इटावा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शिवांगी यादव समेत 6 पर 5 करोड़ की रंगदारी का केस, जानिए पूरा मामला
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शिवांगी उर्फ अश्वी यादव समेत छह लोगों के खिलाफ पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर थाना भरथना में की गई है। शिकायतकर्ता आशुतोष उर्फ टोनू यादव ने आरोप लगाया है कि उन्हें निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पहले डेढ़ करोड़ रुपये वसूले गए और बाद में पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रहे हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
इस मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है, क्योंकि इससे पहले शिवांगी यादव की शिकायत पर आशुतोष उर्फ टोनू यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया था। उस मामले में घर में घुसकर फायरिंग करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने फायरिंग के मामले में एक नाबालिग समेत दो लोगों को जेल भेजा है। अब रंगदारी के आरोपों को लेकर नया मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस दोनों मामलों के तथ्यों और आपसी संबंधों की पड़ताल कर रही है।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ रंगदारी का मुकदमा
मिली जानकारी के अनुसार, आशुतोष उर्फ टोनू यादव ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शिवांगी उर्फ अश्वी यादव समेत छह लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी दी गई। इसके जरिए कथित तौर पर उनसे डेढ़ करोड़ रुपये की वसूली की गई और बाद में पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।
शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर न्यायालय के आदेश पर थाना भरथना में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। मामले में आरोपों की सत्यता और संबंधित लोगों की भूमिका का निर्धारण पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं और कथित घटनाक्रम किन परिस्थितियों में हुआ।
शिवांगी यादव ने भी दर्ज कराया था मुकदमा
इस विवाद में इससे पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शिवांगी उर्फ अश्वी यादव की शिकायत पर भी मामला दर्ज हुआ था। उन्होंने आशुतोष उर्फ टोनू यादव के खिलाफ इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में घर में घुसकर फायरिंग करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले की जांच के बाद एक नाबालिग समेत दो लोगों को जेल भेजा गया है। इस प्रकरण में पुलिस ने आगे की जांच भी जारी रखी है।
इसके बाद अब आशुतोष उर्फ टोनू यादव की ओर से की गई अपील पर न्यायालय के आदेश से शिवांगी यादव समेत छह लोगों के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस तरह दोनों पक्षों की शिकायतों के कारण मामला और जटिल हो गया है।
हालांकि, दोनों मामलों में लगाए गए आरोप अलग-अलग हैं। इसलिए यह जरूरी है कि प्रत्येक शिकायत की जांच उसके अपने तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाए।
एसएसपी ने क्या बताया?
इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत कर रहे हैं और मुकदमे दर्ज करा रहे हैं।
एसएसपी के अनुसार, फायरिंग से जुड़े मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत दो लोगों को जेल भेजा है। उन्होंने यह भी बताया कि शिवांगी उर्फ अश्वी यादव की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच में षड्यंत्र से जुड़े पहलू सामने आए हैं।
वहीं, आशुतोष उर्फ टोनू यादव की अपील पर न्यायालय के आदेश से थाना भरथना में शिवांगी उर्फ अश्वी यादव समेत छह लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की भी जांच कर रही है।
एसएसपी के बयान के अनुसार, पूरे प्रकरण में दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों की पड़ताल की जा रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी एक पक्ष के आरोपों को अंतिम निष्कर्ष मानना उचित नहीं होगा।
निजी तस्वीरों की धमकी और रंगदारी के आरोपों की जांच
शिकायतकर्ता आशुतोष उर्फ टोनू यादव ने आरोप लगाया है कि निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उनसे कथित तौर पर रकम वसूली गई। इसके बाद पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने का आरोप भी लगाया गया है।
इस तरह के मामलों में कथित धमकी, धनराशि के लेनदेन और संबंधित लोगों के बीच हुई बातचीत की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस उपलब्ध दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और शिकायत में बताए गए तथ्यों की पड़ताल कर सकती है। हालांकि, इस मामले में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं और जांच में अब तक क्या निष्कर्ष निकला है, इसकी पूरी जानकारी सामने आना बाकी है।
साथ ही, निजी तस्वीरों से संबंधित आरोपों के मामले में संबंधित व्यक्तियों की निजता का सम्मान करना भी आवश्यक है। इसलिए बिना पुष्टि के किसी निजी सामग्री को साझा करना या आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
दोनों मामलों में जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
इटावा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शिवांगी यादव और आशुतोष उर्फ टोनू यादव से जुड़ा यह मामला अब दो अलग-अलग शिकायतों के कारण चर्चा में है। एक ओर फायरिंग और धमकी के आरोपों वाला मामला है, जिसमें पुलिस ने दो लोगों को जेल भेजा है। दूसरी ओर, न्यायालय के आदेश पर दर्ज पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की शिकायत है, जिसमें शिवांगी यादव समेत छह लोगों के नाम शामिल हैं।
फिलहाल, पुलिस दोनों मामलों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि रंगदारी की शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं और दोनों पक्षों के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या है।

