कानपुर में ऑपरेशन कवच 3.0: 65 बसों के चालान, 10 बसें सीज, सुरक्षा मानकों की जांच तेज
कानपुर। यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने कानपुर नगर में यात्री बसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर कार्रवाई की है। ऑपरेशन कवच 3.0 के तहत 16 और 17 अक्टूबर 2026 को चलाए गए दो दिवसीय अभियान में 65 बसों के चालान किए गए, जबकि 10 बसों को निरुद्ध किया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यात्री बसों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करना है।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से बस संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने जांच के दौरान बसों में बैठने की व्यवस्था, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरणों और परमिट से संबंधित नियमों पर विशेष ध्यान दिया।
ऑपरेशन कवच 3.0 के तहत दो दिन चला विशेष अभियान
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर प्रदेशभर में ऑपरेशन कवच 3.0 चलाया गया। इसी क्रम में कानपुर नगर के प्रवर्तन अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर यात्री बसों की जांच की। इस अभियान के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना भी है। दरअसल, यात्री बसों में निर्धारित मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन वाहनों में एक साथ बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही भी यात्रियों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
परिवहन विभाग ने बस संचालकों को निर्धारित नियमों के अनुसार वाहन चलाने और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने का संदेश दिया है।
बसों में अतिरिक्त सीट और स्लीपर लगाने पर नजर
जांच के दौरान बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक सीटें और स्लीपर लगाए जाने जैसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। बस की मूल संरचना और स्वीकृत क्षमता में नियमों के विरुद्ध बदलाव करने से यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए वाहनों की बनावट और बैठने की व्यवस्था की जांच को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।
इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने आपातकालीन निकास की उपलब्धता और उसकी कार्यशील स्थिति की भी जांच की। किसी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए उचित निकास व्यवस्था का होना आवश्यक है। यदि आपातकालीन द्वार बंद हो, अवरुद्ध हो या सही ढंग से काम नहीं कर रहा हो, तो यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसी वजह से बस संचालकों के लिए जरूरी है कि वे आपातकालीन निकास को हमेशा उपयोग योग्य स्थिति में रखें और वाहन की नियमित जांच कराएं।
अग्निशमन उपकरणों और परमिट की भी हुई जांच
ऑपरेशन कवच 3.0 के अंतर्गत बसों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनकी कार्यशील स्थिति की भी जांच की गई। केवल अग्निशमन उपकरण रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके, यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
इसके साथ ही बिना परमिट संचालित होने वाली बसों और परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर भी नजर रखी गई। यात्री परिवहन के लिए निर्धारित परमिट और उसकी शर्तों का पालन करना वाहन संचालकों की जिम्मेदारी है। नियमों के अनुरूप संचालन से यात्रियों की सुरक्षा के साथ परिवहन व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
विभाग ने बस बॉडी कोड एआईएस-119, एआईएस-135 और एआईएस-052 से संबंधित प्रावधानों के अनुपालन पर भी जोर दिया। इन मानकों के अनुरूप वाहनों का संचालन सुनिश्चित करना सुरक्षित यात्री परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बसों की छत पर अधिक सामान लादना भी सुरक्षा के लिए चिंता
अभियान के दौरान बसों की छत या कैरियर पर निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचाई तक सामान लादकर वाहन चलाने के मामले को भी सड़क सुरक्षा से जोड़कर देखा गया। बस की छत पर अतिरिक्त सामान रखने से वाहन का संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, ऊंचाई और भार निर्धारित सीमा से अधिक होने पर सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों तथा यात्रियों के लिए भी जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए बस संचालकों को सामान लादने से संबंधित नियमों का पालन करना चाहिए। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक भार नहीं रखा जाना चाहिए।
नियमों का पालन करने की अपील
परिवहन विभाग के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई जारी है। ऑपरेशन कवच 3.0 के तहत कानपुर नगर में की गई कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दो दिनों में 65 बसों के चालान और 10 बसों को निरुद्ध किया जाना बताता है कि विभाग यात्री परिवहन के नियमों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
हालांकि, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था बनाने के लिए केवल विभागीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। बस संचालकों, चालकों और संबंधित कर्मचारियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्हें वाहन की फिटनेस, परमिट, अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास और निर्धारित यात्री क्षमता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की नियमित जांच करनी चाहिए।
इसके अलावा, यात्रियों को भी सफर के दौरान सुरक्षा संबंधी नियमों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी गंभीर अनियमितता की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए।
कुल मिलाकर, कानपुर में ऑपरेशन कवच 3.0 के तहत की गई कार्रवाई का उद्देश्य यात्री बसों के संचालन में सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देना और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों को जवाबदेह बनाना है। आने वाले समय में ऐसे अभियानों से सुरक्षित यात्री परिवहन को बढ़ावा देने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

