बागपत: जमीन विवाद में रिवॉल्वर दिखाकर धमकी देने का आरोप, पीड़ित पक्ष ने पुलिस से लगाई गुहार

WhatsApp Image 2026-10-18 at 2.28.07 PM

रिपोर्ट- हैदर मलिक

बागपत, उत्तर प्रदेश। बागपत जिले के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में जमीन को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन के विवाद में आपसी कहासुनी के दौरान एक युवक ने रिवॉल्वर दिखाकर दूसरे पक्ष को धमकाया। इसके अलावा, कई लोगों पर भी धमकी देने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद दूसरे पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मिली जानकारी के अनुसार, विवाद विरासत में मिली जमीन पर कब्जे को लेकर बताया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर मतभेद होने की बात सामने आई है। इसी विवाद के दौरान कहासुनी बढ़ने और कथित तौर पर रिवॉल्वर दिखाए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

विरासत में मिली जमीन को लेकर विवाद

जमीन से जुड़े विवाद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई बार लंबे समय तक चलते रहते हैं। प्रस्तुत मामले में भी विरासत में मिली जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद होने की बात कही जा रही है। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि जमीन पर कब्जा करने को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान दूसरे पक्ष के एक युवक ने कथित तौर पर रिवॉल्वर दिखाकर धमकी दी।

हालांकि, जमीन के वास्तविक स्वामित्व, विरासत से जुड़े दस्तावेजों और कब्जे की स्थिति के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

कहासुनी के दौरान रिवॉल्वर दिखाने का आरोप

बताया जा रहा है कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने रिवॉल्वर दिखाया और दूसरे पक्ष को धमकाया। इसके साथ ही, शिकायत में कई लोगों पर धमकी देने का आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रिवॉल्वर लाइसेंसी था या नहीं। इसके अलावा, घटना के समय हथियार का इस्तेमाल किस परिस्थिति में किया गया और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने भी धमकी दी, इसकी जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

इस तरह के मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच जरूरी होती है। इसलिए, फिलहाल घटना से संबंधित आरोपों को शिकायतकर्ता पक्ष के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

दूसरे पक्ष ने पुलिस से की शिकायत

घटना के बाद दूसरे पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता पक्ष चाहता है कि जमीन विवाद और कथित धमकी के मामले की जांच कर उचित कदम उठाए जाएं। साथ ही, जमीन पर कब्जे को लेकर लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की गई है।

पुलिस से शिकायत किए जाने के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर लोगों की नजरें संबंधित अधिकारियों पर टिकी हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने शिकायत के संबंध में कोई मुकदमा दर्ज किया है या अब तक किसी व्यक्ति के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की गई है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी मामले की वास्तविक स्थिति

जमीन विवाद के मामलों में राजस्व अभिलेख, विरासत संबंधी दस्तावेज और जमीन के कब्जे से जुड़े प्रमाण अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में संबंधित जमीन के दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ कथित धमकी की घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना भी जरूरी होगा।

You may have missed