अमरोहा के नौगांव सादात में हर घर जल योजना पर सवाल, सड़क किनारे धंस रहे ट्रक; हादसे का खतरा

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रिपोर्ट – इकबाल अंसारी 

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के नौगांव सादात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर जल, हर घर नल’ के तहत पाइपलाइन बिछाने के कार्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अमरोहा-बिजनौर मार्ग पर शोहरत आईटीआई स्कूल के पास सड़क किनारे खोदी गई नाली में ट्रकों के धंसने की घटनाएं सामने आने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। आरोप है कि मुख्य सड़क से करीब दो फीट की दूरी पर पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई की गई, जिससे सड़क किनारे का हिस्सा कमजोर हो गया है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कराने और सड़क किनारे की स्थिति को सुरक्षित बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि पेयजल योजना का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान सड़क की सुरक्षा और गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।

सड़क के पास खुदाई से बढ़ी परेशानी

नौगांव सादात में अमरोहा-बिजनौर रोड पर शोहरत आईटीआई स्कूल के नजदीक पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई अब चर्चा का विषय बनी हुई है। शिकायत के अनुसार, मुख्य सड़क से लगभग दो फीट की दूरी पर नाली खोदी गई है। इसी स्थान पर ट्रकों के धंसने की घटनाएं सामने आने का दावा किया गया है।

भारी वाहनों के लिए सड़क किनारे की जमीन का मजबूत होना आवश्यक है। यदि खुदाई के बाद मिट्टी का उचित भराव और दबाव के अनुसार मरम्मत नहीं की जाती है, तो सड़क का किनारा कमजोर हो सकता है। ऐसी स्थिति में वाहन का पहिया किनारे की ओर जाने पर उसके धंसने का खतरा बढ़ सकता है।

हालांकि, सड़क किनारे ट्रकों के धंसने के वास्तविक कारणों और निर्माण कार्य में किसी तकनीकी कमी की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

नामित सभासदों ने जिलाधिकारी से की थी शिकायत

इस मामले में नगर पंचायत के नामित सभासद वीरेंद्र सिंह सैनी और उषा शर्मा ने करीब एक सप्ताह पहले जिलाधिकारी नितिन गौड़ को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में पाइपलाइन बिछाने के कार्य और सड़क किनारे पैदा हुई स्थिति पर ध्यान देने की मांग की गई थी।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने समस्या से प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी है। उनका कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान किया जाना चाहिए, ताकि सड़क किनारे की स्थिति और अधिक खराब न हो तथा आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

वीरेंद्र सिंह सैनी, जो भाजपा से जुड़े नगर पंचायत के नामित सभासद हैं, ने इस मामले को उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। उनका पक्ष इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर शामिल किया गया है। वहीं, संबंधित विभाग के अधिकारियों की प्रतिक्रिया और शिकायत पर हुई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

पाइपलाइन फटने और गंदे पानी की भी शिकायत

नौगांव सादात में पेयजल व्यवस्था को लेकर केवल सड़क किनारे खुदाई का मामला ही नहीं, बल्कि अन्य समस्याएं भी सामने आने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर के कुछ स्थानों पर पाइपलाइन फटने, नलों से गंदा पानी आने, सड़कों पर गड्ढे होने और जलभराव जैसी परेशानियां बनी हुई हैं।

यदि पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होती है या उसकी मरम्मत समय पर नहीं की जाती, तो लोगों को नियमित जलापूर्ति में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा, पाइपलाइन और आसपास की जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति की जांच भी जरूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गंदे पानी की शिकायतों के पीछे क्या कारण हैं।

हालांकि, इन समस्याओं की व्यापकता और उनके कारणों की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग की तकनीकी जांच आवश्यक है। स्थानीय लोगों की शिकायतों को देखते हुए पेयजल आपूर्ति, पाइपलाइन की गुणवत्ता और सड़क की स्थिति का संयुक्त निरीक्षण उपयोगी हो सकता है।

हर घर जल योजना के कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल

‘हर घर जल, हर घर नल’ योजना का उद्देश्य घरों तक सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके तहत पाइपलाइन बिछाने जैसे निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का पालन, खुदाई के बाद उचित भराव और सड़क की बहाली महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

नौगांव सादात में उठ रहे सवालों के बीच यह देखना जरूरी होगा कि पाइपलाइन बिछाने का कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया है या नहीं। साथ ही, सड़क के किनारे खुदाई की अनुमति, निर्माण कार्य की निगरानी और मरम्मत की जिम्मेदारी से संबंधित तथ्यों की जांच भी की जानी चाहिए।

यदि जांच में निर्माण संबंधी खामी सामने आती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय करते हुए सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। इससे न केवल सड़क की सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि पेयजल योजना के काम की गुणवत्ता को लेकर लोगों की चिंताओं का भी समाधान हो सकेगा।

स्थानीय लोगों ने की जांच और मरम्मत की मांग

स्थानीय लोगों की मांग है कि अमरोहा-बिजनौर मार्ग पर शोहरत आईटीआई स्कूल के पास सड़क किनारे की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। जहां सड़क कमजोर हुई है, वहां आवश्यक मरम्मत की जाए और खुदाई वाले हिस्से को सुरक्षित बनाया जाए। इसके साथ ही, पाइपलाइन की जांच कर जलापूर्ति से जुड़ी शिकायतों का भी समाधान किया जाए।

इसके अलावा, निर्माण कार्य में शामिल ठेकेदार और संबंधित विभाग की भूमिका की जांच करने की मांग भी उठाई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों पर समय रहते ध्यान दिया जाता है, तो संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन, जल निगम और नगर पंचायत इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, नौगांव सादात में सड़क किनारे धंसते ट्रकों की शिकायत और पेयजल व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे और सड़क व पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाएंगे।

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