औरैया में अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आकर मामा-भांजे की मौत, घर लौटते समय हुआ हादसा – पढ़िए कहां
रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी
औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह रेलवे ट्रैक पर हुए हादसे में मामा-भांजे की मौत हो गई। दोनों अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। घटना रेलवे क्रॉसिंग संख्या 13-बी के पास हुई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो घर लौटने की उम्मीद मातम में बदल चुकी थी।
मृतकों की पहचान राजू पुत्र जयवीर सिंह और उसके मामा कृष्ण पुत्र दीपचंद के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, दोनों गुजरात के सूरत में काम करते थे और वहां से घर लौट रहे थे। राजू की तबीयत खराब होने के कारण उसके मामा कृष्ण उसे घर छोड़ने के लिए साथ आए थे। हालांकि, घर पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो गई। पुलिस और रेलवे से जुड़े अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की गई।
अछल्दा रेलवे क्रॉसिंग के पास सुबह हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 6:15 बजे अछल्दा रेलवे क्रॉसिंग संख्या 13-बी के पास यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों युवक अछल्दा रेलवे स्टेशन की तरफ से क्रॉसिंग की ओर पैदल जा रहे थे। इसी दौरान कानपुर की दिशा में जा रही अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।
हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। रेलवे ट्रैक पर हुए इस हादसे की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई। इसके बाद घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
फिलहाल, हादसे की परिस्थितियों को लेकर उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की जांच की जरूरत है। यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि दोनों युवक किस परिस्थिति में ट्रेन की चपेट में आए।
इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी गई ट्रेन
घटना के बाद अमृत भारत एक्सप्रेस के लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। जानकारी के मुताबिक, इंजन की जांच करने के बाद ट्रेन को करीब पांच मिनट में आगे रवाना कर दिया गया।
वहीं, घटना की सूचना मिलने पर रेलवे गैंगमैन ने ट्रैक को क्लियर कराने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद स्टेशन मास्टर की ओर से जीआरपी फफूंद को हादसे की जानकारी दी गई।
रेलवे ट्रैक पर इस तरह की घटनाओं के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाती है, ताकि घटना के तथ्यों का पता लगाया जा सके और रेल परिचालन को सुरक्षित तरीके से जारी रखा जा सके।
राजू की मां ने की दोनों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले राजू पुत्र जयवीर सिंह मूल रूप से नगला रामलाल, रायपुर, फफूंद का निवासी था। बताया गया है कि वह वर्तमान में अछल्दा के लक्ष्मी नगर ब्लॉक चौराहे के पास रह रहा था।
वहीं, दूसरे मृतक कृष्ण पुत्र दीपचंद एटा जिले के रेजुआ के निवासी थे। वह राजू के मामा थे। घटना की सूचना मिलने पर राजू की मां मीना देवी मौके पर पहुंचीं और दोनों की पहचान की।
पहचान होने के बाद परिवार के लोगों को हादसे की जानकारी मिली। इसके बाद परिजनों में शोक छा गया। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद रही, क्योंकि दोनों घर लौट रहे थे और उनके आने का इंतजार किया जा रहा था।
राजू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था
परिजनों के अनुसार, राजू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके परिवार में पत्नी नेहा और दो साल का बेटा कन्हैया है। राजू की मौत से पत्नी और छोटे बेटे के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
वहीं, उसके मामा कृष्ण अपने परिवार में पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी चार बहनें भी हैं। ऐसे में एक ही हादसे में दो सदस्यों की मौत से दोनों परिवारों को गहरा आघात पहुंचा है।
बताया जा रहा है कि दोनों सूरत में काम करते थे। वहां से लौटते समय राजू की तबीयत खराब होने के कारण कृष्ण उसके साथ आए थे, ताकि उसे सुरक्षित घर पहुंचाया जा सके। लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
घर लौटने से पहले खत्म हुआ सफर
परिजनों के मुताबिक, दोनों युवक काम के सिलसिले में सूरत में रहते थे और घर वापस आ रहे थे। राजू की तबीयत खराब होने के कारण उसके मामा कृष्ण ने उसके साथ आने का फैसला किया था। परिवार को उम्मीद थी कि दोनों जल्द घर पहुंच जाएंगे, लेकिन अछल्दा के पास हुए रेल हादसे में दोनों की जान चली गई।
घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। खासकर राजू के छोटे बेटे और पत्नी के भविष्य को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, कृष्ण की मौत से उनके भाई-बहनों और अन्य रिश्तेदारों को गहरा दुख पहुंचा है।
रेलवे ट्रैक के आसपास सावधानी बरतना और निर्धारित रास्तों का ही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। हालांकि, इस घटना में दोनों युवक किन परिस्थितियों में ट्रेन की चपेट में आए, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
औरैया के अछल्दा क्षेत्र में हुआ यह हादसा दो परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति बन गया है। घर लौट रहे मामा-भांजे की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। घटना से जुड़े तथ्यों की जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हादसे की परिस्थितियों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

