बस्ती पहुंचे असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा, UCC पर बोले- पूरे देश में लागू हो समान कानून
रिपोर्ट – राकेश गिरी
बस्ती: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सोमवार को उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले पहुंचे। वह अयोध्या से सड़क मार्ग के जरिए तेलियाजोत स्थित भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के आवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने हरीश द्विवेदी की दिवंगत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान सरमा ने मीडिया से बातचीत में समान नागरिक संहिता (UCC), विपक्ष के प्रदर्शन, यूजीसी के मुद्दे और कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे को लेकर अपनी बात रखी।
UCC पर हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा बयान
समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पूरे देश में इसे लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि असम में यूसीसी को अधिसूचित किया जा चुका है। उनके अनुसार, देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून की व्यवस्था होनी चाहिए।
सरमा ने यूसीसी पर अपनी बात रखते हुए मुस्लिम महिलाओं से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि समान नागरिक संहिता लागू नहीं होने की स्थिति में मुस्लिम समाज की महिलाओं को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी क्रम में उन्होंने बहुविवाह का जिक्र करते हुए समान कानून की आवश्यकता पर जोर दिया।
हालांकि, समान नागरिक संहिता को लेकर देश में अलग-अलग विचार सामने आते रहे हैं। ऐसे में इस विषय पर कानूनी प्रक्रिया, संवैधानिक प्रावधानों और विभिन्न पक्षों की राय के बीच चर्चा जारी है। सरमा का बयान इसी बहस के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूजीसी के मुद्दे पर बोले- सुप्रीम कोर्ट में है मामला
यूजीसी से जुड़े सवाल पर असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और इसका समाधान हो जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और सभी का विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
उनके इस बयान में न्याय और समान विकास पर जोर दिया गया। हालांकि, यूजीसी से संबंधित मामले में आगे क्या निर्णय होगा, यह न्यायालय की कार्यवाही और संबंधित तथ्यों पर निर्भर करेगा।
कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल हादसे पर जताया दुख
मीडिया से बातचीत के दौरान हिमंत बिस्वा सरमा ने कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे पर भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताया। साथ ही कहा कि सरकार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए घायलों के उपचार की व्यवस्था की है।
सरमा के मुताबिक, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों में पहुंचते हैं। इसलिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है।
ऐसे आयोजनों में संबंधित प्रशासन और आयोजन समितियों के बीच समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि, हादसे से जुड़े विस्तृत तथ्यों और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयानों से ही स्पष्ट होगी।
विपक्ष के प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें पांच से दस हजार लोग ही शामिल हुए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के पास लोगों की संख्या इससे अधिक हो सकती थी। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने विपक्ष के प्रदर्शन और उसकी राजनीतिक ताकत पर सवाल उठाया।
हालांकि, प्रदर्शन में शामिल लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए सरमा के इस बयान को उनके दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पवन खेड़ा के सवालों पर दिया जवाब
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की ओर से उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सत्ता वोट से मिलती है, दादागिरी से नहीं। उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा, जो दादागिरी के जरिए सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं।
सरमा ने इस संदर्भ में बांग्लादेश और नेपाल का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि जो लोग इस तरह सत्ता परिवर्तन की सोच रखते हैं, उन्हें इन देशों की ओर देखना चाहिए। इस बयान के जरिए उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावों के महत्व पर जोर दिया।
हरीश द्विवेदी के परिवार से मुलाकात कर जताई संवेदना
बस्ती पहुंचने पर हिमंत बिस्वा सरमा ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के आवास पर उनकी दिवंगत माता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने चित्र पर पुष्प अर्पित किए और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर दुख की इस घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उनका यह दौरा मुख्य रूप से शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए था। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति और विभिन्न नीतिगत विषयों पर भी अपनी राय रखी।
यूसीसी को लेकर फिर चर्चा में आया राष्ट्रीय मुद्दा
हिमंत बिस्वा सरमा के बस्ती दौरे के दौरान समान नागरिक संहिता का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। उन्होंने असम में यूसीसी अधिसूचित किए जाने का उल्लेख करते हुए पूरे देश में इसे लागू करने की वकालत की। इसके साथ ही उन्होंने यूजीसी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा जताया और विपक्ष के प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की।
कुल मिलाकर, बस्ती में मीडिया से बातचीत के दौरान सरमा ने समान कानून, महिला अधिकार, न्याय और राजनीतिक प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। यूसीसी को देशभर में लागू करने की उनकी मांग ने इस विषय पर जारी राष्ट्रीय बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

