सेपियन स्कूल अमेठी में डांडिया नाइट की धूम, तृप्ति शाक्या के भजनों पर झूमे श्रद्धालु

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रिपोर्ट- अंजनी मिश्रा

अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी शहर स्थित सेपियन विद्यालय परिसर में शनिवार को डांडिया एवं गरबा नाइट का भव्य आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक परिधानों, भक्ति संगीत और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा यह समारोह उत्साह और उल्लास का प्रतीक बना। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं, प्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या के भजनों ने समारोह को भक्तिमय बना दिया। बच्चों की रामलीला, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

मां दुर्गा की वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील विश्वकर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, प्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या ने विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और लोकनृत्यों से जोड़ना रहा। इसके साथ ही विद्यालय परिवार ने बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराया। शुरुआत से ही परिसर में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया और दर्शकों ने विभिन्न प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।

तृप्ति शाक्या के भजनों ने बांधा समां

समारोह का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या की भजन प्रस्तुति रही। उन्होंने माता रानी की भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। भक्ति संगीत की मधुर धुनों से विद्यालय परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया।

जैसे-जैसे भजनों की प्रस्तुति आगे बढ़ी, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। उपस्थित लोगों ने भक्ति गीतों का आनंद लिया और माता रानी के जयकारों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस प्रस्तुति ने समारोह को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास का सुंदर संगम बना दिया।

बच्चों की रामलीला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल

डांडिया नाइट के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने नृत्य, भजन, लघु नाटिका और रामलीला के मंचन के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों में अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास की झलक देखने को मिली।

विशेष रूप से रामलीला का मंचन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने धार्मिक प्रसंगों को मंच पर जीवंत रूप देने का प्रयास किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। इसके अलावा देवी भक्ति पर आधारित प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को प्रभावित किया।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपनी कला का प्रदर्शन किया, बल्कि भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी रुचि भी दिखाई। वहीं, अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

डांडिया और गरबा की धुन पर झूमे प्रतिभागी

समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा डांडिया और गरबा नृत्य रहा। पारंपरिक और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने संगीत की मधुर धुनों पर शानदार नृत्य प्रस्तुतियां दीं। डांडिया की खनक और गरबा की लय ने पूरे विद्यालय परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया।

विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों ने भी इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंगीन रोशनी और पारंपरिक संगीत के बीच प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था। इसके परिणामस्वरूप कार्यक्रम में भारतीय लोकसंस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।

डांडिया और गरबा जैसे पारंपरिक लोकनृत्य सामूहिक सहभागिता, आपसी मेलजोल और सांस्कृतिक एकता का संदेश देते हैं। इस आयोजन ने विद्यालय परिवार को एक साथ आने और भारतीय परंपराओं का आनंद लेने का अवसर प्रदान किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक: प्रधानाचार्य

विद्यालय के प्रधानाचार्य देवमणि उपाध्याय ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों की छिपी प्रतिभा सामने आती है और उन्हें मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनसे बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सहयोग और सामाजिक मूल्यों की भावना विकसित होती है। साथ ही, सामूहिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को एक-दूसरे की प्रतिभा का सम्मान करना भी सिखाते हैं।

भारतीय संस्कृति और लोकनृत्यों को बढ़ावा देना उद्देश्य: निदेशक

विद्यालय के निदेशक कुशाग्र बरनवाल ने कहा कि डांडिया एवं गरबा नाइट आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति और लोकनृत्यों की समृद्ध विरासत को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को देश की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें एकता और आपसी सहयोग की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी महत्व देने की बात कही।

गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुआ समारोह का समापन

कार्यक्रम में डॉ. धनंजय सिंह, प्रवीण सिंह सहित बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।

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