बांदा: भांजे की हत्या के आरोप में मामा और ममेरा भाई गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया डंडा
रिपोर्ट – शैलेंद्र शानू वर्मा
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पैलानी थाना क्षेत्र के पैलानी डेरा गांव में 21 वर्षीय युवक आलोक निषाद की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके मामा और ममेरे भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद करने का दावा किया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया।
इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। वहीं, युवक की हत्या के पीछे की वजह को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा हो रही है। हालांकि, हत्या के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
गुजरात से तीन दिन पहले घर लौटा था आलोक
जानकारी के अनुसार, पैलानी डेरा गांव निवासी आलोक निषाद गुजरात में मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सहयोग करता था। वह घटना से करीब तीन दिन पहले ही गुजरात से अपने घर लौटा था। परिवार को उम्मीद थी कि युवक कुछ समय अपने परिजनों के साथ बिताएगा, लेकिन 14 अक्टूबर की रात उसकी हत्या हो गई।
युवक की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मृतक के पिता सूरज प्रसाद की तहरीर के आधार पर पैलानी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आलोक के साथ डंडे से मारपीट की गई, जिसके चलते उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। इसके बाद जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मामा जगन्नाथ और ममेरा भाई राजा भइया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जगन्नाथ उर्फ गेद्दू और राजा भइया उर्फ रज्जा के रूप में हुई है। जगन्नाथ मृतक आलोक का मामा है, जबकि राजा भइया उसका ममेरा भाई बताया गया है।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों को पैलानी डेरा के आगे बांदा-सुमेरपुर मार्ग से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद किया।
इसके साथ ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्य भी एकत्र किए। इन साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करके न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया गया।
हालांकि, मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और डंडे की बरामदगी पुलिस की जांच का हिस्सा है। घटना से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
मामी से कथित संबंधों के विवाद की भी चर्चा
आलोक निषाद की हत्या के पीछे की वजह को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्टों में मामी से कथित संबंधों से जुड़े विवाद का उल्लेख किया गया है। इन रिपोर्टों में इस विवाद को हत्या की संभावित वजह बताया गया है। हालांकि, पुलिस की उपलब्ध जानकारी में इस पहलू की स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में इस कथित विवाद को हत्या का स्थापित कारण मानना उचित नहीं होगा। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और घटना से पहले की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका तथा अन्य संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है।
जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और न्यायालय की प्रक्रिया का इंतजार करना जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी सदर प्रतिज्ञा सिंह के नेतृत्व में पैलानी थाना पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की।
मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने निर्धारित स्थान पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद मामले से संबंधित साक्ष्य जुटाने और घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आलोक निषाद अपने परिवार में दो भाइयों में छोटा था। उसकी मां की करीब तीन वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। ऐसे में युवक की असमय मौत से परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है। गुजरात में मजदूरी करने वाला आलोक अपने घर से दूर रहकर काम करता था और घटना से कुछ दिन पहले ही गांव लौटा था।
परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद है। एक ओर युवक की मौत से परिजन शोक में हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। गांव में भी घटना को लेकर चर्चा है।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मृतक के पिता की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238 के तहत कार्रवाई की जा रही है। मुकदमा संख्या 218/2026 थाना पैलानी में दर्ज है।

