मुरादाबाद में पुलिस स्मृति दिवस: शहीद पुलिसकर्मियों को नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि
रिपोर्ट- मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद, 21 अक्टूबर 2026। देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को बुधवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुरादाबाद स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नमन किया गया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद स्मृति स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर वीर जवानों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया।
पुलिस स्मृति दिवस के इस आयोजन में देश की सुरक्षा के लिए शहीद हुए पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया गया। साथ ही, उनके बलिदान से प्रेरणा लेते हुए कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहने का संदेश भी दिया गया।
शहीद स्मृति स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी के प्रांगण में स्थित शहीद स्मृति स्तंभ पर पुलिस स्मृति दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद जवानों को याद करते हुए पुष्प अर्पित किए और उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य उन वीर पुलिसकर्मियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना था, जिन्होंने देश और समाज की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। पुलिसकर्मियों का जीवन अनुशासन, सेवा और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में पुलिस स्मृति दिवस उनके अदम्य साहस और समर्पण को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
इसके अलावा, यह दिवस समाज को भी याद दिलाता है कि नागरिकों की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी अनेक चुनौतियों का सामना करते हैं। उनका दायित्व केवल कानून का पालन कराना ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय आम जनता की सहायता करना भी है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी के अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (पीटीसी) मुरादाबाद के अपर पुलिस महानिदेशक, अकादमी एवं मुरादाबाद परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक और पीएसी के पुलिस उपमहानिरीक्षक मौजूद रहे।
इसके साथ ही मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने शहीद पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया।
वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व को रेखांकित किया। पुलिस विभाग में शहीदों को सम्मान देना न केवल परंपरा का हिस्सा है, बल्कि यह कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता और विभागीय एकजुटता का भी प्रतीक है।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान किसी विशेष शहीद का नाम या विस्तृत संबोधन उपलब्ध जानकारी में उल्लेखित नहीं है। इसलिए आयोजन का मुख्य केंद्र शहीद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक बलिदान को सम्मान देना रहा।
पुलिस स्मृति दिवस क्यों है महत्वपूर्ण?
पुलिस स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों की स्मृति को समर्पित है। इस दिवस का ऐतिहासिक संबंध 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए भारतीय पुलिसकर्मियों से है।
उस घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया था। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा स्थापित हुई। आज यह दिवस देशभर के पुलिस संगठनों में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया जाता है।
इसी क्रम में मुरादाबाद की पुलिस अकादमी में भी शहीदों को नमन कर उनके योगदान को याद किया गया। यह आयोजन पुलिस बल के सदस्यों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने और जनसेवा की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
पुलिसकर्मी अपने कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम करने, आपात परिस्थितियों में सहायता पहुंचाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। इन जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए कई पुलिसकर्मी अपने जीवन का बलिदान भी दे देते हैं।
ऐसे वीर जवानों की स्मृति को जीवित रखना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इसलिए पुलिस स्मृति दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन मूल्यों को याद करने का अवसर भी है, जिनमें साहस, अनुशासन, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा शामिल हैं।
इसके साथ ही, यह दिवस नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों को प्रेरित करता है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, निष्पक्षता और समर्पण के साथ करें। शहीद पुलिसकर्मियों का जीवन और उनका बलिदान यह संदेश देता है कि जनसेवा और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी सर्वोपरि है।
मुरादाबाद में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के माध्यम से शहीद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक याद किया गया। शहीद स्मृति स्तंभ पर अर्पित पुष्प उनके प्रति कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक बने। इस अवसर पर वीर जवानों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए उनके बलिदान को देश की अमूल्य धरोहर बताया गया।

