कानपुर देहात में वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान हुआ कार्यक्रम, वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को किया गया सम्मानित

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रिपोर्ट – विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कानपुर देहात में 15 अक्टूबर 2026 को ‘वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में देश की रक्षा के लिए अपना योगदान देने वाले वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान को याद किया गया। साथ ही वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना तथा उन्हें उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना रहा। इसके अलावा, कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रसेवा में सैनिकों के योगदान और उनके परिवारों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया गया।

दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद वीर सैनिकों की गौरवगाथाओं का वाचन हुआ। इस दौरान देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में सैनिकों के योगदान को याद करते हुए उनके साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया गया।

वक्ताओं ने सैनिकों के योगदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं, सैनिकों के परिवार भी उनके साथ जिम्मेदारियों और चुनौतियों को साझा करते हैं। ऐसे में वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों का सम्मान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और उनके योगदान को याद किया। इस तरह आयोजन ने राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।

ब्रिगेडियर अतुल कुमार ने वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान निदेशक, राज्य सैनिक बोर्ड, लखनऊ, ब्रिगेडियर अतुल कुमार, सेना मेडल ने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सैनिक परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई तथा उनके सम्मान, कल्याण और सहयोग के महत्व पर जोर दिया गया।

वीर नारियां उन परिवारों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्रियजनों के योगदान और बलिदान को करीब से अनुभव किया है। वहीं, पूर्व सैनिकों ने अपने सेवाकाल में राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में उन्हें सम्मानित करने का उद्देश्य उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करना और उनके प्रति समाज की जिम्मेदारी को रेखांकित करना रहा।

इसके साथ ही कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मान देने के साथ-साथ उनके जीवन से जुड़ी आवश्यकताओं और कल्याणकारी सुविधाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।

पूर्व सैनिकों को सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

‘वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान’ कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना भी था। इसी क्रम में पूर्व सैनिकों यानी एक्स-सर्विसमैन (ESM) के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

इन योजनाओं से संबंधित जानकारी का उद्देश्य पात्र पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे जरूरत के अनुसार उनका लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया समझ सकें।

इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में नमन सेल के प्रतिनिधियों और ईसीएचएस (ECHS) के चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति भी रही। इससे आयोजन में पूर्व सैनिकों के कल्याण और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े विषयों को भी स्थान मिला।

हालांकि, उपलब्ध विवरण में योजनाओं के नाम, पात्रता की शर्तों और आवेदन प्रक्रिया का अलग-अलग उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए संबंधित योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक पूर्व सैनिक जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और पूर्व सैनिक रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के सैनिक कल्याण अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और समाजसेवियों ने सहभागिता की। इनमें कर्नल एस.पी. सिंह, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी, कानपुर नगर; कर्नल रोहित भटारा, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी, कन्नौज; पूर्व सैनिक एवं समाजसेवी कैप्टन राहुल तिवारी; कारगिल युद्ध के अनुभवी कैप्टन रविंद्र; कैप्टन राम स्वरूप पाल और हवलदार उमेश बाबू शामिल रहे।

इसके अलावा, नमन सेल के प्रतिनिधि और ईसीएचएस के चिकित्सा अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अधिकारियों और पूर्व सैनिकों की भागीदारी ने आयोजन को महत्वपूर्ण बनाया।

कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और उसके सफल क्रियान्वयन में विंग कमांडर अंकित सक्सेना (अ०प्रा०), जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी, कानपुर देहात की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यालय के कर्मचारियों और पूर्व सैनिकों ने भी आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना

कार्यक्रम के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं की निदेशक, राज्य सैनिक बोर्ड, लखनऊ, ब्रिगेडियर अतुल कुमार ने सराहना की। वहीं, उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों ने भी आयोजन को सराहनीय बताया।

इस तरह कार्यक्रम ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों को सम्मान देने के साथ-साथ उनके कल्याण से जुड़े विषयों पर संवाद का अवसर प्रदान किया। ऐसे आयोजन सैनिक परिवारों को यह भरोसा दिलाने में भी सहायक हो सकते हैं कि उनके योगदान और आवश्यकताओं को महत्व दिया जाता है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत सैनिक परिवारों के सम्मान की पहल

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। इसके माध्यम से वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के सम्मान, कल्याण तथा मनोबल को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

इसके साथ ही, कार्यक्रम ने यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके कल्याण, सुविधाओं और जरूरतों के प्रति निरंतर संवेदनशीलता आवश्यक है।

कुल मिलाकर, कानपुर देहात में आयोजित ‘वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान’ कार्यक्रम ने राष्ट्रसेवा के प्रति सम्मान, सैनिक परिवारों के प्रति कृतज्ञता और पूर्व सैनिकों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया।

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