कानपुर देहात में यातायात पुलिस का विशेष अभियान, 28 वाहनों के चालान और ₹2.10 लाख का जुर्माना

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रिपोर्ट – विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात: जिले में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। 18 और 19 अक्टूबर 2026 की रात संचालित इस अभियान में मोडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर, दोषपूर्ण नंबर प्लेट और शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच की गई। इसके साथ ही बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का भी निरीक्षण किया गया।

पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 28 वाहनों के चालान किए गए। साथ ही, उल्लंघनकर्ताओं से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूलते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।

एडीजी यातायात के निर्देश पर चलाया गया अभियान

उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक यातायात, लखनऊ के आदेशों के क्रम में यह अभियान संचालित किया गया। पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय के निर्देशन में यातायात पुलिस को जिले में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे वाहनों की जांच करना था, जिनमें निर्धारित मानकों के विपरीत बदलाव किए गए हों या जिनके चालक यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हों। इसके तहत पुलिस ने विशेष रूप से मोडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर और फाल्टी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया।

इसके अलावा, शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों की पहचान करने के लिए भी जांच की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वाहन चलाते समय नियमों की अनदेखी न केवल चालक, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है।

ब्रीथ एनालाइजर से चालकों की जांच

18 और 19 अक्टूबर की मध्यरात्रि के दौरान यातायात पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग की। इस दौरान संदिग्ध वाहनों को रोककर उनके साइलेंसर, हॉर्न और नंबर प्लेट की जांच की गई। साथ ही, चालकों की स्थिति का आकलन करने के लिए ब्रीथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया गया।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य शराब के सेवन के बाद वाहन चलाने वाले चालकों की पहचान करना और संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोकना था। पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की।

वहीं, मोडिफाई साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया गया। ऐसे उपकरणों से अनावश्यक शोर पैदा हो सकता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। दूसरी ओर, दोषपूर्ण नंबर प्लेट वाले वाहनों की जांच भी की गई, ताकि वाहन की पहचान से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

बसों में यात्रियों की सुरक्षा के मानकों की जांच

विशेष अभियान के दौरान यात्री बसों की भी जांच की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम मौजूद हों।

पुलिस टीम ने बसों में मेडिकल किट, अग्निशमन सिलेंडर और आपातकालीन द्वार की उपलब्धता की जांच की। इसके अलावा, ओवरलोडिंग और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य निर्धारित मानकों का भी निरीक्षण किया गया।

बसों में आपातकालीन उपकरणों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि किसी अप्रत्याशित स्थिति में इनका उपयोग यात्रियों की सुरक्षा के लिए किया जा सकता है। इसी तरह, निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना भी सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ा सकता है।

इसलिए, यातायात पुलिस ने अभियान के दौरान बस संचालकों और चालकों से जुड़े सुरक्षा मानकों की जांच पर जोर दिया। हालांकि, पुलिस की ओर से बसों की कुल संख्या और प्रत्येक श्रेणी में मिली कमियों का अलग-अलग आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

28 वाहनों के चालान, 2.10 लाख रुपये का शमन शुल्क

पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 28 वाहनों के चालान किए गए। इन मामलों में कुल 2,10,000 रुपये का शमन शुल्क वसूलने की जानकारी दी गई है।

कार्रवाई में मोडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर, फाल्टी नंबर प्लेट और नशे की हालत में वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों पर ध्यान दिया गया। संबंधित मामलों में मोटर वाहन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।

हालांकि, जारी जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 28 चालानों में से कितने मामले किस श्रेणी के उल्लंघन से संबंधित थे। इसलिए, अलग-अलग उल्लंघनों के आंकड़ों के बारे में निष्कर्ष निकालने के बजाय पुलिस की ओर से जारी कुल कार्रवाई के विवरण को ही आधार माना जाना चाहिए।

सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस की सख्त हिदायत

पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उनके निर्देशन में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आगे भी आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाए जाने की बात कही गई है।

पुलिस का मानना है कि नियमों का पालन कराने के साथ-साथ आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। इसके लिए वाहन चालकों को नशे की हालत में वाहन न चलाने, निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहन रखने और सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की गई है।

इसके साथ ही, बस संचालकों और अन्य व्यावसायिक वाहन चालकों से भी अपेक्षा की गई है कि वे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करें। किसी भी यात्रा से पहले वाहन की स्थिति और जरूरी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

आम लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील

कानपुर देहात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के लिए नशे की हालत में वाहन न चलाएं। इसके अलावा, निर्धारित मानकों के विपरीत साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर का इस्तेमाल न करें तथा नंबर प्लेट को नियमों के अनुरूप रखें।

पुलिस ने यह भी संदेश दिया कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि सड़क पर सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

कानपुर देहात में यातायात पुलिस के विशेष अभियान के दौरान 28 वाहनों के चालान और 2.10 लाख रुपये के शमन शुल्क की कार्रवाई की गई। अभियान में नशे में वाहन चलाने, मोडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, दोषपूर्ण नंबर प्लेट और बसों के सुरक्षा मानकों की जांच की गई। पुलिस ने संकेत दिया है कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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