आजमगढ़ के चौकों खुर्द में निशुल्क नेत्र शिविर, 135 लोगों की जांच और 150 को आयुष्मान कार्ड का लाभ

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के चौकों खुर्द ग्राम पंचायत सचिवालय में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर और आयुष्मान कार्ड कैंप लगाया गया। डॉ. अमित सिंह की पहल पर आयोजित शिविर में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

आजमगढ़ जिले के सगड़ी विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से चौकों खुर्द गांव में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर और आयुष्मान कार्ड कैंप का आयोजन किया गया। अजमतगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सचिवालय में शनिवार को आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का लाभ उठाया। शिविर में लगभग 135 लोगों की आंखों की जांच की गई, जबकि 150 लोगों को आयुष्मान कार्ड से संबंधित लाभ मिला। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और उन्हें समय पर जांच की सुविधा उपलब्ध कराना रहा।

रमा फैसिलिटी हॉस्पिटल, नरौली, आजमगढ़ के चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. अमित सिंह की पहल पर आयोजित इस शिविर में गरीबों, किसानों, मजदूरों और अन्य ग्रामीणों को प्राथमिकता के साथ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। नेत्र परीक्षण के साथ जरूरत के अनुसार दवाएं और चश्मे उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई। वहीं, आयुष्मान कार्ड कैंप के माध्यम से पात्र लोगों को योजना से संबंधित सहायता दी गई।

डॉ. अमित सिंह बोले- कर्म ही पूजा, धर्म ही सेवा

शिविर के आयोजन के दौरान डॉ. अमित सिंह ने सेवा भावना को अपने कार्य का आधार बताया। उन्होंने कहा, “कर्म ही पूजा है और धर्म ही सेवा है।” उनके अनुसार, गरीबों, असहायों, किसानों और मजदूरों की सेवा करना ही उनका उद्देश्य है। इसी सोच के साथ सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर और आयुष्मान कार्ड कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।

डॉ. अमित सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग आर्थिक कठिनाइयों या अन्य कारणों से समय पर स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते हैं। ऐसे में गांवों में शिविर लगाने से उन्हें अपने आसपास ही स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इसके अतिरिक्त, समय पर आंखों की जांच होने से दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर आगे के उपचार की सलाह देने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

135 लोगों की आंखों की जांच, जरूरत के अनुसार दवाएं और चश्मे

चौकों खुर्द ग्राम पंचायत सचिवालय में आयोजित नेत्र परीक्षण शिविर में करीब 135 लोगों की आंखों की जांच की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी आंखों से जुड़ी समस्याओं के बारे में चिकित्सकों को जानकारी दी। जांच के आधार पर जरूरत के अनुसार दवाएं और चश्मे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।

ग्रामीण इलाकों में आंखों की समस्याओं को समय पर पहचानना महत्वपूर्ण है। कई बार कम दिखाई देना, आंखों में परेशानी या उम्र बढ़ने के साथ दृष्टि कमजोर होना दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में नियमित जांच और चिकित्सकीय सलाह उपयोगी साबित होती है।

शिविर में लोगों की भागीदारी ने ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता को भी सामने रखा। हालांकि, जिन मरीजों को विस्तृत जांच या विशेष उपचार की जरूरत हो, उनके लिए चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आगे की जांच कराना आवश्यक होता है।

मोतियाबिंद के मरीजों पर विशेष ध्यान देने की सलाह

शिविर में मौजूद डॉ. रवि श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के दौरान मोतियाबिंद से संबंधित समस्याओं वाले मरीज अधिक संख्या में देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा, आंखों में माड़ा आने और कम दिखाई देने जैसी शिकायतें भी सामने आईं।

उन्होंने लोगों को आंखों की सेहत के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उनके अनुसार, दृष्टि में लगातार कमी महसूस होने, आंखों में असुविधा होने या अन्य परेशानी सामने आने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच से समस्या की पहचान करने और उचित उपचार की दिशा में कदम उठाने में सहायता मिलती है।

डॉ. रवि श्रीवास्तव ने बच्चों की आंखों की सेहत पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को मोबाइल फोन और टीवी का अत्यधिक इस्तेमाल करने से बचाना चाहिए। साथ ही, उनकी दिनचर्या में उचित अंतराल, बाहरी गतिविधियों और आंखों की देखभाल से जुड़ी अच्छी आदतों को शामिल करना उपयोगी हो सकता है। यदि किसी बच्चे को बोर्ड देखने, किताब पढ़ने या सामान्य गतिविधियों के दौरान कम दिखाई देने की शिकायत हो, तो उसकी आंखों की जांच करानी चाहिए।

150 लोगों को मिला आयुष्मान कार्ड का लाभ

नेत्र परीक्षण के साथ आयोजित आयुष्मान कार्ड कैंप भी शिविर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। आयोजकों के अनुसार, इस कैंप के माध्यम से 150 लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को स्वास्थ्य योजना से संबंधित सुविधाओं तक पहुंच बनाने में सहायता देना था।

आयुष्मान कार्ड पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों और योजना की शर्तों के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा प्राप्त करने में मदद करता है। इसलिए पात्रता, कार्ड की स्थिति और उपलब्ध उपचार संबंधी जानकारी हासिल करना जरूरी है। गांव स्तर पर आयोजित ऐसे कैंप लोगों को योजना की प्रक्रिया समझने और आवश्यक सहायता प्राप्त करने का अवसर देते हैं।

इस प्रकार, चौकों खुर्द में एक ही स्थान पर नेत्र जांच और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत कम करने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीणों ने पहुंचकर लिया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

शिविर में लालचंद यादव, धीरज प्रजापति, गुलाब, संदीप, माया सोनकर, दिनेश कुमार, कैलाश, अमरजीत, धर्मनाथ, जयंत गुप्ता, राधेश्याम, नरेश, सुनीता, साहिल, प्रभुनाथ, कालिंदी, विमल, कबूतरी और किरण कुमारी सहित अन्य ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

आयोजन में डॉ. रवि श्रीवास्तव और डॉ. अमित सिंह के सहयोगी मनीष सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच और योजना से संबंधित सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।

कुल मिलाकर, आजमगढ़ के चौकों खुर्द गांव में आयोजित निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर और आयुष्मान कार्ड कैंप ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की पहल रही। शिविर में लगभग 135 लोगों की आंखों की जांच की गई और 150 लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला। आयोजकों ने सेवा भावना के साथ ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं और जागरूकता का लाभ मिल सके।

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