लखीमपुर खीरी में संपूर्ण समाधान दिवस, डीएम ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: आमजन की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को गोला गोकर्णनाथ तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग और मुख्य विकास अधिकारी योगानंद पाण्डेय ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। समाधान दिवस में कुल 57 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से छह शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों के पास भेजते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
गोला गोकर्णनाथ तहसील में सुनी गईं जनसमस्याएं
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग और मुख्य विकास अधिकारी योगानंद पाण्डेय भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके बजाय, प्रत्येक शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला समाधान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर जांच करें, ताकि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जा सके।
डीएम बोले- शिकायतों का गुणवत्तापरक और समयबद्ध निस्तारण करें
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का समाधान पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक प्रकरण में निर्धारित समयसीमा का पालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायत की प्रकृति को समझते हुए संबंधित स्थल पर जाकर जांच की जाए। इसके बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिल सके।
इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान आने वाले गरीब, जरूरतमंद और असहाय लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। पात्र व्यक्तियों को सरकार की संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
शिकायतकर्ता से संवाद कर समस्या समझने के निर्देश
समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिकायतों का निस्तारण करते समय संबंधित व्यक्ति की परेशानी को समझना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन की शिकायतों और आवेदनों के समाधान के लिए जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता से स्वयं बातचीत करें।
उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित या परेशान व्यक्ति की स्थिति को समझते हुए उसकी भावनाओं का सम्मान किया जाए। साथ ही, पूरी संवेदनशीलता के साथ समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाए।
प्रशासनिक जनसुनवाई का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना है। इसलिए अधिकारियों को शिकायत के प्रत्येक पहलू पर ध्यान देने और कार्रवाई की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी देना और समाधान से उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। इससे प्रशासन और आमजन के बीच संवाद बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
समाधान दिवस में 57 शिकायतें दर्ज, छह का मौके पर निस्तारण
गोला गोकर्णनाथ तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 57 शिकायती प्रार्थना पत्र पंजीकृत किए गए। इनमें से छह शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रार्थना पत्र संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजे गए।
प्राप्त शिकायतों का विभागवार विवरण इस प्रकार रहा:
- राजस्व विभाग: 21 शिकायतें
- विकास विभाग: 9 शिकायतें
- आपूर्ति विभाग: 6 शिकायतें
- विद्युत विभाग: 4 शिकायतें
- पुलिस विभाग: 3 शिकायतें
- वन विभाग: 3 शिकायतें
- बैंक: 1 शिकायत
- कृषि विभाग: 1 शिकायत
- सिंचाई विभाग: 1 शिकायत
- नगर निकाय: 1 शिकायत
- अन्य विभाग: 7 शिकायतें
इन सभी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को भेजते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक प्रकरण में शिकायत की प्रकृति के अनुसार जांच और कार्रवाई की जाए।
राजस्व और विकास से जुड़ी शिकायतें सबसे अधिक
समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के विभागवार आंकड़ों के अनुसार, राजस्व विभाग से संबंधित 21 प्रार्थना पत्र दर्ज किए गए, जो सभी विभागों में सबसे अधिक थे। इसके बाद विकास विभाग की नौ और आपूर्ति विभाग की छह शिकायतें प्राप्त हुईं।
वहीं, विद्युत विभाग से संबंधित चार, पुलिस और वन विभाग से तीन-तीन शिकायतें दर्ज की गईं। इसके अलावा बैंक, कृषि, सिंचाई और नगर निकाय से संबंधित एक-एक शिकायत प्राप्त हुई। अन्य श्रेणी में सात प्रार्थना पत्र दर्ज किए गए।
यह विवरण दर्शाता है कि जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। हालांकि, प्रत्येक शिकायत के विषय और उसके समाधान की स्थिति की विस्तृत जानकारी अलग से उपलब्ध नहीं कराई गई है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई जनसुनवाई
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उपजिलाधिकारी युगांतर त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी जितेंद्र अरिहार, जिला विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह और तहसीलदार अरुण कुमार सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई करने और निस्तारण की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
कुल मिलाकर, लखीमपुर खीरी की गोला गोकर्णनाथ तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान 57 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें छह का मौके पर निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

