लखीमपुर खीरी में महिला सशक्तिकरण पर जोर, पांच किसानों को मिले ट्रैक्टर; उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी 

लखीमपुर खीरी: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और आधुनिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुरुवार को लखीमपुर खीरी में जनपद स्तरीय मिलेट्स किसान मेला एवं रबी उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। सेवा संकल्प अभियान और अंतरराष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण, पोषण सुरक्षा, कौशल विकास और कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया गया। वहीं, फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत पांच किसानों को ट्रैक्टर की चाबियां सौंपी गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक योगेश वर्मा, धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी और जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।

महिलाओं की आत्मनिर्भरता को विकास की आधारशिला बताया

जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता जनपद के विकास की आधारशिला है। इसलिए जरूरी है कि पात्र महिलाओं तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रभावशीलता बनाए रखी जाए और पात्र लाभार्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, उन्होंने महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया।

डीएम के अनुसार, महिलाओं को शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने से परिवारों की स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण विकास की प्रक्रिया को भी गति मिल सकती है। इसी उद्देश्य से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है।

स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से जुड़ने की अपील

सदर विधायक योगेश वर्मा ने महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित करने और उन्हें सामूहिक गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं। इनके जरिए महिलाएं आजीविका से संबंधित कार्यों में भागीदारी कर सकती हैं और अपनी क्षमताओं का विकास कर सकती हैं। इसके साथ ही, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने में सहायक हो सकते हैं।

वहीं, धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर उपलब्ध कराना और उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा सामाजिक कुरीतियों को दूर करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

पांच किसानों को सौंपी गईं ट्रैक्टर की चाबियां

मिलेट्स किसान मेला एवं रबी उत्पादकता गोष्ठी में कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने पर भी ध्यान दिया गया। कार्यक्रम के दौरान फार्म मशीनरी बैंक के तहत पांच किसानों को ट्रैक्टर की चाबियां सौंपी गईं। इस पहल का उद्देश्य किसानों को कृषि कार्यों में मशीनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना और खेती से जुड़ी गतिविधियों को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

कृषि में आधुनिक उपकरणों का उपयोग समय और श्रम की बचत में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से किसान विभिन्न कृषि कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा कर सकते हैं। हालांकि, इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए किसानों को संबंधित योजनाओं की पात्रता, उपलब्ध सहायता और उपयोग की प्रक्रिया की जानकारी होना भी जरूरी है।

कार्यक्रम में रबी उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को कृषि से जुड़ी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गोष्ठी भी आयोजित की गई। इस दौरान कृषि क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और आधुनिक तकनीकों के महत्व पर चर्चा की गई।

विभागीय स्टॉलों के माध्यम से दी गई योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान सदर विधायक, धौरहरा विधायक, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इन स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं और किसानों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, कौशल प्रशिक्षण तथा स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं को उपलब्ध सेवाओं और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं के प्रति जागरूक करना और उन्हें जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों से जोड़ना रहा।

इसके अतिरिक्त, उद्यान विभाग की ओर से सब्जी मिनीकिट वितरित की गईं। सब्जी मिनीकिट के माध्यम से लाभार्थियों को सब्जी उत्पादन से संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। वहीं, कृषि और उद्यान क्षेत्र से जुड़ी जानकारी किसानों को अपनी खेती की योजना बनाने में मदद कर सकती है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और समूहों का सम्मान

महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं और समूहों को कार्यक्रम में शॉल एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस पहल के जरिए महिलाओं के कार्यों की सराहना की गई और अन्य महिलाओं को भी सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियों में आगे आने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया।

गोष्ठी के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में महिला किसानों, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं और अन्य प्रतिभागियों की मौजूदगी ने कृषि एवं महिला विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद का अवसर उपलब्ध कराया।

इस अवसर पर संयुक्त कृषि निदेशक, लखनऊ मंडल, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, महिला किसान, अन्य कृषक और स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं।

लखीमपुर खीरी में आयोजित मिलेट्स किसान मेला एवं रबी उत्पादकता गोष्ठी में महिला सशक्तीकरण और कृषि विकास को साथ लेकर चलने का संदेश दिया गया। एक ओर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और समूहों को सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर फार्म मशीनरी बैंक के तहत पांच किसानों को ट्रैक्टर की चाबियां सौंपी गईं। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं की जानकारी, कौशल विकास, स्वरोजगार और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

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