कानपुर देहात में मतदेय स्थलों का संभाजन, 24 अक्टूबर को विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान

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रिपोर्ट- विशाल मिश्रा

कानपुर देहात। जनपद में मतदेय स्थलों के संभाजन और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची, उनके संभाजन, भवन परिवर्तन और नाम संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों का पालन करते हुए सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे प्रस्तावित सूची का अवलोकन कर निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करें, ताकि आवश्यक परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जा सके।

1,666 से घटकर 1,659 हो सकती है मतदेय स्थलों की संख्या

बैठक में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने बताया कि कानपुर देहात की चारों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में वर्तमान में कुल 1,666 मतदेय स्थल हैं। संभाजन के प्रस्ताव के अनुसार इनकी संख्या घटकर 1,659 हो सकती है। इस प्रकार जनपद में कुल सात मतदेय स्थलों की शुद्ध कमी प्रस्तावित की गई है।

विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, 205-रसूलाबाद (अनुसूचित जाति) विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 402 मतदेय स्थल हैं, जबकि प्रस्तावित संख्या 399 है। यहां तीन मतदेय स्थल कम करने का प्रस्ताव है।

वहीं, 206-अकबरपुर रनियां विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 409 मतदेय स्थल हैं। इसके मुकाबले 411 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। यानी यहां दो मतदेय स्थलों की वृद्धि हो सकती है।

इसी तरह 207-सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान और प्रस्तावित मतदेय स्थलों की संख्या 426-426 है। दूसरी ओर, 208-भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 429 मतदेय स्थल हैं, जबकि प्रस्तावित संख्या 423 रखी गई है। इस क्षेत्र में छह मतदेय स्थल कम करने का प्रस्ताव है।

इस प्रकार विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों को मिलाकर जनपद में सात मतदेय स्थलों की शुद्ध कमी प्रस्तावित है। हालांकि, यह प्रस्तावित व्यवस्था है। अंतिम निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियों और सुझावों के परीक्षण के बाद लिया जाएगा।

43 मतदेय स्थल भवनों में बदलाव की तैयारी

बैठक में मतदेय स्थल भवनों की स्थिति पर भी विशेष चर्चा हुई। जर्जर भवनों के स्थान पर उपयुक्त भवनों का चयन करने और मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कुल 43 मतदेय स्थलों के भवन परिवर्तन का प्रस्ताव रखा गया है।

जिलाधिकारी के अनुसार, रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र में 11 मतदेय स्थलों, अकबरपुर रनियां में चार, सिकंदरा में 10 और भोगनीपुर में 18 मतदेय स्थलों के भवन बदले जाने प्रस्तावित हैं। इस तरह चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 43 भवनों के परिवर्तन की योजना है।

इस संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित भवनों का भौतिक सत्यापन किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि चयनित भवन निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और वहां मतदान संबंधी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा सकें।

इसके अतिरिक्त, भवनों की स्थिति और मतदाताओं की पहुंच को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य मतदान के दौरान मतदाताओं को होने वाली संभावित असुविधाओं को कम करना है।

129 मतदेय स्थल भवनों के नाम में संशोधन का प्रस्ताव

बैठक में मतदेय स्थल भवनों के नाम में संशोधन से जुड़े प्रस्तावों की भी जानकारी दी गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र में पांच, अकबरपुर रनियां में 18, सिकंदरा में पांच और भोगनीपुर में 101 नाम संशोधन प्रस्तावित हैं।

इस प्रकार जनपद के चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 129 संशोधनों का प्रस्ताव रखा गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विवरणों का परीक्षण किया जाए और आवश्यक अभिलेखों को नियमानुसार दुरुस्त रखा जाए।

इसके साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी प्रस्तावित सूची की जांच करने और किसी प्रकार की त्रुटि या आपत्ति होने पर समयसीमा के भीतर जानकारी देने की अपील की गई। इससे मतदेय स्थलों से संबंधित विवरणों को सही करने और निर्वाचन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

24 अक्टूबर को चलेगा विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान

बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय मतदाता सूची में पात्र युवाओं के नाम दर्ज कराना रहा। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने जानकारी दी कि 24 अक्टूबर को जनपद में विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र युवाओं को निर्वाचक नामावली में शामिल करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

इसके लिए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य को जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से जनपद के सभी इंटरमीडिएट और डिग्री कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तक अभियान की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों के परिवारों में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र युवाओं को भी चिह्नित करने को कहा गया।

प्रशासन का लक्ष्य ऐसे सभी पात्र युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया से जोड़ना है, जिनका नाम अभी तक निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं हुआ है। इसके लिए उन्हें नाम पंजीकरण और मतदाता पहचान पत्र बनवाने के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने पात्र युवाओं का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र युवा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया से वंचित न रहे।

पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश

जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्यों से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि मतदेय स्थलों के संभाजन, भवनों के भौतिक सत्यापन और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित कार्य पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सूची पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का नियमानुसार परीक्षण किया जाए। इसके बाद आवश्यक संशोधन करते हुए आगे की कार्यवाही निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए, ताकि निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो।

बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के सदस्य एवं प्रतिनिधि, सभी उप जिलाधिकारी तथा निर्वाचन कार्यों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने और पात्र युवाओं की निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।