मेरठ: शनि मंदिर से लौट रही महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत, परिवार में पसरा मातम

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रिपोर्ट – मनीष पराशर

मेरठ, उत्तर प्रदेश। मेरठ जिले के परतापुर थाना क्षेत्र में एक दुखद रेल हादसे में शनि देव मंदिर में पूजा-अर्चना और प्रसाद चढ़ाकर लौट रही महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना 4सी पुलिस चौकी के पीछे स्थित शनि देव मंदिर के पास हुई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में शोक छा गया। वहीं, महिला के पैतृक गांव खूनशेरपुर में भी मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, महिला मंदिर में दर्शन करने के बाद घर लौट रही थीं। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गईं। हादसे के कारण परिवार ने अपने एक सदस्य को खो दिया।

शनि देव मंदिर में दर्शन के बाद लौट रही थीं महिला

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महिला मूल रूप से मेरठ के खूनशेरपुर गांव की रहने वाली थीं। घटना वाले दिन वह परतापुर थाना क्षेत्र में 4सी पुलिस चौकी के पीछे स्थित शनि देव मंदिर में पूजा-अर्चना करने गई थीं। उन्होंने मंदिर में भगवान शनि देव के दर्शन किए और प्रसाद चढ़ाया। इसके बाद वह वापस घर लौटने लगीं।

हालांकि, घर लौटते समय रेलवे ट्रैक पार करना उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। बताया जा रहा है कि जब महिला ट्रैक पार कर रही थीं, तभी अचानक ट्रेन आ गई। उन्हें संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका और वह ट्रेन की चपेट में आ गईं। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना ने आसपास के क्षेत्र में लोगों को दुखी कर दिया। धार्मिक स्थल पर दर्शन करने गई महिला के साथ हुई इस अनहोनी से स्थानीय लोग भी स्तब्ध हैं। वहीं, परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक जानकारी जुटाई। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की प्रक्रिया पूरी की गई।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम और जांच की प्रक्रिया के तहत घटना से संबंधित तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।

रेलवे ट्रैक के आसपास होने वाली ऐसी घटनाएं एक बार फिर सुरक्षा और सतर्कता के महत्व को सामने लाती हैं। विशेष रूप से उन स्थानों पर, जहां लोग रोजमर्रा के काम या धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए रेलवे लाइन पार करते हैं, वहां सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था बेहद जरूरी है।

बेटी ललिता ने बताया, दर्शन करने गई थीं मां

महिला की मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। उनकी बेटी ललिता ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी मां रोजाना की तरह भगवान के दर्शन करने और प्रसाद चढ़ाने के लिए मंदिर गई थीं। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि मंदिर जाने के बाद वह दोबारा घर नहीं लौट सकेंगी।

मां को खोने के दुख से परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं। परिजनों के लिए इस घटना को स्वीकार करना बेहद कठिन हो रहा है। वहीं, खूनशेरपुर गांव में भी महिला की मौत की खबर से शोक का माहौल है।

परिवार के सदस्यों और परिचितों के बीच इस घटना को लेकर दुख व्यक्त किया जा रहा है। एक सामान्य धार्मिक यात्रा का इस तरह दुखद अंत हो जाने से सभी लोग व्यथित हैं।

रेलवे ट्रैक पार करते समय सावधानी बरतना जरूरी

मेरठ के परतापुर क्षेत्र में हुई यह घटना रेलवे ट्रैक पार करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। रेलवे लाइन के आसपास थोड़ी-सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए लोगों को हमेशा निर्धारित रेलवे क्रॉसिंग, फुट ओवरब्रिज या रेलवे विभाग की ओर से उपलब्ध सुरक्षित रास्तों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

इसके अलावा, रेलवे ट्रैक पार करने से पहले दोनों ओर देखना और ट्रेन की आवाजाही के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। हालांकि, सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि अनधिकृत स्थान से रेलवे लाइन पार करने से बचा जाए।

परिजनों ने शासन-प्रशासन से रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की अपील की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लोगों के सुरक्षित आवागमन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी मांग

इस हादसे के बाद रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय स्तर पर सुरक्षित रास्तों की उपलब्धता, लोगों की आवाजाही और जागरूकता जैसे पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है। यदि किसी स्थान पर लोग नियमित रूप से रेलवे ट्रैक पार करते हैं, तो वहां की परिस्थितियों का आकलन कर उचित सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।

हालांकि, इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी किसी विशेष कमी की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना के कारणों और संबंधित परिस्थितियों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जाना उचित होगा।

फिलहाल, महिला की मौत से परिवार में शोक का माहौल है और परिजन इस कठिन समय से गुजर रहे हैं। पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। यह हादसा लोगों को याद दिलाता है कि रेलवे ट्रैक के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरतना कितना महत्वपूर्ण है।

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