मेरठ खादी महोत्सव में स्पोर्ट्स स्टॉल गायब होने पर विधायक गुलाम मोहम्मद नाराज, मान्या चतुर्वेदी ने दिया आश्वासन
रिपोर्ट – मनीष पराशर
मेरठ, 17 अक्टूबर 2026। मेरठ के राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) मैदान में दस दिवसीय मंडलीय खादी महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। बेगमपुल के पास आयोजित इस महोत्सव में विभिन्न राज्यों के कारीगर अपने उत्पादों के साथ पहुंचे हैं। हालांकि, उद्घाटन के दौरान मेरठ के प्रसिद्ध स्पोर्ट्स मार्केट और खेल उत्पादों का स्टॉल नहीं दिखाई देने पर सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद ने नाराजगी जताई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से सवाल करते हुए मेले में खेल सामान का स्टॉल जल्द लगवाने की मांग की। इस पर मेरठ मंडल की खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही खेल उत्पादों का स्टॉल लगाया जाएगा।
बरसात के कारण एक दिन देरी से शुरू हुआ खादी महोत्सव
खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ओर से आयोजित यह मंडलीय प्रदर्शनी पहले 16 अक्टूबर से शुरू होनी थी, लेकिन बारिश के कारण कार्यक्रम एक दिन आगे बढ़ाना पड़ा। अब यह महोत्सव 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करना और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
इस महोत्सव का उद्घाटन राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैंट विधायक अमित अग्रवाल और सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद ने किया। कार्यक्रम में उद्योग विभाग के अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
आठ राज्यों के कारीगरों के लगभग 100 स्टॉल
खादी महोत्सव में उत्तर प्रदेश समेत जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कारीगर तथा खादी इकाइयां भाग ले रही हैं। प्रदर्शनी में लगभग 100 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां विभिन्न राज्यों के पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को देखने तथा खरीदने का अवसर मिल रहा है।
मेले में कश्मीरी शॉल, बनारसी सिल्क की साड़ियां, खादी और हैंडलूम के वस्त्र, ऊनी एवं सूती परिधान, हस्तनिर्मित सजावटी सामान और मिट्टी के बर्तन आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अतिरिक्त अचार, मुरब्बे, मसाले, शहद तथा अन्य जैविक खाद्य उत्पाद भी उपलब्ध हैं।
त्योहारों के मौसम को देखते हुए यह प्रदर्शनी स्थानीय खरीदारों और दूसरे राज्यों के कारीगरों के बीच संपर्क बढ़ाने का माध्यम बन रही है। इससे छोटे कारोबारियों को अपने उत्पादों का प्रचार करने और बिक्री बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मेरठ के खेल सामान का स्टॉल नहीं होने पर विधायक ने उठाए सवाल
उद्घाटन के बाद मंच से संबोधन के दौरान सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद ने मेले में खेल उत्पादों का स्टॉल नहीं होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मेरठ की पहचान देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेल सामान और स्पोर्ट्स मार्केट से जुड़ी है। ऐसे में शहर में आयोजित खादी महोत्सव में मेरठ के खेल उत्पादों को जगह नहीं मिलना उचित नहीं है।
विधायक ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय उद्योगों और कारोबारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित प्रदर्शनी में मेरठ के प्रमुख उद्योग को भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से जल्द से जल्द खेल सामान का स्टॉल लगवाने की मांग की।
इस मुद्दे पर खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि मेले में मेरठ के खेल उत्पादों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्पोर्ट्स सामान का स्टॉल लगवाने की व्यवस्था की जाएगी।
स्वदेशी उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने खादी महोत्सव को स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना के अनुरूप स्थानीय उत्पादों को अपनाने से छोटे कारोबारियों, कारीगरों और उद्यमियों को लाभ मिलता है। साथ ही, इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
उन्होंने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, युवाओं को अपना कारोबार स्थापित करने और उद्योग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
वहीं, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि खादी महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग को प्रोत्साहन देने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए लोगों से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की।
जैविक गुड़ बनाने वाले उद्यमी जगपाल को मिला सम्मान
महोत्सव के उद्घाटन समारोह में स्वरोजगार के जरिए अपनी पहचान बनाने वाले उद्यमियों को भी सम्मानित किया गया। उद्योग विभाग से ऋण लेकर कारोबार स्थापित करने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने वाले युवाओं को प्रमाण पत्र तथा प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में स्थानीय उद्यमी जगपाल को जैविक गन्ने से गुड़ और शक्कर तैयार करने के उनके व्यवसाय के लिए तृतीय पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना कारोबार शुरू करने के लिए विभाग से तीन लाख रुपये का ऋण लिया था। उनके अनुसार, इस ऋण पर उन्हें 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ मिलता है।
जगपाल ने कहा कि सरकारी योजनाओं से उन्हें व्यवसाय स्थापित करने में सहायता मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी खादी महोत्सव में अच्छा कारोबार होगा। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलता है और उद्यमियों का उत्साह बढ़ता है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दे रहा विभाग
खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने बताया कि त्योहारों के मौसम में ग्राहकों तक स्वदेशी उत्पाद पहुंचाने और कारीगरों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और माटी कला से संबंधित ऋण योजनाओं का उल्लेख करते हुए पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कुल मिलाकर, मेरठ का खादी महोत्सव पारंपरिक उत्पादों, स्थानीय कारोबार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया है। हालांकि, खेल उत्पादों का स्टॉल नहीं होना उद्घाटन के दौरान चर्चा का प्रमुख विषय रहा। अब अधिकारियों के आश्वासन के बाद शहरवासियों और खेल उद्योग से जुड़े कारोबारियों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि मेरठ के प्रसिद्ध खेल सामान को प्रदर्शनी में कब स्थान मिलता है।

