मिशन शक्ति फेज 6.0 कानपुर में एंटी रोमियो टीम ने महिलाओं को सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति किया जागरूक
रिपोर्ट- हरि शंकर शर्मा
कानपुर: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मिशन शक्ति फेज 6.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कमिश्नरेट कानपुर नगर के थाना सीसामऊ क्षेत्र अंतर्गत किशोर का हाता में शुक्रवार को एंटी रोमियो टीम ने विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान क्षेत्र की महिलाओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा, स्वावलंबन, आपातकालीन सहायता सेवाओं, साइबर सुरक्षा और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी सुविधाओं से परिचित कराना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और किसी भी समस्या की स्थिति में समय रहते सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना रहा। साथ ही, पुलिस टीम ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस प्रशासन आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान एंटी रोमियो टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न आपातकालीन एवं सहायता हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया। पुलिस टीम ने समझाया कि किसी भी परेशानी, उत्पीड़न या आपातकालीन परिस्थिति में संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग करके सहायता प्राप्त की जा सकती है।
महिलाओं को विशेष रूप से 1090 महिला पावर लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा और 181 महिला हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई। टीम ने बताया कि इन नंबरों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बिना देरी किए संबंधित सहायता सेवा से संपर्क किया जा सके।
इसके अलावा, बालिकाओं को किसी भी प्रकार की असहज स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों, विश्वसनीय व्यक्तियों या संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं को यह भी समझाया कि सुरक्षा संबंधी समस्याओं को समय पर सामने लाने से उचित सहायता प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
यूपी पुलिस कॉप ऐप और साइबर सुरक्षा पर जोर
वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया और इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल करना भी महिला सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए एंटी रोमियो टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को यूपी पुलिस के यूपी पुलिस कॉप ऐप से मिलने वाली जनसुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
टीम ने बताया कि डिजिटल माध्यमों के जरिए उपलब्ध पुलिस सेवाओं की जानकारी रखना नागरिकों के लिए उपयोगी हो सकता है। इसके साथ ही महिलाओं को व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
पुलिसकर्मियों ने साइबर सतर्कता के महत्व को समझाते हुए कहा कि अनजान लोगों के साथ निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अज्ञात व्यक्तियों को ओटीपी बताने या सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक करने से बचने की जरूरत है।
यदि किसी महिला या बालिका को ऑनलाइन उत्पीड़न, फर्जी प्रोफाइल, धमकी या साइबर धोखाधड़ी जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो उसे संबंधित शिकायत व्यवस्था के माध्यम से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस तरह कार्यक्रम में पारंपरिक सुरक्षा के साथ डिजिटल सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया।
महिला कल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया। पुलिस टीम ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी देते हुए महिलाओं को इन योजनाओं के उद्देश्य और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को सामूहिक विवाह आयोजन के जरिए सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों की महिलाओं को एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराकर स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
इसी प्रकार, निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इन योजनाओं की जानकारी मिलने से महिलाओं को अपने लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं को समझने और पात्रता के अनुसार उनका लाभ लेने में मदद मिल सकती है।
पुलिस टीम ने महिलाओं को प्रोत्साहित किया कि वे सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करें और आवेदन प्रक्रिया के लिए संबंधित विभागों या अधिकृत माध्यमों से संपर्क करें। जागरूकता का उद्देश्य यह भी रहा कि जानकारी के अभाव में पात्र महिलाएं सरकारी सहायता से वंचित न रहें।
घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ अधिकारों की जानकारी
महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी मिशन शक्ति अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इसी क्रम में एंटी रोमियो टीम ने महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम और घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।
टीम ने बताया कि महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण में रहने तथा काम करने का अधिकार है। यदि किसी महिला को घरेलू हिंसा या कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, तो वह संबंधित कानूनी प्रावधानों और निर्धारित शिकायत तंत्र के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकती है।
इसके साथ ही महिलाओं को अपनी समस्याओं के बारे में संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस टीम ने सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देना, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराना सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सीसामऊ थाने की महिला पुलिसकर्मियों ने निभाई सक्रिय भूमिका
किशोर का हाता में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में थाना सीसामऊ की पुलिस टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में उपनिरीक्षक अनूप सिंह, महिला उपनिरीक्षक ममता कुमारी, महिला उपनिरीक्षक मोनिका राजा, महिला कांस्टेबल सुमन और महिला कांस्टेबल कीर्ति ने भाग लिया।
पुलिस टीम ने क्षेत्र की महिलाओं और बालिकाओं से संवाद करते हुए उन्हें सुरक्षा उपायों, हेल्पलाइन नंबरों, सरकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक किया। अभियान के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उन्हें सहायता मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए।

