कानपुर में श्री शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव की धूम, 68वें वर्ष में भव्य आयोजन
रिपोर्ट- हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के किदवई नगर स्थित साइट नंबर-2 में श्री श्री शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। श्री रामेश्वर धाम सेवा समिति की ओर से आयोजित इस महोत्सव में मां दुर्गा की आराधना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वर्ष 1958 में स्थापित यह धार्मिक आयोजन इस वर्ष अपने 68वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वर्षों से चली आ रही परंपरा के चलते यह महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
महोत्सव के दौरान पूजा-अर्चना, आरती और मां दुर्गा के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही आयोजन स्थल पर आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी ने महोत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया।
68 वर्षों से कायम है दुर्गा पूजा की परंपरा
श्री रामेश्वर धाम सेवा समिति की ओर से आयोजित श्री श्री शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1958 में हुई थी। तब से यह आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का माध्यम बना हुआ है। इस वर्ष महोत्सव के 68वें वर्ष में प्रवेश करने के साथ ही इसकी ऐतिहासिक परंपरा एक बार फिर चर्चा में है।
दरअसल, धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का काम भी करते हैं। इसी उद्देश्य के साथ किदवई नगर में आयोजित यह महोत्सव श्रद्धालुओं को एक साथ आने और सामूहिक रूप से मां दुर्गा की आराधना करने का अवसर प्रदान करता है।
वहीं, कई वर्षों से इस परंपरा के जारी रहने के कारण स्थानीय लोगों के बीच महोत्सव के प्रति विशेष लगाव देखने को मिलता है। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को भी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है।
मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
महोत्सव स्थल पर स्थापित मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण में उत्साह और भक्ति का संचार होता दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इसके अलावा, आरती के समय भक्तों की सहभागिता ने आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ाया।
शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक हैं। यही कारण है कि दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ माता की आराधना करते हैं। कानपुर में आयोजित यह महोत्सव भी इसी आस्था और परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
समाजसेवी सेठ मुरारी लाल अग्रवाल ने की मां दुर्गा की आरती
श्री श्री शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव में सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों की उपस्थिति भी देखने को मिली। इस अवसर पर समाजसेवी सेठ मुरारी लाल अग्रवाल का आयोजन स्थल पर भव्य स्वागत किया गया। समिति के सदस्यों ने उनका सम्मान करते हुए महोत्सव की धार्मिक परंपरा और महत्व से परिचित कराया।
इसके बाद सेठ मुरारी लाल अग्रवाल ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ मां दुर्गा की आरती की और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भी सहभागिता की और सामूहिक रूप से मां दुर्गा की आराधना की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने धार्मिक आयोजन के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। वहीं, अतिथियों का स्वागत और सम्मान करने की परंपरा ने कार्यक्रम में सामाजिक सहभागिता के महत्व को भी रेखांकित किया।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
श्री रामेश्वर धाम सेवा समिति की ओर से आयोजित यह महोत्सव धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश भी देता है। ऐसे आयोजन लोगों को आपसी सहयोग, सद्भाव और भाईचारे के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
विशेष रूप से त्योहारों के दौरान विभिन्न वर्गों के लोग एक स्थान पर एकत्र होकर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। इससे समाज में आपसी मेलजोल बढ़ता है और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
इसके अलावा, धार्मिक आयोजनों में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता सामुदायिक भावना को मजबूत करती है। दुर्गा पूजा जैसे पर्व लोगों को सकारात्मक विचारों, सेवा और सहयोग के महत्व से भी परिचित कराते हैं।
किदवई नगर के साइट नंबर-2 में आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से श्री रामेश्वर धाम सेवा समिति वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का प्रयास कर रही है। आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं की आस्था ने क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया है।
कानपुर में दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ा रहा महोत्सव
कानपुर नगर में शारदीय दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित यह महोत्सव धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया है। मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा, आकर्षक सजावट, सामूहिक आरती और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
वर्ष 1958 से चली आ रही इस परंपरा का 68वें वर्ष में पहुंचना समिति और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इससे स्पष्ट होता है कि धार्मिक आयोजनों के प्रति लोगों की आस्था समय के साथ बनी हुई है।

