बदायूं में पत्रकार योगेंद्र सिंह की दादी का निधन, विक्रांत यादव ने परिवार से मिलकर जताया शोक
रिपोर्ट – सैय्यद तुफैल अहमद
बदायूं: FM NEWS के बदायूं जिला संवाददाता योगेंद्र सिंह की दादी के निधन से परिवार में शोक का माहौल है। परिवार के बुजुर्ग सदस्य के निधन की सूचना मिलते ही रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और पत्रकार जगत से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दुख की घड़ी में बड़ी संख्या में लोग शोकाकुल परिवार से मिलने पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
निधन की जानकारी मिलने के बाद भाजपा नेता एवं सहसवान ब्लॉक प्रमुख पति विक्रांत यादव भी योगेंद्र सिंह के आवास पर पहुंचे। उन्होंने पत्रकार योगेंद्र सिंह और उनके परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत की और दुख की इस घड़ी में धैर्य बनाए रखने की अपील की।
परिवार से मिलकर जताई संवेदना
विक्रांत यादव ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात के दौरान कहा कि परिवार के बुजुर्ग का निधन हमेशा एक अपूरणीय क्षति होती है। बुजुर्ग परिवार के लिए अनुभव, मार्गदर्शन और स्नेह का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। ऐसे समय में परिवार को एक-दूसरे का सहारा बनकर आगे बढ़ने की जरूरत होती है।
उन्होंने योगेंद्र सिंह और उनके परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि दिवंगत की स्मृतियां हमेशा परिवार के साथ रहेंगी। साथ ही उन्होंने परिजनों से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ा रहना सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
इसके अलावा विक्रांत यादव ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने ईश्वर से शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
पत्रकार जगत और शुभचिंतकों ने जताया दुख
योगेंद्र सिंह की दादी के निधन की खबर मिलने के बाद पत्रकार जगत में भी शोक की भावना रही। उनके परिचित पत्रकारों और सहयोगियों ने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कई लोगों ने फोन के माध्यम से भी शोक व्यक्त करते हुए परिवार को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की बात कही।
वहीं, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों का भी शोकाकुल परिवार के घर पहुंचना जारी रहा। सभी ने परिजनों से मुलाकात कर दिवंगत के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को सांत्वना दी।
परिवार के सदस्यों ने संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे सभी लोगों का आभार जताया। परिजनों ने कहा कि दुख के समय रिश्तेदारों, मित्रों, परिचितों और शुभचिंतकों का साथ परिवार को भावनात्मक संबल देता है। लोगों की मौजूदगी और उनके सहयोग से परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत मिलती है।
दिवंगत की स्मृतियों को संजोकर रखने की अपील
मुलाकात के दौरान विक्रांत यादव ने परिवार के सदस्यों से कहा कि दिवंगत बुजुर्ग की अच्छी यादों को हमेशा संजोकर रखना चाहिए। परिवार के बुजुर्ग अपने अनुभव और स्नेह के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को महत्वपूर्ण सीख देते हैं। उनके जाने के बाद उनकी स्मृतियां ही परिवार के लिए प्रेरणा और भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम बनती हैं।
इसी क्रम में उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।
क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल
योगेंद्र सिंह की दादी के निधन के बाद परिवार के साथ-साथ परिचितों और शुभचिंतकों में भी शोक की भावना है। आसपास के लोगों ने परिवार के घर पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिलने की कामना की।
परिवार के लोगों ने नम आंखों से दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने भी दिवंगत के साथ बिताए समय को याद किया और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
वहीं, पत्रकार समुदाय से जुड़े लोगों ने भी योगेंद्र सिंह और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले सहयोगियों और परिचितों की ओर से मिले संदेशों से परिवार को भावनात्मक सहारा मिला।
इस अवसर पर परिवार के सदस्यों के अलावा रिश्तेदार, शुभचिंतक और क्षेत्र के अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को धैर्य रखने की कामना की।
कुल मिलाकर, योगेंद्र सिंह की दादी के निधन से परिवार में शोक का माहौल है। इस कठिन समय में रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और पत्रकार जगत के लोगों ने परिवार के साथ खड़े होकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। विक्रांत यादव की ओर से भी परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई गई और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

