कानपुर में दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज का ‘अभिव्यक्ति 2026’ ग्रैंड फिनाले, छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

f3fe8a69-6f07-4b8e-87bb-7db6cb1a1324

रिपोर्ट – सुहैल अंसारी 

कानपुर: दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर में साहित्यिक परिषद की ओर से आयोजित ‘अभिव्यक्ति 2026’ लिटरेरी इवेंट्स का ग्रैंड फिनाले बुधवार, 14 अक्टूबर को उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। डॉ. नागेंद्र स्वरूप मेमोरियल ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी साहित्यिक प्रतिभा, रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सराहना मिली। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करना और उन्हें अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रो. हरितिमा कुमार, प्रो. मुकुलिका हितकारी, निदेशिका प्रो. अर्चना वर्मा, महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वंदना निगम, साहित्यिक परिषद प्रभारी प्रो. अंजली श्रीवास्तव और सांस्कृतिक परिषद प्रभारी प्रो. रुचिमिता पांडे उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्राओं की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बनाया। वहीं, साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को अपनी कल्पनाशक्ति, विचारों और भावनाओं को अलग-अलग रचनात्मक माध्यमों से व्यक्त करने का अवसर मिला।

सितंबर में आयोजित हुई थीं विभिन्न प्रतियोगिताएं

साहित्यिक परिषद के सदस्यों की ओर से 3 से 11 सितंबर तक ‘अभिव्यक्ति 2026’ के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इनमें वाद-विवाद, कहानी वाचन, कविता पाठ, क्रिएटिव राइटिंग, स्लोगन लेखन, कैलीग्राफी, पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन, भाषण और क्विज जैसी गतिविधियां शामिल रहीं।

इन प्रतियोगिताओं के जरिए छात्राओं को साहित्य, भाषा, लेखन और रचनात्मक कला के विभिन्न पहलुओं को समझने तथा अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला। इसके अलावा, प्रतियोगिताओं ने छात्राओं को मंच पर अपने विचार रखने, तर्क प्रस्तुत करने और मौलिक रचनाएं तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने हासिल किए स्थान

‘अभिव्यक्ति 2026’ के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रमुख प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के नाम इस प्रकार हैं—

  • वाद-विवाद प्रतियोगिता: हर्षिता शुक्ला
  • कहानी वाचन: अंजली सिंह
  • कविता पाठ: शैली मौर्य और अंजलि
  • क्रिएटिव राइटिंग: अदिति
  • स्लोगन लेखन: बिनिश परवीन
  • कैलीग्राफी: मरियम नजर
  • पोस्टर निर्माण: शिखा मौर्य
  • निबंध प्रतियोगिता: मरियम नजर
  • भाषण प्रतियोगिता: अंशिका वर्मा

वहीं, क्विज प्रतियोगिता में टीम डी की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस टीम में शिखा मौर्य, सानिया थापा, शिवांगी और युमाम शामिल रहीं। प्रतियोगिताओं में छात्राओं की भागीदारी ने यह दिखाया कि साहित्यिक गतिविधियां केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा मिलता है।

‘साहित्य समाज का दर्पण है’ : प्राचार्या प्रो. वंदना निगम

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वंदना निगम ने स्वागत भाषण के दौरान छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है। यह केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि छात्राओं के विचारों और भावनाओं को सामने लाने का सशक्त जरिया भी है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्राओं के विचार कभी शब्दों के माध्यम से तो कभी रंगों और चित्रों के जरिए सामने आते हैं। इस प्रकार साहित्य और कला उन्हें अपनी अनुभूतियों को रचनात्मक रूप देने का अवसर प्रदान करते हैं।

प्राचार्या के अनुसार, इस तरह के आयोजनों से छात्राओं की छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे विकसित करने में मदद मिलती है। साथ ही, उन्हें अपनी बात स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ रखने का अवसर भी मिलता है।

शिक्षकों ने बढ़ाया छात्राओं का उत्साह

कार्यक्रम में प्रो. हरितिमा कुमार, प्रो. मुकुलिका हितकारी और निदेशिका प्रो. अर्चना वर्मा ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।

दरअसल, शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान हासिल करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन, संवेदनशीलता और रचनात्मकता का विकास करना भी है। ऐसे आयोजन छात्राओं को अपनी रुचि पहचानने और नए विचारों को सामने लाने के लिए प्रेरित करते हैं।

‘अभिव्यक्ति 2026’ के माध्यम से छात्राओं को लेखन, भाषण, कविता और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इसके साथ ही, प्रतियोगिताओं ने उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और एक-दूसरे की प्रतिभा का सम्मान करने की भावना को भी प्रोत्साहित किया।

शिक्षकों और आयोजकों का रहा सहयोग

कार्यक्रम का संचालन डॉ. हिना अफशा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन साहित्यिक परिषद प्रभारी प्रो. अंजली श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, परिषद के सदस्यों और छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर प्रो. सुगंधा तिवारी, नैक कोऑर्डिनेटर प्रो. अलका श्रीवास्तव, प्रो. पप्पी मिश्रा, प्रो. स्वाति सक्सेना, प्रो. अभिलाषा गौड़, प्रो. सुमन सिंह, डॉ. दीपाली सक्सेना, डॉ. पिंकी द्विवेदी, डॉ. मंजुला श्रीवास्तव और डॉ. शिखा खरे सहित अन्य शिक्षकों का सहयोग रहा।

कुल मिलाकर, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में आयोजित ‘अभिव्यक्ति 2026’ का ग्रैंड फिनाले छात्राओं की साहित्यिक और रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। इस आयोजन ने छात्राओं को अपने विचारों को शब्दों और रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का मंच दिया। साथ ही, इसने शिक्षा के साथ साहित्य, कला और मौलिक चिंतन के महत्व को भी रेखांकित किया।

You may have missed