लखीमपुर खीरी: शारदा बैराज पर मूर्ति विसर्जन की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, सुरक्षा के सख्त निर्देश
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी। नवरात्र समापन और विजयदशमी के अवसर पर मूर्ति विसर्जन को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। इसी क्रम में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने शारदा बैराज स्थित विसर्जन घाट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विसर्जन के दौरान सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
शारदा बैराज विसर्जन घाट पर व्यवस्थाओं की समीक्षा
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने शारदा बैराज स्थित विसर्जन स्थल पर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि मूर्ति विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने सुरक्षा घेरे और घाट पर आने-जाने वाले लोगों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्धारित व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से लागू रहें। साथ ही, घाट पर भीड़ की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सतर्कता बरती जाए, ताकि विसर्जन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।
इसके अलावा, उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित दायित्वों के प्रति गंभीर रहें। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की आशंका होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर
नदी किनारे मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने घाट पर लगाए गए सुरक्षा अवरोधों और प्रकाश व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम दुरुस्त रहें।
विशेष रूप से विसर्जन स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक सीमित रखने और नदी के संवेदनशील हिस्सों में अनावश्यक आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी निगरानी पर जोर दिया गया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को सतर्क रहकर ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
वहीं, यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि विसर्जन के दौरान लोगों की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर तत्काल समन्वय स्थापित करें।
गोताखोरों और फ्लड पीएसी की तैनाती की समीक्षा
शारदा बैराज स्थित विसर्जन घाट पर नदी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गोताखोरों, फ्लड पीएसी और राहत-बचाव दल की तैयारियों का भी जायजा लिया गया। नदी के किनारे होने वाले आयोजनों में किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित बचाव दल की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को बचाव संबंधी तैयारियां दुरुस्त रखने और लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने स्पष्ट किया कि विसर्जन प्रक्रिया के दौरान संबंधित टीमें पूरी तरह मुस्तैद रहें। किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के लिए आवश्यक समन्वय बनाए रखा जाए। इसके साथ ही घाट पर तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सतर्क रहने को कहा गया।
प्रशासन ने सुरक्षा के सभी पहलुओं पर ध्यान देते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ नदी क्षेत्र में भी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं।
शांतिपूर्ण विसर्जन के लिए अधिकारियों को निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि विसर्जन स्थल पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी निभाएं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जाए, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
गौरतलब है कि नवरात्र और विजयदशमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। ऐसे में मूर्ति विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और राहत-बचाव की तैयारियां विशेष महत्व रखती हैं। प्रशासन की सतर्कता और विभागों के बीच बेहतर तालमेल से इन व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने में मदद मिलती है।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
शारदा बैराज स्थित विसर्जन घाट के निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चेलवा राजू आर, एसडीएम धौरहरा राशि कृष्णा, प्रभारी निरीक्षक शारदा नगर सहित प्रशासनिक और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षा और राहत-बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी जाए। साथ ही, किसी भी समस्या की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
कुल मिलाकर, लखीमपुर खीरी प्रशासन ने शारदा बैराज स्थित विसर्जन घाट पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर स्पष्ट संदेश दिया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता मूर्ति विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना रही।

