जालौन के कोंच में दशहरा को लेकर अलर्ट प्रशासन, DM-SP ने रावण दहन और विसर्जन स्थलों का किया निरीक्षण

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रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम 

जालौन/कोंच: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कोंच क्षेत्र के धनु तालाब, रावण दहन स्थल और देवी विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। साथ ही, प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को मजबूत रखने और संभावित समस्याओं का समय रहते समाधान करने के निर्देश दिए गए।

ड्रोन से होगी प्रमुख स्थलों की निगरानी

दशहरा पर्व के दौरान रावण दहन और देवी विसर्जन कार्यक्रमों में लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दे रहा है। जिलाधिकारी समीर ने नगर पालिका को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान प्रमुख स्थलों की निगरानी के लिए ड्रोन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ड्रोन के माध्यम से आयोजन स्थलों और आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। इससे भीड़ की स्थिति का आकलन करने और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने में सुविधा होगी। हालांकि, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करना भी जरूरी है।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता से करें। इसके अलावा, आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, व्यवस्था और आमजन की सुविधा से जुड़े जरूरी इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाएं, ताकि पर्व के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

वायरलेस सेट और कंट्रोल रूम की व्यवस्था के निर्देश

पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए कार्यक्रम स्थल पर वायरलेस सेट और कंट्रोल रूम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

पर्व के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती और उनके बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में वायरलेस संचार व्यवस्था से किसी भी समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक तेजी से पहुंचाई जा सकती है। वहीं, कंट्रोल रूम के माध्यम से उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर स्थिति की निगरानी और आवश्यक समन्वय किया जा सकता है।

पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर सतर्कता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित पुलिसकर्मी अपने दायित्वों के प्रति सजग रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।

भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर

दशहरा पर्व के दौरान रावण दहन और देवी विसर्जन जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है। इसलिए भीड़ को व्यवस्थित रखना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही, आयोजन स्थलों पर लोगों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए सतर्क रहने को कहा गया।

धनु तालाब और देवी विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे स्थानों पर भीड़ की स्थिति पर नजर रखने, जरूरत के अनुसार व्यवस्था करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय जरूरी है।

इसके अलावा, प्रशासन ने इस बात पर भी जोर दिया कि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों। अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार, संबंधित विभागों को समय रहते तैयारियां पूरी करनी होंगी।

सभी विभागों को समय से तैयारियां पूरी करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी समीर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि दशहरा पर्व से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने प्रमुख स्थलों पर आवश्यक इंतजाम समय से पूरे करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।

वहीं, पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने और पुलिसकर्मियों के बीच बेहतर संचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों का उद्देश्य है कि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रहे और आमजन बिना किसी परेशानी के कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।

इस तरह की तैयारियों में प्रशासन, पुलिस, नगर पालिका और आयोजन समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल रहने से व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलती है।

निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद

कोंच में दशहरा पर्व की तैयारियों का जायजा लेने के दौरान उपजिलाधिकारी अभिनव कुमार यादव, क्षेत्राधिकारी परमेश्वर प्रसाद, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक निगवेंद्र प्रताप सिंह, अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव और नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता मौजूद रहे। इसके साथ ही रामलीला समिति के पदाधिकारी भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।

अधिकारियों और समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी निर्देश दिए गए। पर्व के सफल आयोजन के लिए संबंधित पक्षों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।

शांतिपूर्ण दशहरा संपन्न कराने की तैयारी

जालौन के कोंच में दशहरा पर्व को लेकर प्रशासन की तैयारियों का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, व्यवस्था और सौहार्दपूर्ण माहौल सुनिश्चित करना है। ड्रोन से निगरानी, वायरलेस सेट, कंट्रोल रूम और भीड़ प्रबंधन जैसे उपायों पर जोर देकर प्रशासन प्रमुख आयोजन स्थलों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

अब संबंधित विभागों को दिए गए निर्देशों के अनुसार आवश्यक तैयारियां पूरी करनी हैं। प्रशासन की कोशिश है कि रावण दहन और देवी विसर्जन के कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।

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