जालौन में नवरात्रि पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 389 मार्गों पर CCTV से निगरानी; ड्रोन से भी नजर
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
जालौन: शारदीय नवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जालौन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। जिले में देवी मंदिरों, दुर्गा पूजा पंडालों और प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिए तकनीक और अतिरिक्त पुलिस बल की मदद ली है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना कर सकें और त्योहार का आनंद ले सकें।
पुलिस के अनुसार, जिले के 389 मार्गों और प्रमुख देवी मंदिरों पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन की मदद से भी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता बरतना और किसी भी संभावित समस्या पर समय रहते कार्रवाई करना है।
1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती, छह राजपत्रित अधिकारी संभालेंगे जिम्मेदारी
नवरात्रि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि जिले में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए छह राजपत्रित अधिकारियों और 1500 अराजपत्रित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा पीएसी को भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है।
पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, प्रमुख देवी मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा आयोजन स्थलों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
इसके अतिरिक्त, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे, ताकि भीड़ के बीच होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
CCTV और ड्रोन से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर
नवरात्रि के दौरान मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने निगरानी व्यवस्था को विशेष महत्व दिया है। जिले के 389 मार्गों और प्रमुख देवी मंदिरों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इससे संबंधित क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
वहीं, संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। इसका उद्देश्य ऐसे स्थानों की गतिविधियों पर नजर रखना है, जहां भीड़ जुटने या यातायात प्रभावित होने की आशंका हो सकती है। पुलिसकर्मियों को भीड़ प्रबंधन और सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही पुलिसकर्मी बॉडी-वॉर्न कैमरों के साथ ड्यूटी करेंगे। इन कैमरों के माध्यम से ड्यूटी के दौरान की गतिविधियों की निगरानी और आवश्यक परिस्थितियों में घटनाक्रम की समीक्षा करने में सहायता मिल सकती है।
डॉग स्क्वॉड, फायर सर्विस और क्राइम ब्रांच भी सक्रिय
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जालौन पुलिस ने विभिन्न विशेष इकाइयों को भी जिम्मेदारी सौंपी है। डॉग स्क्वॉड, फायर सर्विस, क्राइम ब्रांच और ड्रोन यूनिट को सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में लगाया गया है।
फायर सर्विस की सक्रियता से पूजा पंडालों और अन्य आयोजन स्थलों पर अग्नि सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। वहीं, क्राइम ब्रांच और अन्य पुलिस इकाइयां अपने निर्धारित दायित्वों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेंगी।
हालांकि, सुरक्षा इंतजामों की सफलता केवल पुलिस की तैनाती पर निर्भर नहीं करती। आयोजन समितियों और श्रद्धालुओं का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। इसलिए पुलिस प्रशासन ने संबंधित समितियों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया है।
सोशल मीडिया पर निगरानी, अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी
त्योहार के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए साइबर सेल को सक्रिय किया गया है। पुलिस ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि किसी भी ऐसी सूचना की पहचान की जा सके, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने, भ्रामक जानकारी प्रसारित करने या माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी भी संदेश या वीडियो को बिना पुष्टि किए साझा न करें। किसी सूचना की सत्यता को लेकर संदेह होने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क करना बेहतर होगा।
शांति समिति की बैठकों में धर्मगुरुओं और पूजा समितियों से संवाद
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक समन्वय पर भी ध्यान दिया है। इसके तहत विभिन्न थानों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों में धर्मगुरुओं, स्थानीय नागरिकों और दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया गया है।
बैठकों के माध्यम से लोगों से त्योहार को आपसी भाईचारे, सहयोग और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की गई है। साथ ही, आयोजन के दौरान प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी समस्या की जानकारी पुलिस को देने पर जोर दिया गया है।
स्थानीय स्तर पर संवाद बनाए रखने से छोटी-मोटी समस्याओं का समय रहते समाधान करने और अनावश्यक तनाव की स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है। इसलिए पुलिस ने आयोजकों और नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ सहयोग करने की अपेक्षा की है।
श्रद्धालुओं से पुलिस की अपील
एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने जालौन के नागरिकों से अपील की है कि वे नवरात्रि का पर्व शांति, श्रद्धा और आपसी सौहार्द के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अपुष्ट सूचनाओं को आगे प्रसारित करने से बचें।
उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं और सभी संबंधित इकाइयों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, जालौन में नवरात्रि को लेकर पुलिस प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष इकाइयों की तैनाती के साथ पुलिस का प्रयास है कि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें। अब इस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में आम नागरिकों, पूजा समितियों और स्थानीय समुदाय का सहयोग भी अहम रहेगा।

