अमरोहा में आधी रात को लेखपालों का धरना, वेतन-एरियर और तबादलों की मांग पर अधिकारियों के खिलाफ खोला मोर्चा
रिपोर्ट: इकबाल अंसारी
अमरोहा में वेतन, एरियर और तबादलों समेत विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। सदर तहसील परिसर में देर रात लेखपालों ने धरना शुरू कर दिया। लेखपालों का आरोप है कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से वार्ता का इंतजार करने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। करीब ढाई घंटे तक इंतजार करने के बाद भी सुनवाई नहीं होने से नाराज लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए।
लेखपालों के इस कदम से तहसील परिसर में हलचल बढ़ गई। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता और समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। फिलहाल, इस मामले में अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
रिपोर्ट: इकबाल अंसारी, अमरोहा
वेतन और एरियर समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन
अमरोहा सदर तहसील परिसर में लेखपालों का विरोध प्रदर्शन वेतन, बकाया एरियर और तबादलों से संबंधित समस्याओं को लेकर शुरू हुआ। लेखपालों का कहना है कि इन मुद्दों के समाधान के लिए वे अधिकारियों से बातचीत करना चाहते थे। हालांकि, उनके मुताबिक, लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर सुनवाई नहीं हुई।
लेखपालों के अनुसार, वे अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखकर उनका समाधान चाहते थे। इसके लिए उन्होंने वार्ता की प्रतीक्षा की, लेकिन करीब ढाई घंटे बीत जाने के बाद भी बात आगे नहीं बढ़ सकी। परिणामस्वरूप, कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने तहसील परिसर में धरने पर बैठने का फैसला किया।
इसके बाद लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन देने से नहीं होगा, बल्कि संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
एसडीएम और तहसीलदार पर लगाए आरोप
धरने पर बैठे लेखपालों ने एसडीएम और तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से बातचीत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिली।
लेखपालों के आरोपों के अनुसार, वेतन, एरियर और तबादलों से जुड़े मामलों में समाधान की आवश्यकता है। उनका मानना है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर समय रहते ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
हालांकि, एसडीएम और तहसीलदार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होने के लिए प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
करीब ढाई घंटे तक इंतजार के बाद लिया धरने का फैसला
लेखपालों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन शुरू करने से पहले उन्होंने अधिकारियों से वार्ता होने का इंतजार किया था। उनका दावा है कि करीब ढाई घंटे तक प्रतीक्षा करने के बावजूद समस्याओं पर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कर्मचारियों ने तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया।
दरअसल, कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद किसी भी विवाद के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। ऐसे में लेखपालों की मांगों और अधिकारियों के पक्ष को सुनकर ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
वहीं, लेखपालों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। उनका प्रदर्शन प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
तहसील अध्यक्ष दुष्यंत देवल ने क्या कहा?
इस मामले में अमरोहा के तहसील अध्यक्ष दुष्यंत देवल ने लेखपालों की समस्याओं और धरने को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों से जुड़े मुद्दों को उठाया। हालांकि, उपलब्ध समाचार स्क्रिप्ट में उनके बयान का विस्तृत शब्दशः विवरण शामिल नहीं है।
लेखपालों की ओर से साफ कहा गया है कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। इससे संकेत मिलता है कि कर्मचारी तत्काल समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
अब इस मामले में प्रशासन की भूमिका अहम होगी। यदि संबंधित अधिकारी लेखपालों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करते हैं, तो समस्याओं के समाधान का रास्ता निकल सकता है। इसके साथ ही, कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर भी सभी की नजर रहेगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर
अमरोहा सदर तहसील परिसर में देर रात शुरू हुआ यह धरना कर्मचारियों की समस्याओं और प्रशासन के बीच संवाद की आवश्यकता को सामने लाता है। वेतन, एरियर और तबादलों से संबंधित मामलों पर लेखपालों की मांगों का परीक्षण कर

