बांदा: घर में घुसकर किसान के बेटे से 81,950 रुपये छीनने का आरोप, मां-बेटे घायल

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रिपोर्ट – शैलेंद्र शानू वर्मा

पैलानी, बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पैलानी क्षेत्र में किसान के बेटे से घर में घुसकर 81,950 रुपये छीनने और विरोध करने पर लोहे की रॉड से हमला करने का मामला सामने आया है। घटना चिल्ला थाना क्षेत्र के अतरहट गांव की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष ने तीन नामजद व्यक्तियों समेत कुछ अज्ञात लोगों पर मारपीट, रुपये छीनने और धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना में युवक रामजी और उसकी मां मंजू घायल हो गए। दोनों का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। वहीं, पीड़ित ने पुलिस से शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।

गेहूं बेचकर घर लौट रहा था किसान का परिवार

पीड़ित के अनुसार, 15 अक्टूबर को वह अपने बेटे रामजी के साथ तिंदवारी में गेहूं बेचने गया था। फसल बेचने के बाद उसे कुल 81,950 रुपये मिले थे। किसान जब रुपये लेकर वापस लौट रहा था, तब उसने पूरी रकम अपने बेटे रामजी को देकर घर भेज दिया। परिवार को उम्मीद थी कि फसल की बिक्री से मिली रकम सुरक्षित घर पहुंच जाएगी। हालांकि, आरोप है कि उसी रात घर में घुसकर रुपये छीनने की घटना हो गई।

पीड़ित का कहना है कि रात करीब साढ़े आठ बजे कुछ लोग उसके घर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने घर में घुसकर गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद रामजी के पास रखी गेहूं की बिक्री की रकम छीन ली गई। जब युवक ने इसका विरोध किया, तो उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया। इस दौरान रामजी घायल हो गया।

मां मंजू के साथ भी मारपीट का आरोप

शिकायत में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान रामजी की मां मंजू के साथ भी मारपीट की गई। मां-बेटे के घायल होने के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। मामले में आरोपित पक्ष का बयान और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

तीन नामजद समेत अज्ञात लोगों पर लगाए आरोप

पीड़ित ने अपनी शिकायत में गांव के सुन्ता पुत्र तोता खंगार, रज्जू पुत्र कमतू और रणजीत पुत्र बलबीर सेंगर के नाम का उल्लेख किया है। इसके अलावा दो से तीन अन्य अज्ञात लोगों के भी घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

पीड़ित के मुताबिक, घटना के समय शोर सुनकर सज्जन पुत्र संजय, सोना पत्नी मिठाईलाल समेत गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए थे। स्थानीय लोगों के पहुंचने के बाद घटनाक्रम से संबंधित जानकारी सामने आई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि रुपये छीनने और मारपीट की घटना के बाद परिवार ने मदद के लिए पुलिस से संपर्क किया।

जिला अस्पताल में कराया गया उपचार

घटना में घायल रामजी और उसकी मां मंजू को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। दोनों का उपचार कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार के लिए फसल बेचकर प्राप्त हुई रकम महत्वपूर्ण थी। ऐसे में रकम छीने जाने के आरोप ने परिवार की परेशानी बढ़ा दी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपनी फसल बेचने के बाद प्राप्त रकम का उपयोग घरेलू खर्च, कृषि संबंधी जरूरतों और आगामी फसल की तैयारी के लिए करते हैं। इसलिए इस तरह की घटनाओं में शिकायत की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है।

पुलिस कार्रवाई की मांग, परिवार की सुरक्षा पर जोर

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसने पुलिस चौकी में शिकायत की, लेकिन उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उसने आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग दोहराई है। साथ ही, परिवार को भविष्य में किसी तरह की परेशानी या खतरे से बचाने के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी गुहार लगाई है।

फिलहाल, मामले में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।

निष्पक्ष जांच से स्पष्ट होगी घटना की वास्तविक स्थिति

अतरहट गांव में हुई इस कथित घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग की है। शिकायत के अनुसार, गेहूं बेचकर मिली 81,950 रुपये की रकम छीनने और विरोध करने पर मां-बेटे के साथ मारपीट की गई। वहीं, मामले में आरोपित व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत के आधार पर क्या कदम उठाती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है। मामले में निष्पक्ष जांच, उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण और कानून के अनुसार कार्रवाई से ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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