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि हत्याकांड की जांच को गंभीरता से लिया जाए और पीड़ित परिवार की सुरक्षा तथा आर्थिक सहायता से जुड़ी मांगों पर उचित निर्णय किया जाए।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। पदाधिकारियों के अनुसार, इस आंदोलन का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को प्रमुखता से उठाना होगा।

इस दौरान जिला महासचिव सर्वेश श्रीवास्तव, संगठन मंत्री शिवम तिवारी, गौरीगंज नगर अध्यक्ष अजय तिवारी और विधानसभा अध्यक्ष शुभम तिवारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

निष्पक्ष जांच और न्याय पर टिकी पीड़ित परिवार की उम्मीदें

अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की हत्या के मामले में सवर्ण आर्मी की ओर से उठाई गई मांगों ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता और पुलिस की जवाबदेही जैसे मुद्दों को सामने रखा है। अब मामले में निष्पक्ष जांच, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के तहत दोषियों को सजा दिलाना महत्वपूर्ण होगा।

इसके अलावा, पहले दी गई शिकायत और पुलिस की कथित भूमिका की जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई थी और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई। फिलहाल, संगठन ने सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि न्याय की मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।