मथुरा: हार्टफुलनेस स्वयंसेवकों ने ऐरावत कुंड पर चलाया स्वच्छता अभियान, 270 लोगों ने लिया हिस्सा

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज

मथुरा। ब्रज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को स्वच्छ, सुंदर और संरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से गोवर्धन स्थित ऐरावत कुंड पर ‘ब्रज वैभव अभियान’ के अंतर्गत स्वच्छता सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, नगर निगम और हार्टफुलनेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में लगभग 270 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने स्वच्छता सेवा के साथ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के प्रति लोगों को जिम्मेदार बनाना रहा। स्वयंसेवकों ने श्रमदान के माध्यम से यह संदेश दिया कि ब्रज की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

ऐरावत कुंड पर स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान

गोवर्धन स्थित ऐरावत कुंड धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में आवश्यक कदम है। इसी उद्देश्य से आयोजित स्वच्छता अभियान में हार्टफुलनेस के अभ्यासी और स्वयंसेवक एकत्र हुए।

अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने ऐरावत कुंड और उसके आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की। उन्होंने वहां बिखरे कचरे को एकत्र किया और आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया। इसके साथ ही, सामूहिक श्रमदान के जरिए लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी, दोनों से जुड़ा विषय है।

इसके अलावा, अभियान में शामिल स्वयंसेवकों ने लोगों को कचरा इधर-उधर न फेंकने और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार, कार्यक्रम ने स्वच्छता को केवल एक दिन की गतिविधि के बजाय नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का संदेश

स्वच्छता अभियान के अंतर्गत जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को धार्मिक स्थलों, कुंडों तथा सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की आवश्यकता बताई गई।

नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यमों के जरिए सामाजिक संदेश को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम में स्वच्छता से जुड़े व्यवहार, कचरे के उचित निस्तारण और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया गया।

वहीं, स्वयंसेवकों ने लोगों को समझाया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखना आसान हो सकता है। खासकर धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपेक्षा की जाती है कि वे पूजा-अर्चना के साथ परिसर की स्वच्छता का भी ध्यान रखें।

इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों या प्रशासन का काम नहीं है। बल्कि, नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छ और सुंदर वातावरण तैयार किया जा सकता है।

कई शहरों और केंद्रों से पहुंचे स्वयंसेवक

‘ब्रज वैभव अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न शहरों और केंद्रों से आए अभ्यासी एवं स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इनमें मथुरा, आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, गुरुग्राम, भरतपुर, डीग, इगलास, कान्हा, खैर, हाथरस, टप्पल, सरसा, जयपुर, कोटा, अभैदोपुरा, सवाई माधोपुर, भोपाल, हैदराबाद, राजगढ़, अलवर और बहज सहित अन्य स्थानों के प्रतिभागी शामिल रहे।

विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 270 स्वयंसेवकों की सहभागिता ने अभियान को सामूहिक सेवा का स्वरूप दिया। अलग-अलग स्थानों से पहुंचे लोगों ने श्रमदान के माध्यम से ब्रज की विरासत के संरक्षण में अपना योगदान दिया।

इसके साथ ही, इस प्रकार के कार्यक्रमों से विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच सामाजिक सहयोग और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी प्रोत्साहन मिलता है। सामूहिक भागीदारी से यह संदेश मजबूत होता है कि प्राकृतिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण सभी के साझा प्रयासों से ही संभव है।

ब्रज वैभव अभियान का उद्देश्य स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण

‘ब्रज वैभव अभियान’ के माध्यम से ब्रज क्षेत्र की पवित्रता, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने के लिए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा जन-जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय समुदाय में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना विकसित करना है। जब स्थानीय निवासी, श्रद्धालु, स्वयंसेवी संस्थाएं और प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो स्वच्छता से जुड़े प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

इसके अलावा, धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने से वहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिलता है। साथ ही, जलस्रोतों और प्राकृतिक क्षेत्रों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ने से पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।

ब्रज की पहचान उसके धार्मिक महत्व, सांस्कृतिक परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी हुई है। इसलिए इन धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए नियमित स्वच्छता गतिविधियों और जनभागीदारी की आवश्यकता बनी रहती है।

ध्यान, योग और सेवा की भावना को बढ़ावा देता है हार्टफुलनेस

हार्टफुलनेस एक वैश्विक आध्यात्मिक संस्था है, जो ध्यान और योग के माध्यम से आंतरिक शांति, आत्म-विकास और संतुलित जीवनशैली को प्रोत्साहित करती है। संस्था के वैश्विक मार्गदर्शक परम पूज्य दाजी, श्री कमलेश डी. पटेल हैं, जिन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है।

संस्था की गतिविधियों में ध्यान और व्यक्तिगत विकास के साथ सेवा, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों को भी महत्व दिया जाता है। ऐरावत कुंड पर आयोजित स्वच्छता सेवा इसी भावना के अनुरूप सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण है।

कुल मिलाकर, गोवर्धन के ऐरावत कुंड पर आयोजित यह अभियान स्वच्छता और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सामूहिक पहल रहा। लगभग 270 स्वयंसेवकों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि ब्रज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास और जनसहयोग आवश्यक हैं। यदि नागरिक अपनी दैनिक आदतों में स्वच्छता को शामिल करें, तो ब्रज की पवित्रता, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक पहचान को लंबे समय तक संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

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