बिजनौर में कतर की मस्जिद में इमाम की नौकरी का झांसा देकर ठगी, 1.17 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। नजीबाबाद थाना पुलिस ने कतर की मस्जिद में इमाम की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1 लाख 17 हजार 200 रुपये हड़पने के आरोप में एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शिकायतकर्ता को विश्वास में लेने के लिए कथित तौर पर कूटरचित नियुक्ति पत्र भी दिया था।

इस मामले में शिकायतकर्ता मौहम्मद जुबैर निवासी मौहल्ला सन्तोमालन, नजीबाबाद ने 2 अक्टूबर 2026 को पुलिस को तहरीर दी थी। शिकायत में ग्राम जसवंतपुर उर्फ लुकादड़ी निवासी इकबाल अहमद पुत्र लियाकत अहमद पर कतर में मस्जिद के इमाम की नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने और बाद में पैसे वापस मांगने पर धमकी देने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।

कतर में इमाम की नौकरी दिलाने का दिया था झांसा

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, मौहम्मद जुबैर को कतर की एक मस्जिद में इमाम की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया गया था। आरोप है कि इकबाल अहमद ने विदेश में नौकरी मिलने की बात कहकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग माध्यमों से पैसे लिए।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, बैंक ट्रांसफर, यूपीआई और अन्य खर्चों के नाम पर कुल 1,17,200 रुपये दिए गए। आरोप है कि नौकरी दिलाने के भरोसे को मजबूत करने के लिए आरोपी ने एक नियुक्ति पत्र भी उपलब्ध कराया, जिसे शिकायत में कूटरचित बताया गया है।

विदेश में नौकरी मिलने की उम्मीद में शिकायतकर्ता ने रकम दे दी। हालांकि, बाद में वीजा की अवधि समाप्त होने पर जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो कथित तौर पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

वीजा एक्सपायर होने के बाद पैसे मांगने पर धमकी का आरोप

शिकायत के अनुसार, वीजा एक्सपायर होने के बाद नौकरी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि इस पर पैसे लौटाने के बजाय उसे धमकी दी गई।

विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में नौकरी का भरोसा, नियुक्ति पत्र और वीजा संबंधी दस्तावेज अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में दस्तावेजों की सत्यता और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होती है।

इस प्रकरण में भी शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। नियुक्ति पत्र की वास्तविकता, रकम के लेनदेन और नौकरी दिलाने के दावे से जुड़े तथ्यों का आकलन जांच के आधार पर किया जाएगा।

नजीबाबाद पुलिस ने वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार

बिजनौर पुलिस के मुताबिक, नजीबाबाद थाना पुलिस ने इस मामले में वांछित चल रहे इकबाल अहमद को गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्राम जसवंतपुर उर्फ लुकादड़ी का निवासी बताया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी में यह भी बताया गया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी के दो अन्य मुकदमे दर्ज हैं। इनमें एक मामला नजीबाबाद थाने और दूसरा कोतवाली देहात में दर्ज बताया गया है।

हालांकि, अलग-अलग मामलों में दर्ज मुकदमों का होना अपने आप में आरोपों को सिद्ध नहीं करता। प्रत्येक मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तथ्यों का अंतिम निर्धारण होता है।

एसपी सिटी कृष्ण गोपाल सिंह ने दी जानकारी

इस मामले में एसपी सिटी कृष्ण गोपाल सिंह की बाइट भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत के संबंध में की गई है। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से 1,17,200 रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, कथित नियुक्ति पत्र और लेनदेन के विवरण की जांच महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, यह भी जांच का विषय होगा कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को कतर में नौकरी दिलाने के लिए वास्तव में क्या प्रक्रिया अपनाई थी।

विदेश में नौकरी के नाम पर भुगतान करते समय बरतें सावधानी

यह मामला विदेश में रोजगार पाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए सतर्क रहने की जरूरत भी बताता है। नौकरी के नाम पर रकम देने से पहले संबंधित नियोक्ता, भर्ती एजेंसी और नियुक्ति पत्र की प्रामाणिकता की जांच करना जरूरी है। इसके अलावा, वीजा और रोजगार से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से करनी चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का संदेह हो, तो भुगतान के प्रमाण, बैंक ट्रांसफर विवरण, यूपीआई रिकॉर्ड, बातचीत और उपलब्ध दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। जरूरत पड़ने पर पुलिस या संबंधित आधिकारिक एजेंसी से संपर्क करना उपयोगी हो सकता है।

फिलहाल, बिजनौर के नजीबाबाद थाना पुलिस ने कतर में इमाम की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप में वांछित इकबाल अहमद को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता ने 1 लाख 17 हजार 200 रुपये लेने, कथित फर्जी नियुक्ति पत्र देने और पैसे वापस मांगने पर धमकी देने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

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